00:00तेके सोसल मीडिया पर जो मैसेज देते हैं आम तोर पर हम एक्स की बात करें दूसरे माध्जम्स की बात
00:07करें इंस्टा की बात करें वहाँ अब जीट दीप के ने खुद और बाकी नेताओं ने भी समर्थन किया है
00:11अगर उनसे जब बात होती है तो निश्चित तौर को उनसे
00:14बात करके यह निश्चित तौर पर मुझे लगता है वो छात्रों के फितों के लिए काफी ज्यादा मतलब उनके लिए
00:21चिंता है और वो यह सोच भी रहे है तो जो तोटल की बात हुई है तो मुझे ऐसा लगता
00:25है कि आने वाले समय में और यह उनके लिए अच्छा भी रह�
01:02सबसे पहली बात हम सब सोच रहे और हम जब प्रोटेस्ट कबर कर रहे हैं तो हम समझ रहे थे
01:09कि कितना जरूरी था यह प्रोटेस्ट
01:11और मैंने हमने जब आपने और केशब जी और तमाम हमारे दूसरे साथियों ने जब लाइप किया था बारह माई
01:16को तब कोई सीजेपी का प्रोटेस्ट नहीं हुआ था तब मैं उस तमें उन पचास साथ्रों को जब गिरफतार कर
01:21किया हिरासत में लेके जाया रहा था तब म
01:37इट की बात नहीं हुई अगर जहारकंड की बात करें केशब जी ने बताया जो चुना हुए थे 24 तो
01:43से ठीक पहले पुलिस भरती परीक्षा लिक हुई थी तमाम परीक्षा लिक हो रही है लेकिन सभी बात ये है
01:48मुकुन कि बास्तब में अगर चात्र या युबा तरकार प
02:04आपको नेताओं को जबाब देहिते होगी कुर्सी छोड़नी पड़ेगी लेकिना मामला जो आ गया है जहारकंड का वह बहुत अलग
02:10है क्योंकि बहां पर सिख्या मंत्राल है वो है वो खुद मुकमंत्री के पास है गर वहां की बात करें
02:15उन्होंने मांग भी किती है जो है ह
02:34नहीं आ रहा है लेकिन हां उनका जो दिल है जो बात मैं समझ पा रहा है वो चात्रों के
02:39हिती करने की लगती है साइद राजनेतिक कई उलजने हैं उनके आगे क्योंकि प्रोटेस्ट में जिस तरीके से आमादमी पार्टी
02:45कॉंग्रेस और तमाम विपक्षी दलों ने उनको �
02:47इस तरीके से साहता किया बोनी दलों के स्टेट में अगर इस तरह की चीज हो रही है तो यह
02:53धर्म संकट तो उनके लिए है लेकिन मेरा ऐसा मानना है मैं अगर जीत दीट्य की जगह में होता या
02:59पिर सौरबदास की जगह में होता या मैं उनके सलाकार में होता है उनके साथ ह
03:05इस से बड़ा कोई ठर्म नहीं उससे बड़ी कोई राजनीती नहीं उस से बड़ा कोई कदम नहीं इन नेताओं के
03:12उल्जणों
03:27लेकिन आप वो करिए जिसके लिए युवाओने आपको नेता माना है और आपको जार कंड में खुले आम उन छात्रों
03:36की मदद करनी चाहिए यह लिपाप होती हम यह कर देंगे हम वो कर देंगे यह क्यों नहीं कर दिया
03:41यह चात्र यहां करके बैठ गए जब सुनंग बांग �
03:43करी तब सरकार थोड़ी हिली तो उसे लगा यह तो वीडियो का लाते हैं यह तो उसकी बात मान रहे
03:50हैं यह पूरा अंदोलन तो नहीं आगे यानि कब समझ लीजे का बास्तम में कितना डर है नेताओं में उनका
03:56साथ देने के बाद जूत तो मुझे लगता है मैं कहतो नहीं
04:00सकता है उनकी रणनीती है वो आगे क्या करेंगे लेकिन मैं इस बात से तो खुस हूँ कुछ मी सही
04:06चात्रों विवाओं के आगे तरकारों को थोड़ा ही सही जुगना तो पढ़ रहा है गल्ती माननी तो पढ़ रही है
04:12बनाने तो पढ़ रहे है इसलिए मैं मानता हूँ यह
04:14अदोलन जब हम प्रोडस का तब ही मैं इस आंदोलन की बात कर रहा तो आप लोग भी कर रहे
04:21थे कि बहां क्या होगा यूपी में क्या होगा लेकपाल क्या और पुलिस भर्ती क्या होगा पंजाब में क्या होगा
04:26राइस्थान में क्या होगा लेकिन महराष्ट में क्या होगा
04:29हलाकि बड़े स्तर पे कारव हुई है एक दिश्यत तर पे मिसाल काइम हुई है और मुझे लगता है अभी
04:35मैं और देखूँगा संपर्क खगालने कोशिश करूँगा कि बास दम में वो कितना कदम उठाई या ओहा पोह में राजनेतिक
04:41मुरा बन के रह जाते हैं
04:43बिल्कुल शिविन जी आपके पास फिर लोटेंगे लेकिन केशव जी भी हमें समझाने के कोशिश कर रहे थे किस तरह
04:52से सीजेपी और इजहारखन का अंदोलन आपस में कैसी समानता रखता है कितना अलग है आप कैसे देख पा रहे
04:57है अगर तीन बिंदू में हम समझना चाहे
04:59दोनों आंदोलन कैसे अलग है अगर बिरोध में दोनों ही आंदोलन शुरू हुआ था यहाँ था, यहाँ पर पॉलिٹ्कल डाइनामिक्स
05:18थोड़ा अलग है जो साथिय सिवेंस जी जो बात उन्होंने संकेतों में कहनेगी कोशिस कि थी मैं उसी को ठुरण
05:25और असपस्ट कर �
05:28जिल्ली के जन्तर मंतर पर प्रोटेस्ट चल चल रहा था तो इस्तिफा माणा जा रहा था भलति जनता पार्टी
05:35सरकार के सिख्छा मंतरी से हम जारखंड में हो रहा है तो उह पर सिख्छा मिंतरी मुंक्ने
05:48भी है उनसे जब यहां पर इस्तिफा मांगा जा रहा था तो सीजेपी तो एक प्रेसर ग्रूप है ही लेकिन
05:55उनके उनके साथ जो लोग मंच परा रहे थे वह इंडिया अलाइंस के सहयोगी है और विंके जरिवाल उस मंच
06:04पे आ रहे थे उनके जो साथी है वह मंच पाड़ी �
06:07सवाजवादी पार्टी के लोग मंच पे आ रहे थे
06:11CPICPM के लोग
06:12CJP के प्रोटेस्ट में शामिल हो रहे थे
06:14और यहां तक की कुछ
06:16छोटे मोटे कांग्रेस के
06:18प्रतनिधी भी उसमें दिखे थे
06:19अब सवाल है कि यह सारे लोग
06:40सवाजवादी प्रोटेस्ट के प्रोटेस्ट को
06:49वो पॉलिटिकल सपोर्ट नहीं मिलता है
06:52एक अंतर है
06:53दूसरा अंतर भी मैं बताता हूँ
06:55दिल्ली का जो CJP प्रोटेस्ट था
06:57इसमें जो सो कॉल्ड में इस्ट्री मीडिया है
07:00शुरवात में वो इसमें इतना
07:02इंट्रेस्टेड नहीं थी
07:03बलकुल
07:04अलबता ये प्रोटेस्ट राची में हो रहा है
07:07वहां पर देखिए
07:08बड़े-बड़े चैनल होगी
07:09ओवी भैन तैनात हैं
07:10तो दोनों साइड से
07:12इस स्टुडेंट प्रोटेस्ट में
07:15प्यासी गोटियां भी चली जा रही है
07:19भारत्य जंता पांटी
07:21अपना एक विकेट गवा चुकी है
07:24तो वो थोड़ा डिटैलियेट भी करेंगे
07:26लेकिन मैं कहता हूँ कि
07:28जारखंड की सरकार को
07:30वहां के मुख्यमंत्री खुद भी युवा है
07:33अपेक्षाकृत
07:34तो उनको थोड़ी सी समवेदन सीलता
07:36दिखाना चाहिए
07:37थोड़ा सा प्रोएक्टिवली
07:39चीजों को हैंडल करना चाहिए
07:42आउट ओफ हैंड नहीं जाने देना चाहिए
07:44एक चीज
07:46वहां हम उम्मीद कर सकते हैं
07:48कि यह लंबा नहीं चले
07:50प्रोटेस्ट का अपना महत्व है
07:52लोक तंत्र में अपनी बात रखने का
07:55सबसे अच्छा
07:56माध्यम इसी तरह के आंदोलन है
07:59जो नहीं शस्त्र हों अहिंसक हो
08:00लेकिन आखिर जो देश की
08:03जमापूंजी है
08:04जो भविश्य की जमापूंजी है
08:06इवाशक्ति वह अगर आंदोलन में ही
08:09बैठे रहे तो राष्ट निर्मान
08:11प्रभावित होता है
08:12और ये जो मांगे हैं इनकी कोई गैर वाजी
08:15या विलासिता सम्मंधी
08:17मांगे नहीं है
08:18इनकी मांगे जहें सीजेपी का प्रोटेस्ट हो
08:21दिल्ली में या फिर अभी जार्थंड का
08:23स्टुडेंट प्रोटेस्ट हो
08:24इनकी मांगे बहुत ही पर्टिनेंट है, बहुत ही वाजिब है, और सरकार को प्रोटिबली इस पर काम करना चाहिए था,
08:32जैसे 2024 का ही मामला है, वहाँ पर CID का जो एक्षन हुआ, अगर वो एक्षन बड़ी-बड़ी मचलियों पर
08:40गिरती, तो आज यह प्रोटेस्ट नहीं च
08:46करनी चाहिए, सरकारों को काम करने के लिए भी काम करना चाहिए, काम का कुछ अर्थ होता है, उससे किसी
08:54उद्देश्ट की सिद्धी हो, ऐसा काम करना चाहिए, सरकारें अब यह information क्रांती के बाद का दौर है, सूचनाएं इतनी
09:06तेजी से प्रसारित होती है, एक छोड़ से �
09:09दूसरे छोड़ तक पहुँचने में सेकेंड भर भी नहीं लगते हैं, लोगों को सूचनाओं का अधिकार है, चीजे समझते हैं,
09:18युवा जागरित है, उनको बहलाया नहीं जा सकता है, जो देर सीजेपी के प्रोटेस्ट में केंडर सरकार ने किया, हमारी
09:27उमीद है कि जा
09:28पारिखंड में शायद वो देर नहीं हो, लेकिन जहां तक बात रही प्रोटेस्ट की एक रूपता की, जो आउधार्मा के
09:36अस्तर पर वही है, अपनी मांग रख रहे हैं, जिन से उनका विरोध है गोदर्ज करा रहे हैं,
09:54लेकिन जो प्रेसर ग्रूप है, दोनों जगह अलग अलग है, यहां का जो प्रेसर ग्रूप था वो अलग है, वहां
10:02का प्रेसर ग्रूप अलग है, यहां का प्रेसर ग्रूप अलग है, कुछ सवाल भी आ रहे हैं, कुछ सवाल भी
10:08आ रहे हैं, कुछ सवाल भी आ रहे हैं, व
10:22कर सकते हैं संभाव ना देखे दवाव में तो है निश्यत तोर पर हेमन सुरेन को अभी अभी सकता तो
10:29मिली नहीं है 2019 से लगातार हो सकता में है 19 से 24 में उनके पास जो जनता के द्वारा
10:35दिया गया बहुमत था उनके गड़बंधन को उससे बड़ा बहुमत 2024 वाले चुनावे
10:39उनको मिला अकेले उनको 24 सीटे मिली थी उनके जो महागडबंधन को 56 सीटे मिली थी 81 में से तो
10:46जनता की काफी जादा पेक्षाएं थी खास कर इवाओं की चात्रों की लेकिन उन उमीतों पर आशाओं पर खरी उतरती
10:53हुई तो सरकार दिख नहीं रही अगर लगातार पेप
11:07करेगा आपको ध्यान रखना होगा देश में जैसे यह आबादी जादा संख्या में है राज्यों में भी जारखन में भी
11:15यहाओं की तादात काफी जादा है
11:172024 के चुनाव में हमने देखा था कि कैसे हेमन सुरेट जेल से लोट कर आते हैं उनसे चुनाव के
11:23दौरान
11:23कैसे युवाओं का उनके और आकरशनर दिखा था बड़ी संख्या में युवाओं ने जेमेम कोड दिया था
11:28तभी सरकार बन पाई थी रिपीट हो पाई थी तो सरकार दबाव में हैं अगर ये सारी जो पांच बड़ी
11:35मांगे हैं अगर वो मांगे पूरी नहीं हो पाती है ये आंदोलन और चलता है
11:41तो हो सकता है कि इस्तीफे तक भी बात आ जाए लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता कि जारखंड में कोई
11:47स्तीफा होगा क्योंकि दिल्ली वाला जंतरमंतर वाला जो आंदोलन था उस आंदोलन में आपको देखना पड़े या कि वो भीड
11:54क्या थी
11:54वहाँ पर वाम दे सकते हैं कि जारखंड वाला आंदोलन चात्रो का ही आंदोलन है परदे के पीछे से बीजेपी
12:00के लोग समर्थन दे रहे होंगे निश्यत तोर पर क्योंकि बीजेपी वहाँ पर विपक्ष का हिस्सा है लेकिन मैंने बीजेपी
12:07का जो चात्र संगठन है अ
12:22आंदोलन को टालती रहती है सरकार
12:24अगर गंभिरता से लेकर अभी विचार करेगी
12:26बातचीत करेगी तो हो सकता है
12:28बात यहीं पर रुख जाए
12:30जैसा कि नरेन मुदी सरकार ने किया था
12:32लंबा खिच गया आंदोलन
12:33सोनम वंग्चुक ने अपना आमन अंशन
12:36शुरू कर दिया तबियत थराव ही उसके बाद
12:37माहूल कैसे अचानक बदला था और फिर
12:39स्तीफे पर जाकर ही अंदोलन
12:41रुका है तो कहीं ऐसा अगर जारखन में होगा
12:44तो निश्यत तोर पर स्तीफे तक भी
13:14आ सकती है
13:16इतनी उम्मीद है इन चात्रों को कितना
13:18इंतिजार करना पड़ेगा अगर हम बात करें
13:20अगले 24-48 घंटे
13:22या 72 घंटे में इस आंदोलन की क्या
13:24रूप रेखा देख पा रहे हैं आप कितने सफलों पाएंगे
13:26चात्र दिखे इस आंदोलन को
13:46आपके तिश्चा मंत्री का बिरोद करते करते
13:48पूरे बीजे पी के बिरोद में आ लिया लिए और स्तारे
13:51लोग उसके खिलाब जाएंगे बीजे पी को आड़े हातों
13:54लेने चे लगे थे प्रधान मंत्री तक बात पहुशने लगी थी तो इसलिए
13:58आपने देखा कि अंतिम चड़नों में जब बहुत बड़ी संख्या मैं बार-बार कह रहा हूं संख्या
14:02नहीं होगी लोग सड़तों पर नहीं उतरेंगे तो सरकारे उसी साथ से अपना तोल करके
14:07ताकत तोल के डिसीजन लेती हैं इसमें कोई दो रहा है नहीं अभी पंजाब बाला मामला देख लो बहां भी
14:12इस तरह कांदोला नहीं है तो बहां कोई इस तरह की चीज़े नहीं हो रही है
14:16जहां पर आप देखेंगे कि जहां पर संख्याबल है
14:20अब यहां क्या दिक्कत है जो आपने कहा भी बीजेपी का अखिल वारती बिद्दारती परसत के लोग उतने दिखाई नहीं
14:25दे रहे
14:25समझसे क्या आ रही है जब आप तन्मठन वो भी है
14:28उसके साथ के लोगों ने भी नीटिया सब को देखा होगा तो कई बार ये आता है कि आपका साथी
14:35ही आपकी तरफ से जब बड़ी गलती पहले हो रखी हो उसके खिलाप इतना बड़ा आंदोना दखाओ तो वो जाने
14:41का मुझ क्या रहेगा आत्मी गिलानी सी आजाए आत्मी ग
14:57बात आया सी नौसट चुए काके बिल्डी हच को चला बोल सकता है कोई लेकिन उनको जाना चाहिए चात्रों का
15:03साथ देना चाहिए इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन ये एक समस्चा आएगी दूसरी बात मीडिया की बात है देखिए
15:09मीडिया का सीजेपी आंदोन को ले
15:27लेकिन जारखंड में इस मीडिया को वो दिक्कत नहीं है क्यों ये मीडिया आम तोर पे बीजेपी या सरकारी जो
15:34है तंत के साथ अक्तर दिखाई देती थी लोगों का मानना था कि ये सरकारी तरफ ज्यादा जुगाओ है इसका
15:40आम मुद्दो की तरफ गौन है तो इस तमें
15:42मीडिया के पास दो मौके हैं एक तो वो आम जन की अवाइड उठाने की भी बात कर सकती है
15:47दूस्ते सीजेपी में जो उसको आई लोचना का साथ साबना करना पड़ा वहां पर जाके वो कह सकती है इस
15:53अंगोल में वो चेहने को दिखाई नहीं दे रहे हैं इस उसके पास का�
16:03से आपको ज़्यादा तस्मीरे दिखाई दे रही हैं लेकिन बहां पर सचाई यह है तो मेरे सूतर बताते हैं उतनी
16:08बड़ी संक्या में लोग या उतना ज्यादा उस्सा नहीं है उतना ज्यादा वहां पर खात्रों का समर्थन पारा है तो
16:16यह समस्या है अब बीजेपी पी�
16:30का टूल भी बन गया है तो अब इस टूल का इस्तिमाल कौन भेतर करेगा लेकिन तो अब मैं इस
16:45दल के साथ हूं उसको लेकि अगर चात्रों वाओं के लिए फैसले लिये जाते रहेंगे उनका साथ देने में यह
16:52हिचकचाहट होगी तो चात्रांदोलन और वाओं के हित मिन
17:00मेरा ये मानना है, मैं मानता हूँ कि CJP को इसमें अपना स्टेंड खिलियर करना चाहिए, कि इतना खिलियर करना
17:07चाहिए कि उन छात्रों को लगे कि नहीं ये सिर्फ वहां तक नहीं थे, ये हमारे भी उतनी अपने हैं,
17:13हमारी बात को राश्टी, देखे CJP जब इसको हाथ सही स
17:16लेगी, तो इसको राश्टी इस तरफे दवाव बनेगा, मैं मानता हूँ कि इस्तीपा तो नहीं होगा मुखमंत्री का, बहुत सारी
17:22राजनेतिक बजह हैं, लेकिन दवाव इतना बनेगा, जिस तरह कि वो बात कर रहे हैं कि पब्लिक में आकर कि
17:28उनसे डिबेट की जाए, �
17:30वो गर नहीं पाएंगे, ये फरदा ठीक भी नहीं रहे हैं, मुखमंत्री का वहां पे आना किस तरह का बेवार
17:35हो जाए, तो थीक नहीं है, इसका बीच का रास्ता निकालना जरूरी है, और मुझे लगता है, ये रास्ता जो
17:41कि जो मुख महतो हैं, उनका जो है भू करता समा
17:58Download the OneIndia app now
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