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Hemant Soren का इस्तीफ़ा? Jharkhand Student Protest के 13वें दिन क्या हुआ बड़ा खुलासा! जानिए झारखंड आंदोलन की पूरी कहानी और क्या सच में मुख्यमंत्री पद छोड़ेगे हेमंत सोरेन।

The ongoing Jharkhand Student Protest has reached its 13th day, triggering intense political speculation regarding Chief Minister Hemant Soren's resignation. This video breaks down the core reasons behind the student agitation, the government's response, and the complete history of the movement in Jharkhand.

#JharkhandProtest #HemantSoren #BreakingNews #OneindiaHindi

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Transcript
00:00हिमन सुरेन सरकार क्या सिच्मुश दबाव में हैं दर्मेन प्रदान के तरह क्या यहां भी जहार खळट में भी स्वानों
00:06के बाद किसी स्टीफ़ी की हम कर सकते हैं समभावना
00:09देखे दवाव में तो है निश्यत तोर पर हेमन सुरेन को अभी अभी सत्ता तो मिली नहीं है
00:152019 से लगतार हो सत्ता में है
00:1719 से 24 में उनके पास जो जनता के द्वारा दिया गया बहुमत था उनके गड़बंधन को
00:22उससे बड़ा बहुमत 2024 वाले चुनावे उनको मिला
00:25अकेले उनको 34 सीटे मिली थी उनके जो महागडबंधन को 56 सीटे मिली थी
00:3081 में से तो जनता की काफी ज़्यादा पेक्षाएं थी खासकर इवाओं की चात्रों की
00:35लेकिन उन उमीदों पर आशाओं पर खरी उतरती हुई तो सरकार दिख नहीं रही अगर लगातार पेपर लिख हो रहा
00:42है
00:42तो अगर वो केंद्र की समस्या है तो जारखंड की भी समस्या है जारखंड की वसड़कों पर है और दबाव
00:47का ही नतीजा है
00:48जैसा कि मैंने बताया था कि चार मंत्रियों का एक समूह बनाया गया है जो जाकर इन से बात करेज़े
00:54आपको ज्याँ रखना होगा. जैसे यो आबादी जयादा संख्या में है, राज्यों में भी जारकंड में भी यमआओ की ताजात
01:02काफी जादा है.
01:022024 के चुनाव में हमने देखा था कि कैसे हेमन सुरेट जेल से लोट कर आते हैं उनसे चुनाव के
01:08दौरान
01:09कैसे युवाओं का उनके और आकरशनर दिखा था बड़ी संख्या में युवाओं ने जेमेम कोड दिया था
01:13तब ही सरकार बन पाई थी, repeat हो पाई थी तो सरकार दबाओ में हैं, अगर यह सारी जो पाँच
01:20बड़ी मांगे हैं, अगर वो मांगे पूरी नहीं हो पाती हैं, यह आंदूरन और चलता है
01:2425 जुलाई से जला है और किस्ता है तो हो सकता है कि इस्तीफे तक भी बात आ जाए लेकिन
01:31मुझे ऐसा नहीं लगता कि जारखंड में कोई स्तीफा होगा क्योंकि दिल्ली वाला जंतरमंतर वाला जो आंदोलन था उस आंदोलन
01:37में आपको देखना पड़े है कि वो भीड क्या थ
01:50लेकिन मैंने बीजेपी का जो छात्र संगठन है अखिल भारती विध्यार्थी परशक उसके नेताओं को वहाँ पर बड़ी संख्या में
01:57देखा नहीं है चात्रों की मौझे दिखी है तो दबाव में है जारखंड की हमन सुरें सरकार इस्तीफा होगा या
02:04नहीं ये इस बात
02:05पर निर्भर करेगा कि कितने लंबे समय तक इस आंदोलन को टालती रहती है सरकार अगर गंभिरता से लेकर अभी
02:11विचार करेगी बातचीत करेगी तो हो सकता है बात यहीं पर रुख जाए जैसा कि नरेन मोधी सरकार ने किया
02:17था लंबा खिच गया आंदोलन सोनम वंग्च
02:35शिविन जी आपके पास लोटना चाहेंगे अंधिम सवाली लेंगे आपसे और समझना चाहेंगे क्योंकि जब हम नजर डालते हैं सीजेपी
02:41के प्रोटेस्ट पे तो देखते हैं चैजून के आसपास वो प्रोटेस्ट शुरू हुआ लेकिन 20 तारीक के आसपास वो अपने
02:47
02:47असली रंग में नजर आया, वहां से मांगो पर बात हुई, वहां से समझौते की में इस सस्ती नजर आई
02:53और दो दिन दिन में हमने देखा कि आंधोलन खत्म होता है, 36 दिन लगबग लगे, सीजेपी को इस जीत
02:58हांसिल करने में, जहरकंट वाले आंधोलन को लेकर आपको कि
03:02इन चात्रों को कितना इंतिजार करना पड़ेगा, अगर हम बात करें, अगले 24-48 गंटे या 72 गंटे में इस
03:08आंधोलन की क्या रूप देखा देख पा रहे हैं, आप कितने सफलों पाएंगे चात्र?
03:12देखें इस आंधोलन को जिस तरह भी बैभब ने कहा, और रोवनी ने कहा, समर्थन को बास्तर में राज्ट, जो
03:20दिल्ली का अंधोलन था, उसे राजनिटिक दनों का एक समर्थन बड़ा मजबूता, किसानो काविश्त मर्थन थे, लेकिन बहुश्त मर्थन थे,
03:27लेकिन ब
03:41तक बात पहुशने लगी थी तो इसलिए आपने देखा कि अंतिम चड़नों में जब बहुत बड़ी संख्या मैं बार बार
03:47कह रहा हूं संख्या नहीं होगी लोग सड़तों पर नहीं उतरेंगे तो सरकारें उसी साफ से अपना तोल करके ताकत
03:53तोल के डिसीजन लेती इसमें क
03:56कि अंजाब बाला मामला देख लो बहां भी इस तरह का अंदोला नहीं है तो बहां कोई इस तरह की
04:00चीज़े नहीं हो रही है कहीं हो नहीं जहां पर आप देखेंगे कि जहां पर संख्या बल है अब यहां
04:06क्या दिक्कत है जो आपने कहा भी बीजे पी का अकिलवारती बिद
04:22पहले हो रखी हो उसके खिलाप इतना बड़ा आंदोलन दखाओ तो वो जाने का मुह क्या रहेगा आत्मी गिलानी सी
04:28अगर हमारी तरफ से पहले गलती हो उसी तरही गलती फिर विरोधी ने कई हो उंगली तो उठा सकते कि
04:37बहां पर ये गलत हो रहा है लेकिन उतना प्रेसर उ
04:52प्रूसी बात मीडिया की बात है देखिए मीडिया का सीजेपी आंदोलन को लेकर जिस तरह से राज सुरू में काफी
04:58तरह जो मेंस्टी मीडिया की हम बात करते हैं वो गायब रहे उसको यहां पर इसके लिए उसे काफी आकरोज
05:05का सामना करना पड़ा लोगों ने कई लोग
05:21के साथ अक्तर दिखाई देती थी लोगों का मानना था कि यह सरकारी तरफ ज़्यादा जुगा हो इसका आप मुद्दों
05:27की तरफ जो नहीं है तो इस समय मीडिया के पास दो मौके हैं एक तो वो आम जन की
05:31अवाज उठाने की भी बात कर सकती है दूसरे CJP में जो उसको आई
05:51लेकिन बहाँ पर सचाई यह है जो मेरे सूतर बताते हैं उतनी बड़ी संक्या में लो या उतना ज्यादा उस्सा
05:56नहीं है उतना ज्यादा बहाँ पर ठात्रों का समर्थन फाइनसली भी उनको उतना समर्थन नहीं मिल पा रहा है तो
06:02यह समस्या है अब बीजेपी पीछे से क
06:04इस तरह समर्थन करती है चुकि यह मामला उप सिर्छ चातांदोलन का नहीं रह गया यह पेपर रीक का नहीं
06:10रह गया यह एक्टुली एंडियो इंडिया गटवंदन के बीच में एक दूसरे के मूँ पर तमाचा माने का टूल भी
06:16बन गया है तो अब इस टूल का इस्तिमाल क�
06:32आतु उसको लेके अगर चात्रों एक लिए फैसले लिए जाते रहें नुका साथ देने में यह रह्ट होगी तो चात्र
06:39अंदोलन और इवाओं के मिन्स्चित तोर पर राजनेतिक दलों के ना कि चात्रों और इवाओं के हिसाथ होंगे मेरा यह
06:47मानना है मैं मानता हूँ कि CJ
06:49किसमें अपना स्टेंड खिलियर करना चाहिए कि इतना करना चाहिए कि उन च्छात्रों को लगे जिन ही। बहुत सरी राजनेतिक
07:08बजा हैं।
07:09लेकिन दबाव इतना बनेगा कि जिस तरह कि वो बात कर रहे हैं कि पब्लिक में आकर के उनसे डिबेट
07:15की जाए.
07:15वो गर नहीं पाएंगे, यह थीक भी नहीं रहे हैं, इसका बीच का रास्ता निकालना जरूरी है, और मुझे लगता
07:25है, यह रास्ता चुकि जो मुक महतो हैं, उनका भूखरता समया, उन्होंने इस तरह से पानी और वो कहा था,
07:32तो कमचे का पानी और नवक लेना तो सुरू क
07:34कर दिया है, लिक्षित तौर पर इसका हल निकलेगा, जल्दी निकलेगा, बेकुल, किर्शफ जी आपसे भी सवाल लगवग यही, समझना
07:40भी चाहेंगे इसके साथ ही, यह BGP की अपनी क्या भूमिका है, सत्ता धीशों की अपनी क्या भूमिका है, जो
07:45बेशक जहारखंड म
07:46सत्ता में नहीं है, लेकिन विपक्ष के तौर पर कितना साथ दे रहे हैं, जब जंतर मंतर हम याद करते
07:51हैं, सीजेवी प्रोटेस्ट याद करते हैं, तो जाहिर तौर पर वहाँ पर लेफ्ट की भूमिका तमाम विपक्षी दलों का पहुंचना,
07:56अकिलेश यादव, केश्र
07:57जिवार, जिब पल्यादर जैसे तमाम दिगज पहुंचे थे, तो वहाँ चात्रों में होसला बड़ा, लगातार संख्या बढ़ती नजर आई थी,
08:02जैसे कि कृश्व जी बताई रहे हैं, ग्राउंड रिपोर्ट की चात्रों की उतनी संख्या जारकंट में मौचूद नही
08:08हैं, वैसा दमखम नजर नहीं आ रहा जैसा जंतर मंतर पे था, तो आप कैसे देख रहे हैं इस नादूलं
08:13के भविश्य को आने वाले चौबिस, तरदालिस या फिर भातर गंटों को लेकर, या मुकुन जरासी बात मैं आपको जोड़
08:18दूँ, बल्कुल, शेवें जी, यह �
08:25बल्कुल, यह राज़नी थी, कई बाद चात्रों के साथ, सरकार के स्टैट क्या रहते हैं, वहां अगर कोई ऐसी बात
08:32होती है, जिस तरे इमोसन ने देखिए, भ्रहंदूस्तान हुपी कोई भी प्रदेश हो, जहारखंट भी वैसा ही है, अगर चात्रों
08:38के साथ, सरकार को �
08:41जैसे यहां पर आपस में कान्फिक्त हो गया और लाठी वाठी भी चलती दिखाई दी, तो फिर आंदोलन और भ्याबय
08:48और बड़ा हो जाता है, या फिस तरह सोनम बांक चुप को जिस तरह से उठाया गया था, तो ऐसी
08:52चीजों से सरकार को बचने के बजाए, वह उनका कद
09:11परतन वाली स्थिति होंगों उस पर डिपेंड करेगा मुकुर्ण बेलकुश वाण जी
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