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Sheikh Hasina Emotional Speech: संबोधन के दौरान भावुक हुईं Sheikh Hasina, क्या फिर बढ़ेंगे विवाद? | Oneindia Hindi

भारत में रहते हुए शेख हसीना के हालिया वर्चुअल संबोधन ने ढाका से लेकर नई दिल्ली तक भारी हलचल मचा दी है। संबोधन के दौरान शेख हसीना भावुक हो गईं, जिसके बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत के सामने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है!

बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक निजी संस्था द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि "मैं सिर्फ अपने देश से दूर हूँ, अपने देश के लोगों से नहीं।" भाषण के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब वे बेहद भावुक और रुआँसी हो गईं। हसीना ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और अवामी लीग (Awami League) के नेताओं को राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है।

इस संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर भारत के सामने कड़ा विरोध जताया। ढाका ने आरोप लगाया कि भारत की धरती से हसीना को इस तरह का सार्वजनिक बयान देने की इजाजत देना बांग्लादेश की संप्रभुता और जनभावनाओं के खिलाफ है। साथ ही ढाका ने वर्ष 2013 के द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते (Extradition Treaty) का हवाला देते हुए शेख हसीना को वापस भेजने की मांग भी दोहराई।

दूसरी ओर, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि यह किसी सरकारी संस्था का नहीं बल्कि एक निजी संगठन का कार्यक्रम था। इस वीडियो में देखिए पूरी इनसाइड स्टोरी और दोनों देशों के बीच गहराते कूटनीतिक तनाव की विस्तृत रिपोर्ट।


Former Bangladesh Prime Minister Sheikh Hasina turned emotional during a virtual address from India, declaring that she is only away from her country, not her people. The speech sparked severe backlash from Bangladesh's interim government led by Muhammad Yunus, which issued a formal protest to India regarding public statements from her while renewing extradition requests under the 2013 treaty.


#SheikhHasina #IndiaBangladesh #MuhammadYunus #DhakaNews

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Transcript
00:00पंग्लदेश की राजनीती में एक बार फिर बड़ा भूचाला चुका है। देश की अप अदस्तपुर्व प्रधानमंत्री शेक हसीना ने भारत
00:07में रहते हुए अंतरम सरकार के मुख्य सलाकार मुहम्मद यूनुस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है।
00:13अपने वर्चुल संबोधन में शेक हसीना ने कहा कि मैं सिर्फ अपने देश से दूर हूँ अपने देश के लोगों
00:20से नहीं। इस बयान से धाका से लेकर नई दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस संबोधन के
00:26दौरान एक वक्त ऐसा भी आया कि शेक हसीना र�
00:42लगी और सब कुछ क्या पूरी घटना है आईए आपको पूरी कहानी बताते हैं। नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर
00:49और आप देख रहे हैं वनेंडिया हिंडिक हसीना ने आरोप लगाया कि बंगलादेश में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा
00:56है और अंतरम सरकार रा�
01:10आथकों से कहा कि वे डरे नहीं और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाए रखें। अपने संबोधन में उन्होंने
01:17बांगलादेश में अल्प संक्योकों की सुरक्षा, कानून विवस्था और हिंसा की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि
01:24मौजूदा
01:25हालात में आम लोगों के अधिकार सुरक्षत नहीं है और देश की अस्त हिरता की ओर धकेला जा रहा है।
01:31लेकिन शेख हसीना का ये बयान बांगलादेश की सरकार को बिल्कुल भी रास नहीं आया। धाका ने भारत के सामने
01:36कड़ी आपत्ती दर्ज कराई है। बांगलादे
01:52में जुलाई करांती की दूसरी वर्ष गाठ मनाई जा रही थी उसे दिन नई दिल्ली से शेख हसीना का सारवजनिक
01:58संबोधन बेहत दुर्भागय पून था। प्रदेश मंत्राले ने आरोप लगाया कि सकार एक्रम से बांगलादेश के लोगों की भावनाएं आहत
02:05हुई ह
02:06और ये उनकी संप्रभुता के सम्मान के अनुरूप नहीं है। बांगलादेश सरकार ने ये भी आरोप लगाया कि शेख हसीना
02:13ने अपने भाशन में सयुक्त राष्ट की उन रिपोर्ट्स को खारीज करने की कोशिश की जुन में जुलाई अगस्ट 2014
02:20के दौरान हुई हिंस
02:24सरकार का कहना है कि इतिहास को बदलने की किसी भी कोशिश को बांगलादेश की जनता स्विकार नहीं करें। इतरा
02:30ही नहीं धाका ने दुहराया कि उसने वर्ष 2013 के भारत बांगलादेश प्रतियारपन समझोते के तहत कई बार शेक हसीना
02:37को वापस भेशने का नुरूद किय
02:39लेकिन अब तक भारत की ओर से कोई सकरात्मक जवाब नहीं मिला है। बांगलादेश का कहना है कि ऐसे समय
02:46में उन्हें भारत से राश्रितिक संदेश देने के अनुमते मिलना दोनों देशों के रिष्टे के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
03:10दूसरी और भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि ये कारेकरम किसी सरकारी संस्था का नहीं बलकि एक
03:16नीजी संगठन का आयोजन था और सरकार का इससे कोई प्रित्यक्ष संबंध नहीं है।
03:40दूसरी और भारत सरकार का नहीं है।
03:57और भारत सरकार का नहीं है।
04:15और भारत सरकार कि उनलादेस प्राइश प्राइश का नहीं है।
04:20इसक्षटर का नहीं है।
04:22और भारत साफ प्राइश रिकी की का नहीं है।
04:30now government to government relationship that is different but india always
04:38has been a great friend and i know they will remind that now about us yes
04:48i told you that i i i was not ready to leave my country i didn't know that i am
04:52coming here but
04:54somehow i reach here one day perhaps it will be another how i am i have because our all our
05:04people the government they brought me here i but they took shelter okay so as a friendly country
05:14they always remain as a friend but i want to go back to my own country
05:23so i believe that i should go i'm going for my people it is not the matter of government last
05:32time you went back to bangladesh in 1981 you went to the nizamuddin dargah which has a very strong
05:39connect with your family will you go to the dargah this time again given the fact that your father
05:45also had a connect with the dargah going back to bangladesh i already told you and visiting the
05:51this is a serene place this is our custom definitely usually do it so nizamuddin
05:59or any place we can go we can visit
06:31ndizamuddin
07:01ndizamuddin
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