Skip to playerSkip to main content
  • 1 week ago
New kids and family story enjoy your day and watch with family Tension killer 💪

Category

📚
Learning
Transcript
00:00दूर दराज एक ऐसा खौफनाक और घना जंगल था, जहांके दरख्त इतने पुराने और उंचे थे, कि उनकी टहनियां आपस
00:09में उलहच कर आस्मान को ढांप लेती थी, जिसकी वजह से दिन के वक्त भी वहां एक मनहूस सा अंधेरा
00:15चाया रहता था.
00:16इसी जंगल के एन दर्मियान एक शुकस्ता हाल और कदीम किला था, मशूर ये था कि इस गिले में किसी
00:24बदरूह का बसे रहे, सूरज ढलते ही वहां अजीब और गरीब साए हरकत करने लगते थे.
00:30मकामी लोगों का मानना था कि ये कोई मामूली जानवर नहीं, बलकि वो खबीस बदरूह खुद थी, जो अपनी पहचान
00:37चुपाने के लिए ये रूप धारती थी.
00:40कभी वहां काली बिल्ली दिखाई देती थी, तो कभी वो एक हैबतनाक उलू की सूरत इख्तियार कर लेती थी.
00:46वो उलू किले के शिकस्ता मीनार पर बैटकर ऐसी दिल खराश आवाजे निकाता था, कि पूरे जंगल पर मौत जैसी
00:54खामोशी तारी हो जाती थी.
00:56लेकिन रात के होते ही, वो अपने असल रूप में आ जाती थी.
01:00सबसे ज्यादा खौफनाक उसकी आँखें थी, जो किसी सुलकते हुए अंगारों की मानिन सुर्ख और दहकती हुई नजर आती थी.
01:09इस पुरसरार किले के गिर्द एक ऐसा तिलिसमाती हिसार कीचा हुआ था, कि अगर कोई बदकिस्मत इसके सौ कदम के
01:17दाइरे में कदम रखता था, तो वो वहीं किसी पत्थर के बुद की तरह जम कर रह जाता.
01:28लेकिन अगर कोई मासूम दोशीजा इस हिसार की जब में आ जाती थी, तो उसका अंजाम और भी हॉलनाक होता
01:34था, वो बदरूह अपनी जादूई कोवत से इस लड़की को फॉरन एक खुबसूरत परिंदे में तबदील कर देती थी.
01:55फिर वो उसे बेद के बने हुए एक बिंजरे में कैद करके केले की एक तारीक कमरे में पहुँचा देती
02:00थी.
02:11करीबी गाउं में एक लड़की फ्लोरिंदा रहती थी, जो गाउं की बाकी तमाम लड़कियों से सबसे ज्यादा खुबसूरत थी.
02:17फ्लोरिंदा से एक लड़का सच्चा इश्ग करता था, उसका नाम फ्लोरिंदा.
02:35जब भी उनको मौका मिला करता था, वो एक दूसरे से मिलने आया करते थे और घंटों वक्त साथ ही
02:43गुजारा करते थे.
02:49बेरियों की जाड़ी बस थोड़ी दूर ही है, आज खा कर जाएंगे.
02:54ओरे, बेरियों की जाड़ी, ये देखो, कितनी सुन्दर बेरीज हैं.
02:58हाँ, बिल्कुल, तुम चुन दो.
03:00लो, ट्राइ करो, कितनी टेस्टी हैं.
03:14जंगल में वो उस अजीब सी बिल्ली का पीछा करते रहे, यहां तक के रात हो गई.
03:18लेकिन बिल्ली थी के रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी.
03:22आखिरकार चलते-चलते, वो वहां मौजूद जाड़ियों में गाइब हो गई.
03:29इदर गी? अभी तो इदर थी?
03:32बिल्ली के गाइब होते ही, करीबी दरख्त की टहनी पर एक अजीब और गरीब सा उल्लू बैठा शोर मचाने लगा.
03:39ऐसा महसूस होता था, जैसे वो उल्लू उनको अपनी तरफ मुखातिब कर रहा हो.
03:45तुमने कुछ नोट किया?
03:47हाँ, बिल्ली की आँखे भी सुर्ख थी, और अब इस उल्लू की भी सुर्ख है.
03:56ये तो उड़ गया?
03:57कुछ तो राज है, हमें पीछा करना होगा इसका.
04:11उल्लू का पीछा करते करते, वो दोनों जंगल में वाकि उसी आसीबे के लेके करीब आप पहुँचे.
04:16वहां मुकंबल सा नाटा था और अजीब सी दह्शत तारी थी.
04:38फ्लोरिंदा के मुँझ से बेसाखता अजीबो गरीब अलफास निकलने लगे और देखते ही देखते वो एक परिंदे में बदल गई.
04:56अचानक वहां वही है बतनाक उल्लू आया.
05:00पलक छपकते ही फ्लोरिंद एक पत्थर का मुझसिमा बिन गया.
05:04तब उल्लू ने अपनी असल शकल धारी, जो के दर हकीकत उस बदरूह का ही एक रूप था.
05:11देखो इसे कैसे लाचार खड़ा है.
05:14तुझे क्या लगता था तो फ्लोरिंदा को मुझसे बचा सकेगा?
05:21मैं तुझे मौत नहीं दूँगी, बलके एक जिन्दगी दूँगी जो रोने और तडपने के लिए होगी.
05:29मेरे इस जादूए किले के दर्वाजों को कोई आम इनसान खोल ही नहीं सकता.
05:35सलाम तुझे जैकियल!
05:38जब तक चांद की रोश्णी स्पिंजरे पर है, जैकियल इसे अभी अजाद कर दो!
05:58फ्लोरिंदा से बिछडने के बाद फ्लोरियन का दिल बोजहल और रूह जखमी थी.
06:04वो उस मनहूस जगह से दूर निकल गया और आखिरकार एक अजनभी बस्ती में जा पहुँचा.
06:10वहाँ उसने अपनी जिन्दगी के कई साल एक चर्वाहे की हैसियत से गुजारे.
06:14वो अक्सर उस वीरान और खौफनाक जंगल की तरफ लोटाता था और उस पुर असरार कले के गिर्द चक्कर लगाता
06:21रहता था.
06:21लेकिन वो बहुत मोहताद था.
06:23उसे उस खबीज जादूगर्णी के जादूई हिसार का बखूबी अंदाजा हो चुका था.
06:28इसलिए वो कले के करीब तो जाता मगर कभी इतना करीब ना होता कि उसके तिलिसमाती दाइरे की जद में
06:34आ जाए.
06:35वो बस दूर से उन ऊची फसीलों को देखता और अपनी फ्लॉरिंदा की याद में आहें भरता.
06:40इस उमीद में कि शायद कभी उसे आजाद कराने का कोई रास्ता मिल जाए.
06:50इतने अरसे बाद उस रात फ्लॉरिंद सुकून की नीन्द सो पाया था.
06:54लेकिन उस रात का खाब कोई आम खाब नहीं, बलके उसके लिए एक इशारा था.
07:10इस पुरसरार खाब के बाद फ्लॉरिंद के दिल में उमीद की एक नई किरन जागी,
07:15और वो उस नायाब सुर्ख गुलाब की तलाश में निकल खड़ा हुआ.
07:18उसके रास्ते में बलंदो बाला और पत्रीले पहाड आये, जिनकी हैबत किसी आम इनसान के कदम डगमगा देती,
07:25मगर उसने हिम्मत ना हारी.
07:27वो पुखता अजन के साथ उन दुशवार गुजार चोटियों पर चड़ता गया,
07:31जहां हवा की तेजी और रास्तों की सखती कदम कदम पर उसका इम्तिहान ले रही थी.
07:36उसकी नजरें सिर्फ उस सुर्ख गुलाब को तलाश कर रही थी जो उसने खाब में देखा था.
07:41मगर अफसूस, घंटों की मुशक्कत और मीलों का सफर तै करने के बावजूद,
08:01जादूई आँखों को सुकून बख्ष रहा था, मगर फ्लोरियन अब भी अपनी उकाबी निजरों से उस फूल की खोज में
08:07था,
08:07क्योंकि उसे यकीन था कि इन जादूई वादियों के किसी ना किसी कोशे में वो सुर्ख गुलाब जरूर चुपा होगा,
08:13जो उसकी जिन्दगी की खुशियां वापस ला सकता है,
08:17आखिरकार नवे दिन की सुभा, वो एक ऐसी जगा पहुँचा जहां चारों तरफ घनी और हरी भरी जाडियां थी,
08:23वहाँ उसकी नजर एक ऐसे फूल पर पड़ी, जिसे देखकर उसकी आँखें चमक उठी,
08:27ये वही चादूई सुर्ख गुलाब मालूम होता था जो उसने खाब में देखा था,
08:31जिसकी पंखडियों के एन दर्मियान एक चमकता हुआ सफेट मोधी जड़ा हुआ था,
08:36फ्लॉरियन ने बड़ी अकीदत और एहतियाद से उस फूल को तोड़ा,
08:40जैसे ही फूल उसके हाथ में आया,
08:42उसके गिर्द एक नूरानी हिसार बन गया,
08:44जो उसे हर किस्म के जादूई नुकसान से बचाने के लिए काफी था,
08:48वो अपने पहले मकसद में आखिरकार काम्याब हो चुका था,
08:53वो बगेर किसी खौफ के उस आसी भी महल की तरफ रवाना हुआ,
08:57जैसे जैसे वो महल के गरीब पहुँच रहा था,
08:59जंगल की फिजा भारी और खौफनाक होती चली गई,
09:03दरख्तों के तने और पत्थरों के पीछे से धुए के काले बादलों की शकल में,
09:07खबीस रूहें उस पर जबर्तने की कोशिश करती थी,
09:10मगर वो जादूई गुलाब उसके लिए एक नाकाबल तस्खीर ढाल साबित हुआ,
09:14जैसे ही कोई शैतानी साया या जादूई वार इस हिसार से टकराता,
09:18वो एक जोरदार चमक के साथ पाश पाश हो जाता था,
09:21यहां तक के वो किले के मनहूस दर्वाजे के एन सामने आ खड़ा हुआ,
09:25उसने जादूई गुलाब को दर्वाजे से लगाया,
09:27एक जोरदार कड़क के साथ वो दर्वाजा जो सधियों से बन था,
09:31खुद बखुद खुलता चला गया,
09:32किले के अंधेरे और सुनसान रहधारियों में चलते हुए,
09:36फ्लोरियन को परिंदों के चहचाने की आवाज सुनाई दी,
09:39जैसे ही उसने कमरे के अंदर जहांका,
09:42उसके होश उड़ गय,
09:43वहाँ हजारों परिंदों के पिंजड़े कतार तर कतार रखे हुए थे,
09:47प्यारी चिडिया,
09:48कैद रहो मेरे पास हमेशा के लिए,
09:53मकार जादुगर्नी आज तुम्हारा आखरी दिन है,
10:16फ्लोरिंडा, क्या ये तुम हो?
10:22मैंने तुम्हें बहुत मिस किया, फ्लोरियन,
10:25फ्लोरियन जल्दी करो, अब हमें यहां मौझूद बाकी सब को भी आजाद करना है,
10:30फ्लोरियन और फ्लोरिंडा ने जादुई फूल की मदद से,
10:34वहां मौझूद बाकी तमाम लड़कियों को भी आजाद किया,
10:38ये उन दोनों का एक दूसरे के लिए सच्चा जजबा ही था,
10:41जिसने उन्हें दोबारा से एक कर दिया,

Recommended