00:00एक दिन छुट्टी के मौके पर चार दोस्त अली, बिलाल, साद और हमजा ने फैसला किया कि वो छट पर
00:06जमा होकर कैरम बोड खेलेंगे।
00:08शाम का वक्त था आस्मान पर पतंगे ओड रही थी और हलकी हवा चल रही थी।
00:13अली ने कहा, आज हम टीम बना कर खेलेंगे और जो जीतेगा उसे पतंग उडाने की बारी मिलेगी, सब बहुत
00:21खुश हुए।
00:22खेल शुरू हुआ, कभी कोई जीतता तो कभी कोई हारता, लेकिन सब के चेहरों पर हसी थी।
00:27बिलाल ने अचानक जीत का पॉइंट मारा, तो सब ने तालियां बजाई, फिर वो सब मिलकर छट पर पतंगे उडाने
00:35लगे।
00:35एक बुजर्ग दादा जी ने नीचे से देखा और मुस्कुरा कर कहा, यही तो असल बचपन है, दोस्ती, खेल और
00:43हसी।
00:44बचपन की खुश्या महंगी चीजों में नहीं बलकि सादा खेल, सचे दोस्तों और छटों पर गुजरे लम्हों में होती हैं।
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