- 2 days ago
मृतयुतंत्र Horror Story Horror Stories in Hindi Animated Story Scary Hub Live Stream😱
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00:09Shreyya Shreyya Kuch Nih Ooga Tumhye
00:11MEN AABY HOUSPITER LLE KER JALTAR HUN TUMHYE
00:14Shreyya Ki HALT BAHAT KHARAB TAY
00:17RACHIT NENE USE APNI GOD ME ANUGHTHAYA
00:19OR JLDI SE USE GARI MEAN BITHAYA
00:22MAKER SISSE PAHLE WAU APNI GARI SHURU KARPANTHA
00:25Shreyya NENE USE WAKT APNA TAX TODDIYA
00:31श्रिया, नहीं श्रिया, तुम मुझे छोड़ कर नहीं जा सकते, श्रिया
00:36रचित की जोर-जोर से रोने की आवाद सुनकर, रचित के मम्मी पापा दोड़ते हुए घर से बाहर निकले
00:44अपने आखों के सामने श्रिया का श्रिया का श्रिया देख कर, उनके पहरो तले से भी जमीन किसब गई, क्यूंकि
00:52एक दिन पहले तक तो श्रिया बिल्कुल हस्ती खिल खिलाती थी, अचानक से उसे ऐसा क्या हुआ, कि कुछ घंटों
00:59के भीतर ही वो चल बसी, रचित का हाल रो
01:02रोकर बिहाल हो चुका था, रात के समय चिता को अगनी नहीं दी जा सकती थी, इसलिए सुबा तक श्रिया
01:10के शव को घर पर जमीन पर रखा गया, लेकिन पूरी रात श्रिया के शव को अपने सामने देख कर,
01:17रचित अंदर ही अंदर खत्मों होता जा रहा था, उसने अपन
01:21सुद्भूद खो दी थी, सुबा जब श्रिया की चिता को अगनी दी गई, तो रचित की आंखों से आंसु बरस
01:28पड़े, खुद को संभालो बेटा, मैं जानता हूँ कि तरह जीवन में दुखों का पहड तूट पड़ा है, लेकिन भगवान
01:37के निर्नाय को मानने के अलाव
01:39हम इस वक्त और कुछ नहीं कर सकते, तुझे खुद को संभालना ही होगा बेटा, रचित के मम्मी पापा उसे
01:48हिम्मत देते हुए घर ले आये, रचित ने कल रात से ही कुछ भी खाया पिया नहीं था, श्रिया की
01:55फोटो को अपने हाथ में पकड़े हुए ही, वो सो गया, म�
02:09ये मुझे ले जाएगी, मैं मरना नहीं चाहती, रचित मैं मरना नहीं चाहती।
02:40foreign
02:45foreign
02:46foreign
02:49foreign
02:50foreign
02:51foreign
03:19४४४४४४
03:23श्रया कहां जा रही हो तुम प्लीज मुझे चोड़ कर मत जाओ श्रया
03:32चलते चलते श्रया छ्षत पर पहुचे और उसके साथ साथ रचीत भी वहां पहुच गया
03:38but then she left her
03:40and she took a front
03:44and she moved there
03:46and behind her
03:47a handy was able to see her
03:48he is able to go
03:49and what happened to her
03:50which turned out
03:52she walked in her
03:55and she jumped in her
03:55and she looked down
03:57and she looked down
03:58and she looked down
04:01this was what happened
04:02how can't it be?
04:02this handy is able to come to come
04:04and this was where my way
04:06is being felt
04:07Rachit was very hard to escape from the front of the door.
04:19But he didn't open a door.
04:22He would have pushed to the back of his hand.
04:27And he would have pushed to the back of his hand.
04:31He would have pushed the back of his hand.
04:37और बेहत भयानक आवाज की गूंज वहाँ उठी
04:41आधी रात को अपनी आँखों के सामने ये नजारा देख कर
04:45रचित इतनी बुरी तरह डर गया कि वहीं पर बेहोश होकर गिर पड़ा
04:51सुबा जब सुरज की पहली किरन उसके चेहरे पर पड़ी
04:54तो उसकी आँख खुली और रात का वो नजारा उसकी आँखों के सामने आ गया
05:00वो उठा और दर्वाजा खोल कर सीधा नीचे की तरफ भाग गया
05:08रचित क्या हुआ तुझे तु इतना घबराया हुआ क्यों है और तू उपर कब गया
05:13रचित ने अपनी मम्मी पापा को पिछली रात घटी सारी बात बताई
05:18तो उसकी मा की भी पहरो तले से जमेन खिसक गई
05:22लेकिन उसके पापा इन सब बातों को मानने को तयार नहीं थे
05:26बहु की मौत का तुम्हारे दिमाग पर गहरा असर हुआ है रचित
05:31इसलिए तुम्हें ऐसे ऐसे भ्रहम हो रहे हैं
05:34तुम थोड़े दिन के लिए यहां से कहीं दूर चले जाओ
05:36नए महौल में जाओगे तो खुद को संभालने में थोड़ी मदद मिलेगी
05:41रचित के पापा ने उसके दोस्तों को उसकी हालत के बारे में बताया
05:45और उसके दोस्तों ने उसके लिए एक ट्रिप प्लान किया
05:49और उसे लेने के लिए उसके घर आ गए
05:53रचित मेरे दोस्त मनानली का प्लान बनाया तेरे लिए
05:56और तेरी न हम बिलकुल नहीं सुनने वाले
05:58जल्दी से उठ हमारे साथ चल
06:00रचित ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया
06:04और बस एक टक अपनी नजरें दिवार की और गड़ाए बैठा रहा
06:08उसके चहरे पर कोई भाव नहीं थे
06:11ऐसा लग रहा था
06:13जैसे वो अपने होश में ही नहीं है
06:16क्या हुआ तुझे?
06:18कुछ बोल क्यों नहीं रहा है तू
06:20तू ठीक तो है ना मेरे भाई
06:23रचित!
06:24रचित!
06:25रचित ने घूरते हुए अमन की तरफ देखा
06:29और अपनी टेबल पर रखे पानी के जग को अपने सर पर दे मारा
06:33जग का काँजिव के सर में जोव गया
06:36उसके माथे से खून रिसकर नीचे गिरने लगा
06:39उसकी ऐसी हालत देखकर
06:42अमन बुरी तरह घबरा गया
06:44ये क्या कर रहा है तू?
06:46पागल हो गया है क्या?
06:48अमन के चिल्लाने की आवाज से उसकी मम्मी दोड़ते हुए वहाई
06:53और अचित की हालत देखकर उसकी चीक निकल गया
06:56उन्होंने घर पर डॉक्टर को बुलाया
06:59और डॉक्टर ने उसकी ड्रेसिंग करके उसे खाने के लिए कुछ दवाईयां दे दे
07:05दिखे, बीबी की मौत का गहरा सदमा लगाया है उन्हें
07:08इस समय उन्हें आप बिल्कुल भी अकेला मत छुड़िएगा
07:11पर नहीं ये फिर से खुद को नुक्सान पहुँचा सकते है
07:13और ये कुछ दवाईया है
07:16इससे इनका माइन्ड रिलेक्स होगा
07:18और इन्हें नीन्द आ जाएगी
07:20थैंक्यू डॉक्टर
07:22कुछ देर बाद अमन भी अपने घर चला गया
07:25रचित अकेला ना रहे
07:27इसलिए उसके पापा उसे नीन्द की दवाई दे कर
07:29उसके साथ ही सो गय
07:31थोड़ी देर में रचित गहरी नीन्द में सो गया
07:35मगर आधी रात को रचित के पापा के कानों में
07:39किसी की फुस्फुसाट की आवाज पड़ी
07:42और उस आवाज से उनकी नीन्द खुल गई
07:45उन्होंने बिस्तर पर देखा
07:47तो रचित वहाँ पर नहीं था
07:49दवी वो अपने बिस्तर से उठे
07:52तो रचित आइने के सामने बैठ कर
07:54दवी हुई हसी हसते हुए
07:56ठूंटे खुद को देखकर कुछ फुस्फुसा आ रहा
07:59था
08:01रचित बेटा रचित
08:02ये क्या कर रहा है तो
08:03मुझे टर लग रहा है बेटा
08:06वापसाजा अपने विस्तर पर आकर
08:08सूजा बेटा
08:13अवाज नहीं
08:14अप तेरा बेटा कभी
08:16नहीं सूएगा
08:17না নাই-নাই- সোেগা লেকিন এসি নিনে সোেগা জিস নিনে যে কৌভিিননে উঠেগা হাহাহাহা
08:44और उसके सर पर अंगीनत काच के टुकडे चूप गए।
08:48Mohan बुरी तरह डर चुका था।
08:50उसने जल्दी से विमला को उठाया।
08:53और वो दोनों उसे अस्पतान लेकर गए।
08:56डॉक्टर ने उसके सर से काच के टुकडे निकाले।
08:58और टाकों से उसकी खाल को वापस जोड़ा गया
09:04देखिए हम जितना सोच रहे थे ये केस तो उससे कहीं ज्यादा बिगड़ चुका है
09:08आपके बेटे को एक अच्छे मनोबिग्यान की ज़रूरत है
09:11बरना वो खुद को नुकसान पहुँचा कर खुद को खत्म कर लेगा
09:15हम भी नहीं जानते हैं
09:17अभी हमें इसी यहीं पर एड्मिट करके रखना होगा
09:19अभी इने डिस्चार्ज करना बिल्कुल भी सेफ नहीं है
09:23रचित के मम्मी पापा को घर भेज दिया गया
09:26अगली सुबा जब वो हॉस्पिटल उसे देखने आये
09:29तो एक रात में रचित का चहरा ऐसा हो गया
09:33जैसे उसके शरीर के भीतर जान ही नहीं बची है
09:36आँखों के नीचे गहरे काले गड़े चागए
09:39शरीर का धामांस जैसे एक ही रात में सूख गया
09:44मुझे रचित की हालत सामान नहीं लगती जी
09:47मुझे तो मेरे बच्चे के उपर कोई उपरी चकर लगता है
09:51याद है आपको उस दिन रचित क्या कह रहा था
09:53उसने अपनी च्छत के उपर वो हांडी देखी थी
09:56और उसी वक्त वो बहुत तेज आवास के साथ भढ़ गई थी
10:00लगता है हमारे रचित के साथ कोई क्रिया की गई है
10:03और सिर्फ रचित के साथ ही नहीं
10:06मुझे तो बहु की मौद भी सामाने नहीं लगती
10:09जरूर किसी ने हमारे हस्ते खेरते परिवार पर अपनी गंदी नजर डाली है
10:14वरना हमारे घर में सब कुछ बिल्कुल ठीक था
10:17पिमला की ये बाते उस रूम में रचित की ड्रेसिंग कर रही नर्स भी सुन रही थी
10:23तभी वो उनके पास आई
10:26पता नहीं मुझे आपके नीजे मामले में दखल देना चाहिए या नहीं लेकिन आपके बेटे की हालत सामन ही नहीं
10:31है
10:32मैं दस साल से इस हॉस्पिटल में जॉब कर रही हूँ
10:34बिमार से बिमार गंभीर बिमारियों वाले पेशेंट्स का इलाज होते देखा है मैंने
10:38यहाँ पर कई लोग चाहे कितना भी बिमार हो किसी पेशेंट्स की हालत एक रात में ऐसी नहीं हो सकती
10:45यह केस डॉक्टर के हाथों में नहीं है आप किसी ओजा या तांत्रिक से अपने बेटे के बारे में बात
10:50कीजिए
10:50अब शायद वही आपकी इसमें कुछ मदद कर सकते है
10:54जब नर्स ने भी उन्हें ये बात कही तो रचित के पापा का भी दिमाग गूम गया
11:00वो विमला को लेकर अपने एक पुराने दोष्ट के घर गया
11:03जिसकी पतनी मा कालिका की सेविका थी
11:07और ऐसी मुश्किल में फसे लोगों की मदद करती थी
11:11अब तो आप ही हमारी मदद कर सकती है
11:14पहले हमारी बहु मारी गई और जब से उसकी मौत हुई है
11:17तब से ही मेरे बेटे के साथ ये सब हाथ से हो रहे है
11:20अपने बेटे की फोटो दिखाईए मुझे
11:22मातारानी के चड़नों में उसकी तस्वीर को रखकर पता लगाने की खोशिश करती हुमे
11:28मोहन ने अपने फोन में उन्हें रचित की तस्वीर निकाल कर दिये
11:32और माया ने उसे मातारानी के चड़नों में रखकर
11:35मा के सामने सर जुकाते हुए
11:38He had his eyes closed and closed and closed.
12:26।
12:38I can't do anything.
12:39Look, I will not be able to get my daughter to get my daughter's gift.
12:44But I can't do that with that person.
12:48She has been able to get your daughter's gift.
12:51Because, despite the whole world,
12:54I will not be able to get my daughter's gift.
12:58My mother has been able to get her eyes on her eyes.
13:03She has closed her eyes.
13:07ॐ ॐ ॐ
13:34इसके पास जाकर आप इससे विंती करो
13:37शायद ये उस क्रिया को वापस ले ले
13:40वो दोनों माया के बहुत आभारी थे
13:43क्यूंकि माया ने उनकी बहुत बड़ी मदद की थी
13:46उन्होंने कागज पर लिखे पते के लिए कैब बोग की
13:50और वहाँ से निपर ले
13:52वहाँ पहुंचते-पहुंचते उन्हें रात हो चली थे
13:55सामने ही उस घर का दर्वाजा था
13:58उन्होंने जाकर वो दर्वाजा खट-कटाया
14:01दो-तिन बार दर्वाजा खट-कटाने के बाद
14:04एक लंबी-काली-दाड़ी वाले आदमीने दर्वाजा खोला
14:08उसने एक काली दोती पहनी थी
14:11और शरीर पर एक काला कपडाला पेटा हुआ था
14:14माथे पर बड़ा सा तिलक लगा
14:17वो सचमुच बहुत सिद्धतांत्रीक प्रतिक हो रहा था
14:20मगर इससे पहले कि वो दोनों उसे कुछ भी कहते
14:23वो सामने से बोला
14:25अगर अपने लड़के की जिन्दगी की भीक मांगने आए हो यहाँ पर
14:29तो कोई मदद नहीं मिलेगी तुम्हे
14:32उसके साथ वही हो रहा है जो होना चाहिए था
14:35और अभी तो उसके शरीर का मांस बस सूखना शुरू हुआ है
14:39धिरे धिरे वो हड्यों का धांचा बन जाएगा
14:42ना कुछ खा पाएगा
14:43ना रातों को सो पाएगा
14:46दवाईयां उस पर असर करना बंद कर देंगी
14:48इतनी पीडा मिलेगी उसे
14:50इस चीख चीख कर रोते हुए
14:53खोद अपनी मौत मांगेगा वो
14:55नहीं बाबा ऐसा बत कहिए
14:57आप क्यूं मेरे बेटे के साथ
14:59ये सब कर रहे
15:01आखिर क्या बिगाड़ है उसने आपका
15:04मेरा नहीं
15:05लकिन किसी का बहुत कुछ बिगाड़ा है
15:07उसने और तेरे बेटे का
15:10मारन क्रिया करके
15:11उस आदमी की मदद की है बस मैंने
15:15कौन आदमी आखिर किस के कहने पर किया है तुमने यह सब
15:20ये तो तुम लोगों को कभी बताने ही चलेगा
15:23हाँ, चाहो तो अपने बेटे से जाकर पूछ लो
15:26किसका क्या भी गाड़ा है उसने
15:28उसने बता दिया तो सब कुछ तुम्हें खुद ही पता चल जाएगा
15:33तांत्रिक ने अपने घर का दर्वाजा बंद कर दिया
15:36उन लोगोंने लाख कोशिस की
15:38मगर तांत्रिक ने उनकी कोई बात नहीं सुनी
15:42उन्होंने हर फकीर तांत्रिक ओजा के चक्कर काटे
15:46लेकिन रचित पर हुई मारन क्रिया की काट कोई ना कर सका
15:51one day
15:53one day
15:53a wife
15:53had a life
15:59and one day
16:02she had to get
16:03into the world
16:03and she had to eat
16:05she had to eat
16:08but she had to get
16:11to die
16:11who had to get
16:15all this
16:20।
16:21।
16:22।
16:22।
16:26।
16:27but this had been....
16:29...
16:31...
16:34...
16:35...
16:36...
16:40...
16:41...
16:42...
16:42I had to take a look at the spirit of my heart.
16:45But the idea of your heart is not going to go wrong with my heart.
16:49You would have to leave a person's life while you could get married.
16:53Your life was going to leave.
16:56You would have to leave.
17:02You were really wrong with your heart.
17:03You would have to leave.
17:04You would have to leave me on the last message before you could tell me.
17:09so I'll never make you a step.
17:13I've got your child on your own,
17:17but I've got your own way is that I can make you a step.
17:22Now you're going to make me a step.
17:24Now you're going to make me a step."
17:28Now I'm up to use my eye...
17:30It was that night and that night
17:34,,
17:35,,
17:36,,
17:37,,
17:49,
18:04.
18:04you can't see what it did
18:06because there is a story
18:08of a pursuit of the mother's
18:09but we can get
18:10a story from the heart
18:17of the region
18:18and then we have a future
18:18the way the death
18:19will be the death
18:21which is why
18:26it's also the truth
18:31that we are going
18:33to break
18:33with some
18:34ਸاند
18:35He's always, always
18:36He's always going to get me
18:39He's always going to get me
18:40Aisier, he's going to get me
18:42I don't know where he is
18:46He's going to get me
18:47Listen to me, it's not a lot
18:49But it's a 100%
18:51This story is a story
18:53A story is a story
18:54A story is a story
18:56When he listened to Divakar
18:58He's going to get me
18:59He's going to get me
19:01Divakar is a story
19:02A story is a new modern girl
19:03And it's a little old
19:05What kind of personal is
19:09Divakar is a writer
19:16Divakar is a home
19:17It's a very nice to have
19:21The first twoin'
19:22is a career
19:24The first student
19:25They're doing
19:28They're doing
19:29But
19:30in jour fee
19:30I don't know.
20:04I don't know.
20:30नहीं, सहकडो घटना है ऐसी है मेरे गाओं की, चुप कर, हालतो के अफवा तेरी गाओं में फैली हुई है,
20:38और तू उसे डिफेंट कर रहा है, भाई, ग्रो अप, तू साइन्स का स्टूडेंट है, तू ही अगर ऐसी बाते
20:44करेगा तो फिर क्या फायदा साइन्स पढ़ने का
20:46तू जाकर कोई तांत्री ग्वांत्री के पास जादू टोना सीख, दिवाकर साइन्स अपनी जगा है, और भूत प्रेत शैतानी ताकत
20:55अपनी जगा, साइन्स है तो भूत भी है, सहकडो साल हो गया यार, कहीं पीडियों से ऐसा ही चला आ
21:02रहा है मेरे गाओं में, अबे बे�
21:08यो कुफी करे, पहले लोग घर में शौचाले नहीं बनाते थे, बाहर खोले में जाते थे, वो कहते थे कि
21:14घर में भी भला कोई शौचाले बनाता है, अरे इससे नकारत्मकुर्जा घर में आएगी, पर बोल, ऐसा होता है क्या,
21:21शौचाले से नकारत्मकुर्जा आती है क्या
21:24नहीं न, पीडियों पहले जो हमारे बुजर्ग गलती करते थे, उसे हमने सुधारा न, दोस्त, तुम लोगों को भी उस
21:32अफवा को भूल कर, पुरानी पीडियों की बातों को भूल कर नया कुछ करना होगा, अमबस्या हो या पूर्णी मा,
21:38कोई फर्क नहीं पड़ता यार, �
21:40नौ बजे के बाद निकल, घंटा कुछ नहीं होगा, यह कहकर दिवाकर एक बार फिर से हस पड़ा, जोर जोर
21:49से हस पड़ा, उसकी हसी इतनी तेज थी, कि हॉस्टल की छट पर बैठे, दो तिन लड़के पलटकर उसकी तरफ
21:57देखने लगी, अलोब चुप चाप उसे देख
22:01कुछ दिर बाद उसने बस इतना कहा, देख यार, कुछ चीजे मजाक में नहीं उड़ाई जाती, क्योंकि शैतानी ताकते उन्हें
22:09देखती है, जो उनके इस्तित्व पर सवाल उठाती है, चल वे, पाल तू बात मत कर, फट्टू कहीं का, मैं
22:18फट्टू नहीं हूँ यार, �
22:20जो देखा है, वो बोल रहा हूँ, अच्छा, ठीक है, तो एक काम कर, मैं इस बार चलता हूँ तेरे
22:26गाउं, अम वस्या के दिन, और नौ बजे घुमने निकलूँगा, तो फिर शुरू हो गया, मैंने बोला ना, कि वहाँ
22:33खत्रा होता है उस दिन, दिवाकर फिर हासा,
22:38तुझे क्या लगता है, कि मैं नौ बजे घुमने निकलूँगा, तो कोई भूत आएगा और मुझे उठा ले जाएगा, अलोक
22:45ने बहुत धीरे से कहा, अगर तु नौ बजे के बाद बाहर निकला, तो शायद, दिवाकर ने उसकी बात पर
22:53उसे एक बार फिर गोर कर देखा
22:55और कहा, चल, फिर ये रही डिल, मैं चलूँगा तेरे साथ तेरे गाओं और नौ बजे के बाद गाओं में
23:02घुमूँगा भी, अलोक कुछ सिकंड तक उसे देखता रहा, फिर बोला, ठीक है
23:11दो दिन बाद ही अमबस्या थे, आलोक ने तो लाग समझाया दिवाकर को, कि वो सिद छोड़ दे, लेकिन उसने
23:19उसकी एक नहीं सुने
23:22आखिरकार दोनों बस से निकल पड़े, शाम करीब शे बजे बस विक्रम गंज गाओं के बाहर रुके
23:28दिवाकर नीचे उत्रा, गाओं बिलकुल साधारन था, मिट्टी के घर, संकरा रास्ता, कुछ बच्चे खेल रहे थे, कुछ हौरतें कुएं
23:41से पानी भर रही थे
23:42दिवाकर हसकर बोला
23:46यही है वो हौरर गाओं, नौ बजे वाला गाओं, यहाँ पर तो सब नौर्मल है भाई
23:52आलोक ने जवाब भी दिया, बस बोला
23:56अभी शाम है
23:58धीरे धीरे सुरज डलने लगा, और जैसे ही घड़ी साथ के करेट पाँचे
24:04गाओं बदलने लगा, लोग जल्दी जल्दी घर के अंदर जाने लगे
24:09दर्वाजे बंद, खिर्कियां बंद, बाहर खेल रहे बच्चे अचानक गाया
24:15दिवाकर को यह सब थोड़ा अजीब लगा, उसने पूछा
24:19इतनी जल्दी सब घर क्यों जा रहे हैं?
24:23आलोक ने धीरे कहा, नियम है, किसका नियम? गाओं का
24:31दिवाकर हस पड़ा, रात के आठ बच कर चालिस मिनट हो रहे थे
24:36पूरा गाओं अब पूरी तरह शान्त था
24:40इतना शान्त की दूर खेतों में जिंबुरों की आवाज भी बहुत तेज लग रही थी
24:45आलोक के घर के अंदर सब लोग बैठे थे, कोई बात नहीं कर रहा था
24:51कोई मुबाइल नहीं, कोई आवाज नहीं
24:55दिवाकर को ये सब बेहद अजीब लग रहा था
24:59ये सब पागलपन है, आलोक ने उसकी तरफ देखा
25:04जिवाकर नहीं बज़े के बाद आवाज मत करना
25:07क्यों, कोई मॉंस्टर आ जाएगा
25:12अलोक ने कोई जवाब नहीं दिया, बस घरी देखने लगा
25:16घरी में आठ बच कर 69 मिनट हो रहे थे
25:20घर के अंदर इतने खामोशी थी
25:23कि घरी की टिक-टिक साहब सुनाई दे रही थी
25:26आठ बच कर 69 मिनट 40 सेकेंड
25:30आठ बच कर 69 मिनट 50 सेकेंड
25:33दिवाकर मुस्कुराया
25:37बस 10 सेकेंड
25:38अलोक ने उसका हाथ पकड़ लिया
25:41मत जा
25:42दिवाकर ने हाथ छुड़ा लिया
25:44देखता हूँ कौन मारता है
25:53और भी गहरा हो गया
25:54लेकिन उस सन्नाटे को तुरंत ही दिवाकर ने तोड़ दिया
25:58उसने घर का दर्वाजा खोल दिया
26:01दर्वाजा खोलते ही जैसे ही उसने बाहर कदम रखा
26:04उसे तुरंत महसूस हुआ
26:06कि कुछ अजीब है
26:08हवा नहीं चल रही थी
26:10जिंगुरों की आवाज बंद
26:13कुछ भी नहीं
26:14कुछ भी नहीं
26:15जैसे पूरी दुनिया ने सांस रोक ली हो
26:19दिवाकर ने धीरे से कहा
26:21हेलो
26:22उसकी आवाज गाउं में गूंज गई
26:25और उसी पर
26:27दूर कहीं से एक बहुत धीमी आवाज आई
26:30जैसे कोई बहुत दूर से
26:33उसकी आवाज की नकल कर रहा हूँ
26:38दिवाकर ने धीरे
26:40उसने सूचा
26:41शायद गूंज होगी
26:42लेकिन गाउं में गूंज इतनी देर से
26:45नहीं आती
26:46पहली बार उसे डर तो लगा
26:48लेकिन डर को उसने अपनी जेव में डाला
26:51और वो आगे बढ़ा
26:53उसके कदमों की आवाज
26:55मिट्टी पर साफ सुनाई दे रही थी
26:57टक टक टक टक
27:00अचानक एक और आवाज आई
27:02टक टक टक
27:04दिवाकर रुक गया
27:06दूसरी आवाज भी रुक गयी
27:09उसने पीछे देखा
27:10कोई नहीं
27:11उसने फिर कदम बढ़ाया
27:14टक टक टक
27:16और फिर वही दूसरी आवाज
27:18टक टक टक
27:20अब उसे समझाया
27:22कोई उसकी पीछे चल रहा है
27:25लेकिन दिख नहीं रहा
27:27दिवाकर ने हिम्मत करके
27:29जोर से कहा
27:30अब जो भी है
27:33सामने आ
27:34कोई जवाब नहीं मिला
27:36लेकिन ठीक उसी पर
27:38उसके बिल्कुल कान के पास
27:40किसी ने फुस्पुसाया
27:41आवाज मत कर
27:45दिवाकर जटके से
27:47लेकिन कोई नहीं था
27:49उसका दिल अब थोड़ा
27:50तीज धड़क रहा था
27:52उसने खुद को समझाया
27:55माइंड गेम है
27:58वो आगे बढ़ा
27:59गाउं का रास्ता
28:01पूरी तरह खाली था
28:02लेकिन अजानक
28:04उसे महसूस हुआ कि
28:06कोई उसे देख रहा है
28:08कहीं लोग
28:10कहीं दिशाओं से
28:11लेकिन जहां भी वो देखता
28:13वहां कोई नहीं था
28:16अभी नजीब घटनाओं की बीच
28:18ही दिवाकर चलता जा रहा था
28:20चलते चलते वो गाउं के मंदिर के पास पहुंचा
28:24मंदिर का दर्वाजा बंद था
28:27इसने दर्वाजे पर हाथ रखा
28:29और उसी पर मंदिर के अंदर से किसी के हसने की आवाज आए
28:43दिवाकर का हात वहीं रुख गया
28:46उसने धीरे से कहा
28:50कौन है?
28:52कोई जबाब नहीं मिला
28:54लेकिन अचानक मंदिर की घंटी अपने आप हिल गज़ी
29:00बस एक बार
29:01और फिर सब कुछ शांत हो गया
29:04He did not show up on the way, but He had the face to take off their own.
29:12But He had the way to come and say and say,
29:20this is the reason He did not show up on the way.
29:24He just said, he said, he was the first voice.
29:29oh
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36:36HAAAAN THOEAK HEY, LAKIN WHAHAN PORJANA THOEAK RAEGA KYA, AGGAR WHAHAN POR BHEY KOTRASHA HUA THO
36:42ARRAY KUCH NAY HOGA YAR, OR WIASSA WISE TIME YAHAN POR GADY MEN RUKNA THOEAK NHAI HA
36:47KISI CHOR UCHAKKE KEE NظER PARA GAY, TO LENESTE KEDENES PORJANA GAYENGE
36:51AYUSH KIE YEE BAT UNLOGON COO THOEAK LAGY
36:55JAHAN POR UNHERHIN VOW ROSHNIN DIKHAI DEE RAHI THI
36:57उस building तक पहुँचने के लिए सामने से जंगल का एक कच्चा रास्ता गुजर रहा था
37:03वो लोग उस रास्ते की तरफ बढ़े
37:05मगर जैसे ही वो रास्ता शुरू हुआ
37:08तो सामने उन्हें वहाँ एक बोड नजर आया
37:11जिस पर खून से सने अक्षरों में एक चिताब ने लिखी हुई थी
37:17कविता का ध्यान उस बोड पर पढ़ा
37:19अरे ये कैसा बोड है
37:24जो अंदर गया वो कभी बाहर नहीं आया
37:27ओ माइ गॉड इस बोड पर तो वार्निंग लिखी है
37:30और वार्निंग का मतलब है कि
37:32अगर हम अंदर गए तो कभी नहीं लोटेंगे
37:34प्लीज तुम लोग वापस चलो यहां से
37:36हाँ अगर चोर मिला तो उससे हम पांचों मिलकर भी लड़ सकते हैं
37:40लेकिन अगर कोई भूट टकरा गया
37:42तो पक्का मौत है आज हमारी
37:44अरे यार चुप करो तुम दोनों
37:47तुम जैसे पिद्यों को डराने के लिए लगाया होगा किसी नहीं यह बोर्ड
37:50कुछ नहीं है यहां पर
37:52और अगर कुछ होता ना
37:53तो हम पांचों उस पीड़ पर लटके होते अभी
37:56लडकों ने उनकी बात को मजाग में टाल दिया
37:59और वो वहां से आगे उस बिल्डिंग की तरफ बढ़ गए
38:02वो वहां पहुँचे तो पता चला कि यह एक हॉस्पिटल की बिल्डिंग है
38:07वो लोग उस बिल्डिंग के अंदर चले गए
38:10मगर हॉस्पिटल एकदम सुनसान था
38:13तब ही अचानक हॉस्पिटल का दर्वाजा अपने आप तेल जल देल साथ बंद हो गया
38:19और वहां पर जल रही लाइट अचानक से फ्रीकर करने लगी
38:23और एक अजीव सी आवाज वहां गूंचने लगी
38:27यह सब क्या हो रहा है यहाँ पर और यह कैसी आवाज है
38:33तब यह जाने भिकर करती वह लाइट बिलकुल बंद हो गए
38:38और वहां बहुत सारे लोगों के एक साथ सीथने की आवाजे उन्हें सुनाई देने लगी
38:44वह आवाजे इतनी तेज थी कि मानों उन्हें सब के कान के परदे भट जाएंगे
38:51किर्दी के कानों से खून बहने लगा
38:53तब ही वह आवाज रुकी और वहां का तापमान इतना गिर गया
38:59जैसे किसी ने उन्हें डीप फ्रीजर में डाल दियो
39:02उन लोगों को अवैसास हो चुका था
39:05कि वो वहाँ पर अकेले नहीं है
39:08कोई अत्रिप्त शक्ती वहाँ जरूर है
39:11शिवम को अपनी गर्दन पर किसी की गर्म सांसे मैसूँ जी
39:15और एक हाथ उसके कंदे पर आकर रुक गया
39:19तभी वो जोर से चला और बंद हुई लाहिट अचानक से बिलकुल भी खो गई
39:27तभी आयूश की नजर फर्ष पर पड़ी
39:30फर्ष पर खून के ऐसे निशान थे
39:33जैसे किसी को जखमे हालत में वहाँ से घसीट कर ले जाया गया हूँ
39:38ये ये निशान जब हम अंदर घुसे थे तब तो ऐसे कोई निशान यहाँ पर नहीं थे
39:44और ये योगेश कहाँ है कहीं ये निशान
39:48नहीं नहीं ये निगेटिम मत सुचो प्लीज योगेश को कुछ नहीं हुआ
39:53अरे लेकिन अगर वो यहां नहीं है तो लगता है वो किसी मुसीबत में है
39:57हमें जल्दी ढूंडना होगा उसे
39:59वो लोग योगेश को आवाज लगाते हुए उसे हर जगा ढूंडने लगे
40:04लेकिन वो उन्हें ground floor पर कहीं नहीं मिला
40:07तो वो उसे ढूंडने के लिए वहां के first floor पर चले गए
40:12तभी वहां भी उन्हें खून के ठीक वैसे निशान एक कमरे की तरफ जाते दिखाई दिये
40:18निशान देखकर वो चारों भी उसी कमरे की तरफ दोड़े
40:22तो अंदर उन्हें किसी की परचाई नजर आई
40:25लेकिन वो परचाई धीरे धीरे करके बिलकुल जोटी हो गई
40:30तभी उन्हें अंदर से योगीश के कीखने की आवाज सुनाई थी
40:34तो बिना देरी किये वो सब जल्दी से अंदर की तरफ दोड़ गए
40:40मगर अंदर का नजारा देखकर उन सब के पहरोतले से जमीन किसब गई
40:47सामने एक शरीर पड़ा था जिसके गर्दन पीछे की तरफ गुमी हुई थी
40:53गर्दन और कपड़े बुरी तरह से खोन से लगपत थे
40:57मगर कपड़े देखकर लग रहा था कि ये योगेश की ही बोड़ी है
41:02हिम्मत करते हुए वो चारों आगे बढ़े
41:05और जैसे ही उन्होंने नीचे जुक कर देखा
41:08तो वो कोई और नहीं
41:10बलकि योगेश की ही डेट बोड़ी थी
41:12उसके चहरे का मांस भटकर बाहर आ चुका था
41:16और आखों के अंदर पुतलियों के बजाए बस काले गड़े बजे थे
41:21उसे दिखकर वो चारों सन रह गए
41:24नहीं नहीं ये ये सच नहीं हो सकता
41:29इतने भयानक तरीके से किसने मारा योगेश को
41:33कोई है यहाँ पर और हमें भी नहीं चोड़ेगा
41:36हमें यहाँ पर आना ही नहीं चाहिए था
41:38उस उस पोड़ पर वो चेताव नी बिल्कुल सच लिखी थी
41:41मैंने और कीर्टी ने मना किया था तुम लोगों को यहाँ पर आने से
41:45देखो अब क्या हो गया
41:47हम जानते हैं कि किसी ने हमारे दोस्त को मार दिया है
41:50लेकिन तुम यह सब बोलकर हमें गिल्ट में मट डालो
41:53फिलाल यहाँ से निकलने के बारे में सूचो
41:55नीचे चलो जल्दी
41:57बचारो जल्दी से नीचे जाने के लिए स्टेयर्स की तरफ भागे
42:01मगर तभी सीड़ियों की दिशाब बदल गई
42:04और नीचे जाने की बजाय सीड़ियां ओपर की तरफ मुड़ गई
42:08What the hell? यह सब क्या हो रहा है हमारे साथ?
42:12अब हम नीचे कैसे जाएंगे?
42:14तभी वहाँ पर किसी की भायानक हसी की आवाज गूंजी
42:18और उन्हें कविता की जोरदार चीट सुनाई दी
42:22उन्हाने जल्दी से पीछे मुड़ कर देखा
42:24मगर कविता उन्हें कहीं भी दिखाई नहीं दी
42:27ए भगवान अभी एक कविता कहाँ पर चली गई?
42:31इससे पहले की उसके साथ कुछ गलत हो
42:34हामें डूढना होगा उसे
42:35वो तीनों कविता को डौनने के लिए इधर उधर दोड़े
42:40मगर वो उन्हें कहीं भी दिखाई नहीं थी
42:43तभी आपरेशन थियाटर में
42:45उन्हें कुछ खटपटी आवाज सुनाई थी
42:49आवाद सुनते ही वो ओटी की तरफ दोड़े
42:52उन्होंने अंदर की तरफ जहां कर देखा
42:54तो इंस्ट्रूमेंट खुद बखुद हवा में चल रहे थे
42:58रूम में किसी का ओपरेशन चल रहा था
43:01लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था
43:03उन्हें लगा कि शायद कविता वहीं पर है
43:06इसलिए वो जल्दी से ओटी के अंदर गए
43:10मगर सामने का द्रिश्य देखकर
43:13उनकी आत्मा सिहर उठी
43:16सामने ऑपरेशन बैड पर कविता का शाव था
43:19जिसका उन आउजारों के जरिये ऑपरेशन चल रहा था
43:23उसकी आँखे बाहर को निकल कर आ चुकी थी
43:26और शरीर की हड़ियां बुरी तरह मुड़ी हुई थी
43:31शरीर पर जगह जगह सर्जिकल ब्लेट से चिरने के निशान थे
43:35उसकी हालत देखकर किरती खुद को संभाल नहीं पा रही थी
43:39और उसकी आँखों से जर जर कर आँसू बहे जा रहे थे
43:44कभीता को भी माठा ला उसने
43:48वो आमे भी नहीं चोड़ेगा
43:50नहीं चोड़ेगा वो आमे
43:52अचानक कभीता का आपरेशन कर ले वो इंस्ट्रूमेंट रुके
43:55और उन तीनों की तरफ मुड़े
43:58मगर इससे पहले वो उन तक पहुच बाते
44:01वो तीनों जल्दी से वहां से बाहर की तरफ भागे
44:04और उन्होंने दर्वाजे को बाहर से बंद कर दिया
44:08ना तो अब हमारे पास नीचे जाने का रास्ता है
44:11और ना यहां से बाहर निकलने का
44:13कुछ करो प्लीज
44:14मुझे बहुत डर लगा है
44:16खिड़की
44:17शायद यहां पर कोई खिड़की हो
44:19और उसके जरीए हमें नीचे उतरने का रास्ता मिल जा है
44:22ढूंडो खिड़की ढूंडो गाईज
44:24वचारों मिलकर खिड़की ढूंडने लगे
44:27और सामने की तरफ उन्हें एक खिड़की दिखाए दे
44:30वो खिड़की की तरफ जल्दी से गए
44:32मगर जैसे ही उन्होंने खिड़की को खोला
44:35तो चमगादुडों का एक जहुन हो
44:38और उनकी तरफ ओड़ता हुआ है
44:40और हस्पिकल के अंदर बुच गया है
44:43चमगादर उन्हें तीनों के सर पर जिपक गए
44:52ये ये सब क्या हो रहा है यहाँ
44:54इससे पीछे कैसे चुड़ाएंगे हम
44:57रोश्नी ये रोश्नी से डरते हैं
44:59अपने फोन की फ्लैशलाइट आउन करनी होगी हमें
45:02चमगादर बुरी तरह उनके सिर से जिपके हो रहे दे
45:05और ढेर सारे चमगादर उनके सर पर मंटरा रहे थे
45:09उन तीनों ने बड़ी हिम्मत करते हुए
45:12अपनी अपनी पोकेट से अपना फोन निकाल कर फ्लैशलाइट आउन कर दिया
45:17तभी वो चमगादर डर कर उनसे दूर हड़ गए
45:20उन्होंने टॉर्ज की रोष्णी उन सब की तरफ मारी
45:24तो एक अजीब सी आवाज करते हुए वो खिड़की से बाहर की तरफ भाग गए
45:29और खिड़की भी खुद बखुद बंद होगा
45:32फैंग और बच गए हम इनसे लेकिन अभी भी खत्रा पूरी तरह टला नहीं है
45:37छिपना होगा हमें यहां किसी सेब जगा पर ताकि सुबह होने तक खुद को बचा सके
45:41सुबह होने तक हमने अगर खुद को बचा लिया तो उमीद है हम यहां से सुरक्षित बाहर निकल जाएंगे
45:47वो तीनों वहां छिपने के लिए कोई जगा डोंडने लगे
45:50तभी उन्हें कमरे के अंदर से ठक ठक की आबाद सुनाएगी
45:56जैसे कमरे के अंदर से कोई जोर जोर से दर्वाजे को ठोक रहा हो
46:00उस कमरे के अंदर से कोई कोई गेट को नौक कर रहा है
46:04शायद कोई उस कमरे के अंदर है
46:06वो तीनों उस कमरे की तरफ गए
46:08मगर जैसे ही वो कमरे का दर्वाजा खोलने लगे
46:40so
46:42Kirti! Please, please, please, please, please please, please, please, please, please, please and please, please, please, please, please, please, please.
46:48Kirti was born in drink, but he went to his own water and he was up and so, he was
47:11in that room.
47:11ंखों की पकड ढिली पडगें उन्होंने जल्दी से कीर्थी को उठाया और जल्दी से आताओ देखे विना वहां
47:19से अफ़रां के दूसरी तरब भागे उन्होंने ensure that set意 democracy कमरे के
47:29foreign
47:41foreign
47:42And the bodies of the bodies were the same, which were the ones that were put on the floor.
47:48They were looking for the four of them.
47:51But there was a very deep road.
47:55And they had something to do with something.
47:58In the night, they were going to fly.
48:01They were going to fly along the way.
48:04And they showed up a board.
48:06The board was showing up.
48:08Do not enter.
48:10Danger zone
48:11This is the danger zone
48:12This path goes out
48:13Let off reach the other way
48:14Shall we have rest?
48:15Just chill
48:16And the rest
48:17Don't give my driving
48:17I have no telephone
48:18I don't give away
48:21You will take away
48:27।
48:29।
48:29।
48:30।
48:32।
48:35।
49:07foreign
49:15foreign
49:17foreign
49:17So, when you say that, you are not going to die, you are going to die.
49:25So, you are going to die.
49:27So, if you have to die, if you have to die,
49:30then you will die.
49:33And you will die.
49:38And you will die.
49:39See you.
49:57See you.
50:01Shreya, Shreya, nothing will happen to you. I will go to the hospital.
50:06Shreya's feeling was very bad.
50:09Rachit has taken his own gun and took his car.
50:14But before he started his car, Shreya has taken his own gun.
50:22Shreya!
50:23No, Shreya, you can't leave me.
50:27Shreya!
50:29Shreya!
51:00Shreya के शेपर भऌने रहा देख कर,
51:21खुद को संभालो बेटा, मैं जानता हूँ कि तरे जीवन में दुखों का पहार तूट पड़ा है, लेकिन भगवान के
51:29निर्नाय को मानने के अलावा, हम इस वक्त और कुछ नहीं कर सकते हैं, तुझे खुद को संभालना ही होगा
51:36बेटा
51:38रचित के मम्मी पापा उसे हिम्मत देते हुए एक घर ले आये, रचित ने कल रात से ही कुछ भी
51:44खाया पिया नहीं था, श्रया की फोटो को अपने हाथ में पकड़े हुए ही, वो सो गया, मगर थोड़ी देर
51:52बाद ही उसके कानों में श्रया की आवाज गुंजी
51:56रचित, रचित, रचित, प्लीज मुझे बचा लो रचित, ये, ये मुझे ले जाएगी, मैं मरना नहीं चाहती, रचित, मैं मरना
52:04नहीं चाहती
52:06बखलाते ही रचित की नींद खुली, और वो अपने बिस्तर से उड़ खड़ा हुआ, तभी उसे अपने हाथ पर कुछ
52:14गीला महसूस हुआ, उसने अपने हाथ की तरफ देखा, तो उसने अपने हाथ में श्रया की जो तस्वीर पकड़ी थे,
52:23उससे खून बह रहा था, और �
52:28अब ही भी मुसीबत में उसे मदद के लिए पुकार रही हो, श्रया, काओ तुम श्रया, तुम बिलकुल भी घबराना
52:37मत, मैं तुम्हारी मदद करूँगा, तब ही उसके कमरे का ताप माहन अचानक से बदल गया, और उसके कमरे का
52:45पर्दा जोर जोर से हिलने लगा, उसने �
52:49पर्दे की तरफ देखा, तो अपनी फेजरेट पर्ल वाइट साडी पहने श्रया वहां खड़ी थी, उसने रचित को देखकर हलकी
52:57सी मस्तान दी, और फिर अचानक, उसके चेहरे के भाव गंभीर हो गया, और वो कमरे का तरवाजा खोल कर
53:05बाहर की तरफ जाने लगी, रचि
53:17मुझे छोड़कर मत जाओ श्रया, चलते चलते श्रया च्छत पर पहुंचे, और उसके साथ साथ रचित भी वहां पहुंच गया,
53:30मगर तभी श्रया वहां सेग आया हो थी, और अचानक से रचित का सम्मोहन तूटा, और उसे सामने से एक
53:39हांडी उड़ती हुई उसकी तर�
53:47अपनी तरफ आते देखकर उसके खोश उड़ गया है, यह, यह क्या है, यह हांडी हवा में कैसे उड़ सकती
53:55है, और यह मेरे तरफ क्यों आ रही है, रचित नीचे जाने के लिए छट की दरवाजे की तरफ भागा,
54:03मगर वो दरवाजा एक तेज जटके के साथ अजानक बं�