Skip to playerSkip to main content
  • 14 hours ago
যন্তর মন্তরের ঘটনায় গভীর উদ্বেগ প্রকাশ করে প্রধানমন্ত্রী বলেন, এই ঘটনা গোটা দেশের জন্য লজ্জার। তিনি জানান, কিছু পড়ুয়া তাঁকে এবং তাঁর প্রয়াত মাকেও কটূক্তি করেছেন। তবে গালিগালাজ বা হিংসা কোনও সমস্যার সমাধান নয় বলেই মন্তব্য করেন প্রধানমন্ত্রী। 

Category

🗞
News
Transcript
00:00बद्दी बद्दी गालिया बोली किसी भी सब्समाज को शोभा न दे ऐसे शब्दों का प्रयोक किया गए मुझे तो गालिया
00:06दी गई मेरी स्वर्गिये माता को भी गालिया दी गई कि बच्पन में गलतिया होती है और बच्पन में गलतियों
00:13से सुधरने का अफसर भी होता है
00:15हाई फ्रेंड्स आज तो मन करता है बत आप से ही बाते करूँ जंतर मंतर पर जो कुछ भी हुआ
00:25देश और दुनिया ने देखा है कुछ शरार्थी बच्चों ने भद्दी भद्दी गालिया बोली
00:35किसी भी सब्दे समाज को शोभा न दे ऐसे शब्दों का प्रयोक किया गया मुझे तो गालिया दी गई मेरी
00:44स्वर्गिये माता को भी गालिया दी गई ना जाने कितना भद्दा स्वरूप था
00:52लेकिन मैं आज बात कर रहा चाहता हूं कि बच्च्पन में गल्तिया होती है और बच्पन में गल्तियों से सुधरने
01:04का अवसर भी होता है और यही तो बच्पना है और इसलिए
01:11मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है उसको भली बात ही समझ सकता हूँ एक कल्चुरल शौक है कि हमारी
01:23बेटिया इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती है लेकिन समय है इन बच्चों को गले लगा करके रहा दिखाने
01:34का एक गुमरा बच्चे है उनको रहा दिखाना हमारा काम ह
01:39है उनको सजा देना अदालतों के चक्कर कटवाना समाज में उनको प्रताडित करना इससे हम परिसित्या नहीं बदल पाएंगे
01:50मैं उन्हें माप करना चाहता हूँ समाज भी मेरी इस बात को स्विकार करे क्योंकि मेरे मन में एक ही
02:02भाव है कभी कभी दातों तले हमारी जीब आ जाती है
02:09खुन निकल आता है लेकिन हम दात तोड़ते नहीं है क्योंकि दात भी हमारे है जीब भी हमारी है बच्चे
02:19भी हमारे है उन्हें रहा दिखाना हमारा काम है गुमरा को रहा दिखाना कठीन होता है लेकिन कठीन काम हमको
02:26करना और इसलिए आओ मैं इन बच्चों को कहता हूँ
02:31बचाओ, हम देश के लिए साथ मिलकर के आगे बढ़ें, कुछ नया सिखें, गल्तियों से भी सिखें, अपने सपनों को
02:41लेकर के चल पड़ें, देश बहुत आगे बढ़ रहा है, आगे बढ़ने वाला है, और आपका भी आगे बढ़ना निस्सित
02:51हो, यही मेरा सपना है, मैं �
02:54आपके लिए जीता हूँ, आपके भुधिवल भविश के लिए कपता हूँ, आओ, हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाएं, बहुत
03:03बहुत धन्यवाद दोस्तों, बस आओ, गल्तियों से शिखो, आगे बढ़ो
Comments

Recommended