00:06असम और पुर्वोतर भारत इस समय एक बहुत बड़े संकट से गुजर रहे हैं
00:11कुदरत का जो कहर वहां बर्पा है उसने लाखों जिन्दियों को एक जटके में अस्त वेस्त कर दिया है
00:17नदिया उफान पर है घर पानी में डूबे हैं और हजारों लोग राहत शेविरों में इस उमीद में दिन काट
00:25रहे हैं कि कब हालात समान्य होंगे
00:27आज हम बात करेंगे असम के उस जमीनी सच्चाई की जहां बाड की बज़ा से अब तक 80 लोग अपनी
00:33जान गवा चुके हैं
00:34और 2 लाख से जादा लोग अब भी प्रभावत हैं
00:37असम के कई अलाकों में भले ही पानी धीरे-धीरे कम हो रहा हो लेकिन स्थिती अभी भी बेहत नाजुके
00:44पिछले 24 घंटों में शिवसागर जुले से बहुत दुखत खबर सामने आई हैं
00:49जहां दो और लोगों की बाड के पानी में डूबने से जान चले गई हैं
00:54मृत्यकों में से एक बेकसूर मासूम बच्चा भी शामिल था
00:58इसके साथ ही इस साल असम में बाड से मरने बालों की संक्या बढ़कर असी हो गई है
01:03राजयापदा प्रबंधन प्राधिकरन की रिपोर्ट के मुताबिक असम के आच जिलों में लगभग 2,12,400 लोग अभी बाड की
01:12चपेट में
01:13और 447 गाउं पूरी तरा जलमगन है
01:17सबसे जादा बुरा असर चराईदेव जिले पर पड़ा है जहां करीब 80,000 लोग प्रभावित है
01:23इसके लावर शिफसागर में 71,000 और जोरहाट में 40,000 से अधिक लोग पानी से खेरे होए
01:29ये बाड सिर्फ आकडों का खेल नहीं है
01:32इसके पीछे छिपा है लोगों का बेहिसाब नुकसान
01:35शिफसागर जुले के कमल चापूरी गाउं का उधारन ले तो 19 जुलाई को आई बाड ने इस गाउं के 150
01:41में से 100 घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया
01:45आज उसे एक गाउं की 100 से जादा परिवार पूरी तरह बेघर हो चुके हैं और तिरपाल की नूचे दिन
01:51बिता रही
01:52राज़े में 17,198 हेक्टेयर से ज्यादा खड़ी फसल पानी में डूप कर बरबाद हो चुकी है
01:58दगबग 2.97 लाग पालतू पशू और मुर्गिया बार से प्रभावित है जबकि 11,000 से जादा मवेशी पानी के
02:07तेज बहाओ में बह गए
02:08कई ग्रामेन इलाकों में पिछले 11 दिनों से बिजली अपूरती पूरी धरा ठप है
02:13हालात को काबू में लाने के लिए सेना, इंडी आरेफ, स्टी आरेफ, पुलिस और स्थानी प्रिसाशन लगातार रिस्क्यू आपरेशन चला
02:21रहे हैं
02:21राजे में 112 राहत के इंद्र बनाए गए हैं जहां 75,583 लोगों ने श्रण ली
02:28प्रभावित इलाकों में चावल, दाल, नमक और सर्सों का तेल वितरत किया जा रहा है
02:34मुख्यमंत्री हिमंद बिजवा सर्मा ने घुशना की है कि प्रभावित परिवारों को ततकाल 15,000 रुपे की आर्थिक मदद दी
02:41जाएगी
02:42बाड पीडितों को बांक लोन के किस्ते चुकाने के लिए 6 महीने की छूट दी गई है
02:47साथ ऑगस्स से चार सबसे ज़्यादा प्रभावित जिलों में नुपसान का आकलन करने के लिए सर्वेश शुरू होगा
02:52साथ ही शतिक्ड स्कूलों की सफाई और मरम्मत के लिए 8 करोन रुपे जारी किये गए
02:57असम के साथ-साथ पडोसी राज्यों में भी हालाच चुनता जुनक है
03:01अरनाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूसकलन की वज़र से करीब 1.5 लाख लोग प्रभावित हुए
03:07मड़ीपूर के चूड चंदरपूर जिले में भी भारी बारिश के बाद पानी भर गया है
03:12स्तेती के गंभीता को देखते हुए प्रदान मंत्री नरेंद मोधी ने नई दिल्ली में अरनाचल प्रदेश और नागलाण की प्रती
03:18निधियों के साथ समिक्षा बैठकी और केंद्र सरकार की योई से हर संभव मदद का आसवाशन दिया है
03:24मौसम विवाग ने चेताबनी जारी की है कि अगले तीन दिनों में असम, अरनाचल प्रदेश, नागलाण और मिजोरम में भारी
03:31बारिश हो सकती
03:32धान सेरी नदी अभी भी खत्रे के निशान से उपर बह रही यानि संकट अभी टला नहीं
03:38बाड से हुआ नुकसान बहुत बड़ा है और इन परिवारों को दोबार अपनी जिंदगी पट्री पर लाने में काफी समय
03:44लगेगा
03:44इस मुश्कल समय में प्रभावित लोगों को प्रसाशनिक मदद के साथ-साथ सही समय पर राहत पहुचाने की सक्ट जरुरत
03:51है
03:51असम और पूरे पूर्वांतर में बाड का संकट सिर्फ एक प्राकर्तिक आपदा नहीं बलकि हमारी आपदा प्रभंदन में विस्थाक्स भी
03:58एक बड़ी परीक्षा है
03:59है साल लाखों लोग इसी दर्द से गुजरते हैं लेकिन सवाल वही रह जाता है
04:04क्या हर बार राहत और मुआफ़े का इंतजार ही इन लोगों के किस्मत बन कर रह जाएगा
04:08सरकारे दावे करती है कि तयारिया पूरी है लेकिन अगर हर मौनस्कूल में हजारों घर उजड रहे हैं
04:14लोग बेघर हो रहे हैं और बच्चों की जान जा रही है तो आखिर हमारी तयारियों में कमी कहा है
04:20क्या स्थाई समधान की दिशा में पर्याप्त कदम उठाए गए हैं या फिर हर साल बाढ़ आने के बाद सिर्फ
04:26राहत पाकेजों की घोशना ही हमारी नीती बन कर रह गई
04:30उमीद है कि केंदर और राजसरकारी सिर्फ तक काली नराहत तक सीमित ना रहे बल की ऐसी दीर्ख काली की
04:36योजनाओ पर भी गंभीता से काम करें जिससे हर साल दोहराई जाने वाली इस तरासदी को रोका जा सकें
04:41क्योंकि सवाल सिफ पानी उतरने का नहीं है सवाल उन जिंदगियों का है जने हर बरसात के साथ फिर से
04:47शुरुआत करने पड़ती
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