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असम इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है, जिसने लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 80 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 6 लाख लोग बेघर हो गए हैं। चराइदेव और शिवसागर जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां सैकड़ों गांव जलमग्न हैं और हजारों परिवारों ने अपने घर, खेती और आजीविका खो दी है। बाढ़ का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान समेत कई इलाकों में वन्यजीवों और मवेशियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं तथा हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। इस बीच बाढ़ नियंत्रण, तटबंधों की स्थिति और सरकार के पुराने वादों को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हर साल असम को ऐसी भयावह बाढ़ का सामना क्यों करना पड़ता है और इसका स्थायी समाधान कब निकलेगा।

Assam is currently facing a devastating flood crisis that has disrupted the lives of millions of people. According to official figures, the disaster has claimed 80 lives so far, while nearly 600,000 people have been displaced from their homes. The districts of Charaideo and Sivasagar are among the worst affected, with hundreds of villages submerged and thousands of families losing their homes, farmland, and livelihoods. The floods have not only impacted people but have also caused severe damage to wildlife and livestock, including in the world-famous Kaziranga National Park. The Indian Army, NDRF, SDRF, and local administration are carrying out round-the-clock rescue and relief operations, evacuating thousands of people to safer locations.

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00:06असम और पुर्वोतर भारत इस समय एक बहुत बड़े संकट से गुजर रहे हैं
00:11कुदरत का जो कहर वहां बर्पा है उसने लाखों जिन्दियों को एक जटके में अस्त वेस्त कर दिया है
00:17नदिया उफान पर है घर पानी में डूबे हैं और हजारों लोग राहत शेविरों में इस उमीद में दिन काट
00:25रहे हैं कि कब हालात समान्य होंगे
00:27आज हम बात करेंगे असम के उस जमीनी सच्चाई की जहां बाड की बज़ा से अब तक 80 लोग अपनी
00:33जान गवा चुके हैं
00:34और 2 लाख से जादा लोग अब भी प्रभावत हैं
00:37असम के कई अलाकों में भले ही पानी धीरे-धीरे कम हो रहा हो लेकिन स्थिती अभी भी बेहत नाजुके
00:44पिछले 24 घंटों में शिवसागर जुले से बहुत दुखत खबर सामने आई हैं
00:49जहां दो और लोगों की बाड के पानी में डूबने से जान चले गई हैं
00:54मृत्यकों में से एक बेकसूर मासूम बच्चा भी शामिल था
00:58इसके साथ ही इस साल असम में बाड से मरने बालों की संक्या बढ़कर असी हो गई है
01:03राजयापदा प्रबंधन प्राधिकरन की रिपोर्ट के मुताबिक असम के आच जिलों में लगभग 2,12,400 लोग अभी बाड की
01:12चपेट में
01:13और 447 गाउं पूरी तरा जलमगन है
01:17सबसे जादा बुरा असर चराईदेव जिले पर पड़ा है जहां करीब 80,000 लोग प्रभावित है
01:23इसके लावर शिफसागर में 71,000 और जोरहाट में 40,000 से अधिक लोग पानी से खेरे होए
01:29ये बाड सिर्फ आकडों का खेल नहीं है
01:32इसके पीछे छिपा है लोगों का बेहिसाब नुकसान
01:35शिफसागर जुले के कमल चापूरी गाउं का उधारन ले तो 19 जुलाई को आई बाड ने इस गाउं के 150
01:41में से 100 घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया
01:45आज उसे एक गाउं की 100 से जादा परिवार पूरी तरह बेघर हो चुके हैं और तिरपाल की नूचे दिन
01:51बिता रही
01:52राज़े में 17,198 हेक्टेयर से ज्यादा खड़ी फसल पानी में डूप कर बरबाद हो चुकी है
01:58दगबग 2.97 लाग पालतू पशू और मुर्गिया बार से प्रभावित है जबकि 11,000 से जादा मवेशी पानी के
02:07तेज बहाओ में बह गए
02:08कई ग्रामेन इलाकों में पिछले 11 दिनों से बिजली अपूरती पूरी धरा ठप है
02:13हालात को काबू में लाने के लिए सेना, इंडी आरेफ, स्टी आरेफ, पुलिस और स्थानी प्रिसाशन लगातार रिस्क्यू आपरेशन चला
02:21रहे हैं
02:21राजे में 112 राहत के इंद्र बनाए गए हैं जहां 75,583 लोगों ने श्रण ली
02:28प्रभावित इलाकों में चावल, दाल, नमक और सर्सों का तेल वितरत किया जा रहा है
02:34मुख्यमंत्री हिमंद बिजवा सर्मा ने घुशना की है कि प्रभावित परिवारों को ततकाल 15,000 रुपे की आर्थिक मदद दी
02:41जाएगी
02:42बाड पीडितों को बांक लोन के किस्ते चुकाने के लिए 6 महीने की छूट दी गई है
02:47साथ ऑगस्स से चार सबसे ज़्यादा प्रभावित जिलों में नुपसान का आकलन करने के लिए सर्वेश शुरू होगा
02:52साथ ही शतिक्ड स्कूलों की सफाई और मरम्मत के लिए 8 करोन रुपे जारी किये गए
02:57असम के साथ-साथ पडोसी राज्यों में भी हालाच चुनता जुनक है
03:01अरनाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूसकलन की वज़र से करीब 1.5 लाख लोग प्रभावित हुए
03:07मड़ीपूर के चूड चंदरपूर जिले में भी भारी बारिश के बाद पानी भर गया है
03:12स्तेती के गंभीता को देखते हुए प्रदान मंत्री नरेंद मोधी ने नई दिल्ली में अरनाचल प्रदेश और नागलाण की प्रती
03:18निधियों के साथ समिक्षा बैठकी और केंद्र सरकार की योई से हर संभव मदद का आसवाशन दिया है
03:24मौसम विवाग ने चेताबनी जारी की है कि अगले तीन दिनों में असम, अरनाचल प्रदेश, नागलाण और मिजोरम में भारी
03:31बारिश हो सकती
03:32धान सेरी नदी अभी भी खत्रे के निशान से उपर बह रही यानि संकट अभी टला नहीं
03:38बाड से हुआ नुकसान बहुत बड़ा है और इन परिवारों को दोबार अपनी जिंदगी पट्री पर लाने में काफी समय
03:44लगेगा
03:44इस मुश्कल समय में प्रभावित लोगों को प्रसाशनिक मदद के साथ-साथ सही समय पर राहत पहुचाने की सक्ट जरुरत
03:51है
03:51असम और पूरे पूर्वांतर में बाड का संकट सिर्फ एक प्राकर्तिक आपदा नहीं बलकि हमारी आपदा प्रभंदन में विस्थाक्स भी
03:58एक बड़ी परीक्षा है
03:59है साल लाखों लोग इसी दर्द से गुजरते हैं लेकिन सवाल वही रह जाता है
04:04क्या हर बार राहत और मुआफ़े का इंतजार ही इन लोगों के किस्मत बन कर रह जाएगा
04:08सरकारे दावे करती है कि तयारिया पूरी है लेकिन अगर हर मौनस्कूल में हजारों घर उजड रहे हैं
04:14लोग बेघर हो रहे हैं और बच्चों की जान जा रही है तो आखिर हमारी तयारियों में कमी कहा है
04:20क्या स्थाई समधान की दिशा में पर्याप्त कदम उठाए गए हैं या फिर हर साल बाढ़ आने के बाद सिर्फ
04:26राहत पाकेजों की घोशना ही हमारी नीती बन कर रह गई
04:30उमीद है कि केंदर और राजसरकारी सिर्फ तक काली नराहत तक सीमित ना रहे बल की ऐसी दीर्ख काली की
04:36योजनाओ पर भी गंभीता से काम करें जिससे हर साल दोहराई जाने वाली इस तरासदी को रोका जा सकें
04:41क्योंकि सवाल सिफ पानी उतरने का नहीं है सवाल उन जिंदगियों का है जने हर बरसात के साथ फिर से
04:47शुरुआत करने पड़ती
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