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New Pentagon casualty figures have renewed scrutiny over the human cost of the U.S.-Iran conflict. According to a CNN report, the Pentagon updated its Defense Casualty Analysis System, restoring four previously omitted fatalities and adding more than 140 wounded personnel. The revised database now lists 18 U.S. service members killed and 624 wounded since military operations began on February 28. CNN also reports the database introduced a new "Overseas Operations" category, prompting fresh questions from lawmakers and journalists about casualty reporting, transparency, and how the Pentagon has tracked the evolving conflict.

पेंटागन द्वारा जारी किए गए नए हताहत आंकड़ों ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में हुई मानवीय क्षति को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ने अपने डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम (Defense Casualty Analysis System) को अपडेट किया है, जिसमें पहले दर्ज नहीं की गई चार मौतों को दोबारा शामिल किया गया है और 140 से अधिक घायल सैन्य कर्मियों को जोड़ा गया है। संशोधित डेटाबेस के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य अभियानों के बाद अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत और 624 कर्मियों के घायल होने की जानकारी दर्ज की गई है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, डेटाबेस में एक नई "ओवरसीज ऑपरेशंस" (Overseas Operations) श्रेणी भी जोड़ी गई है। इस बदलाव के बाद सांसदों और पत्रकारों के बीच हताहतों की रिपोर्टिंग, पारदर्शिता और संघर्ष के दौरान पेंटागन द्वारा आंकड़ों को दर्ज करने के तरीके को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।

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00:00जब सरहत पर युद्ध चल रहा हो और मिसाइले दागी जा रही हो तब अगर अचानक जंग में घायल हुए
00:05सेनिकों के आकड़े गायब होने लगे तो आप क्या सोचेंगे?
00:08क्या ये कोई तक्नीकी खराबी है या फिर युद्ध की असली और कड़वी सच्चाए को चिपाने की सोची समझी कोशश?
00:15अमेरिकों और इरान के बीच चल रहे तनाव के बीच पेंटगॉन यानि अमेरिकी रक्षा मंत्राले के एक नए और हरान
00:21करने वाले डेटा ने पूरी दुनिया को चोका दिया है
00:24अचानक से अमेरिकी सेनिकों की मोतो और उनके घायल होने की आकडों में एक बड़ा उच्छाल देखा गया है
00:30आखिर पेंटगॉन के इस नई रिकॉर्ड के पीछे का सच क्या है
00:34और क्यों इस डेटा ने अमेरिकी राजनीती से लेकर आम जनता के बीच भूचार ला दिया है
00:39आए इस पूरी कहाने को परदर परद सबश्टे है
00:42खबर ये है कि CNN के एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक पेंटगॉन ने अपने Defense Casuality Analysis System यानि कि
00:50DCAS को अपडेट किया है
00:51और जैसे ही ये डेटाबेस अपडेट हुआ बैसे ही एक अजीब बात सामया है
00:55डेटाबेस में अचानक चार ऐसी मोटों को दोबारा जोड़ दिया गया जुन्हें पहले ही दट्च नहीं किया गया था
01:02इतना ही नहीं, 140 से जादा घायल सैनिकों के नाम भी अचानक इस सरकारी डेटाबेस में शामिल कर दिये गए
01:08अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि क्या 600 से जादा सैनिक मारे गए हैं?
01:27तब से लेकर अब तक कुल 18 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 624 सैनिक घायल हुए
01:33लेकिन सवाल आकडू का नहीं, सवाल पेंटागॉन की नियत और ट्रांस्पिरिंसी का है
01:37कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब पेंटागॉन इस डेटाबेस में एक नई काटिगरी जोडता है
01:42जिसका नाम रखा गया है Overseas Operations
01:44इस नई काटिगरी में 7 जुलाई के बाद से मारे गए और घायल हुए सैनिकों का हिसाब किताब रखा गया
01:50है
01:51अब आप सोच रहे होगे कि 7 जुलाई की ही तारीख को क्यों चुना गया
01:55दरसल CNN के अनुसार 7 जुलाई वही तारीख है जब अमेरीकी राष्टपती डॉनल्ड श्रम्प ने संसत
02:00यानि कॉंग्रेस को वर पावर्स नोटिफिकेशन भेजा था
02:04ट्रम्प सार्शन का कहना है कि इरान के साथ जो सीजफायर हुआ था वो खत्म हो चुका है
02:09और 7 जुलाई से शुरू हुई ये लड़ाई संखर्ष के एक बिल्कुल नए चरण को दर्शाती
02:13लेकिन चौकाने वाली बात ये है कि इस नई काटेगरी में पेंटागॉन ने साफ साफ लिखा ही नहीं कि ये
02:19डेटा किस खास जंका है
02:20सैनिकों के विक्तिगत नाम और वियोरे इसमें जरूर दर्ज है
02:23जैसे कि जॉर्डन में इरानी हमले में मारे गए अमेरिका के तीन जवान और उतरी इराक में इरानी ड्रोन को
02:29सुरक्षत तरीके से नश्ट करने के दोरान जान गवाने वाला एक और अमेरिकी सैनिक
02:33अगर हम पूरे युद की मानिवे कीमत को देखे तो सच वाकई डराने वाला है
02:38जब ये जंग शुरू हुई थी तो पहले चरण में इसे उपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया गया था
02:43इस पहले चरण में 14 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और 400 से जादा घायल हुई थे
02:48और जब इन पुराने आकडों को नई Overseas Operations वाली लिस्ट के साथ जोड़ा जाता है
02:53तब जाकर कुल आकडा बनता है 18 मोते और 624 घायल
02:57अब बड़ा सवाल ये उठता है कि पेंटागॉन ने इस एक ही युद्ध को दो अलग-अलग हिस्सों में क्यों
03:02बाटा
03:02क्या ये आकडों को छोटा और कम खतरनाक दिखाने की कोई रणीती थी
03:06जब पतरकारों ने और खुद अमेरिकी सांसदों ने पेंटागॉन से पूछा कि इरानी हमलों की बीच आकडों में ये रुकावट
03:13और कमी क्यों आई थी
03:14तो आपको जानकर हैरानी होगी कि रविवार दो पहर तक पेंटागॉन की तरफ से इस पर कोई जवाब आया ही
03:20ने
03:20अब ये मामला सर्फ सेनिकों के आकडों तक सीमित नहीं रह गया ये कानूनी और राजनीतिक दंगल बन चुका है
03:25अमेरिका में साल 1973 का एक कानून है वार पावर साग्ड ये कानून कहता है कि राष्ट्रपती बिना अमेरिकी संसत
03:33की मंजूरी के केवल 60 दिनों तक ही कही सेने कारवाई कर सकते हैं
03:3860 दिन पूरे होता ही उन्हें या तो जंग रोक नहीं होगी या फिस संसत से इजासत लेनी होगी
03:43यहां ट्रम्प प्रसाचुन ने एक नया कानूनी तर्क पेश किया
03:46उनका कहना है कि बीच में जो युद विराम हुआ उसने उस 60 दिन की समय सीमा की घड़ी को
03:52रोक दिया था
03:53और 7 जुलाई से जब दोबारा लडाई शुरू हुई तो वोच साथ दिन का टाइमर रीसेट हो गया
03:58यानि शून्य से फिस से शुरू हो गया
04:14वह रिपब्लिकन पार्टी की वरिष्ट सीने टरलिसा मुर्कॉवस्की ने चिंता जुताई है कि अगर राश्टपती ऐसे ही युद विराम का
04:21बहाना बनाकर 60 दिन की घड़ी को रीसेट करते रहे
04:24तो अमेरिकी राश्टपती बिना संसत की मंजूरी के सालों तक जंग लड़ता रहेगा
04:30दूसरे तरफ अमेरिका के विदेश मंत्री मारको रूबियो का तर्क ये है कि खुद वार पावर से आक्ठी गैर समविधानी
04:36तो सवाल ये नहीं है कि फाइलों में काटिगरीज कैसे बदली गई
04:39सवाल ये है कि क्या जंग की कीमत को काज़ी जोड घटाव से कम किया जा सकता है
04:44अच्रा अमेरिकी जवानों की जान जा चुकी है
04:47चैसे उसे जाता सैनिक जखमी है और इरान अमेरिका का ये संगर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है
04:52एक तरफ ट्रांस्परिंसी पर उठते सवाल है और दूसरी तरफ राष्ट्रपती के अधिकारों को लेकर समविधान की खीचा थन है
04:58लेकिन इस पूरे सियासी और सैनिक खेल के बीच सबसे बड़ा सवाल आज भी वही खड़ा है
05:03क्या वार पावसाक की इस कानूनी दाव पेच के सहारे अमेरिका एक ऐसी अंचाही और अनंत जग की तरफ बढ़
05:09रहा है
05:10जिसकी असल कीमत आखिरकार सरहद पर खड़े सैनिकों को ही चुकानी पड़ेगी
05:14आप इस पूरे मुद्धे पर क्या सूचते है
05:16क्या पेंटगॉन को हता हातों के आकड़े इस तरह अलग-अलग बाटने चाहिए थे
05:20कॉमेंट सेक्शन में अपनी राए ज़रूर बताए देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहे
05:24One India Hindi
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