00:06ुत्राखंड में हर साल फॉरेस्ट फायर सीजन में हजारों पेड जल कर राख हो जाते हैं
00:11इन घटनाओं में करोरों की वन संपदा नश्ट होने के साथ ही मानविये नुकसान दर्ज किया जाता है
00:17हाला कि वन विभाग लगातार इन घटनाओं पर अंकुष लगाने का दावा करता आया है
00:22लेकिन नतीजे इसके उलठी नजर आते हैं
00:25ऐसे में उत्राखंड के जंगलों में आग की घटनाओं से जुड़े ताजे आकड़ों ने वन विभाग की चंता बढ़ा दी
00:32है
00:32आकड़े बताते हैं कि उत्राखंड में साल 2026 के फॉरिस्ट फायर सीजन यानि 15 फरवरी से 15 जून के बीच
00:40वनागनी की 580 घटनाओं रिकॉर्ड की गई है
00:42इन घटनाओं में 500.81 हेक्टेर वन शेत्र प्रभावित हुआ
00:47खास बात ये है कि इसमें सबसे ज्यादा नुकसान चीर के जंगलों को हुआ है
00:55चीर के जंगलों में 323 आग की घटनाएं दर्ज की गई है
00:59इससे 262.23 हेक्टेर शेत्र प्रभावित हुआ
01:03ये कुल प्रभावित वन शेत्र का 52.36 प्रतिशत रहा
01:08यानि आग से प्रभावित कुल शेत्र में आधे से अधिक हिस्सा अकेले चीर के जंगलों का रहा है
01:14दूसरी तरफ वन आगनी की कुल घटनाओं में भी चीर शेत्र की हिस्सेदारी करीब 56 प्रतिशत रही
01:20जंगलों में आग की दूसरी बरी घटनाएं मिश्रित वन शेत्रों में हुई
01:24168 आग की घटनाएं दर्ज की गई हैं जिसमें 152.71 वन शेत्र प्रभावित हुआ
01:32ये कुल प्रभावित शेत्र का 30.49 प्रतिशत रहा
01:36इसी तरह साल 2025 में वन शेत्र में 31 वन आगनी की घटनाएं दर्ज हुई
01:41जिसमें 45.6 हेक्टेर वन शेत्र प्रभावित हुआ
01:45ये कुल प्रभावित शेत्र का 9.1 एक एक प्रतिशत रहा
01:49इसके अलावा बांज, बंजर और रिक्त इकाईयां, सागोन और अन्यवन शेत्रों में भी आग की घटनाओं में करोरों की वन
01:57संपदा नश्ट हुई
01:59सबसें बड़ी बात इस बर्स की बनागनी घटनाएं हुई है
02:03कि हमने ये भी आंकरा निकला है
02:05कि किस प्रकार के बनों में सरवादी घटनाएं घटित हो रही है
02:09उसका एक ट्रेंड हमें पता चलाए
02:11जो ये दर्साता है कि हमारे जो चीड़ बन है
02:15वो सरवादीक सेंस्टिव है और वहाँ पर बनाएं घटनाएं घटित होने की समभावन अधीक रहती है
02:20और उसलिए जो चीड़ बनों में ही अधीक घटनाएं घटित होई है
02:24अगर हम मैदानी चत्रे की बात करें तो
02:27Mixed Forest और Salt Forest में बनाएं घटनाएं घटित होई है
02:30जो हमारे Oak Forest और देवदार Forest एरियाज है
02:35Midland, High Himalayan चेतर में
02:53इससे साफ जाहिर होता है कि आग की घटनाओं का शेत्र किसी भी एक प्रजाती के जंगलों तक सीमित नहीं
03:00है
03:00हाला कि इन आग की घटनाओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन वन विभाग के लिए चीर के
03:05जंगलों को आग से बचाना चुनौती बन गया है
03:08ETV भारत के लिए दहरादून से नवीन उन्याल की रिपोर्ट
Comments