00:02नहर की दिवार को तोड़कर घिरता ये पानी और पानी से लबालब तालाब जैसी दिख रही ये जगह
00:09दूर दूर तक जहा तक नजरे घुमाईए आपको सिर्फ पानी ही नजर आएगा
00:15लेकिन जहा तक आप नजर घुमाकर पानी देख रहे हैं
00:19वो किसानों के वो खेत हैं जिसकी छाती में कुछ हपतों पहले ही बवाई की गई थी
00:24उमीद थी कि इंद्रेदेवता महरबान हुए हैं तो इस बार अच्छी फसल होगी
00:30किन हुआ उलट इंद्रेदेवता तो बर्से लेकिन वो लोग जिनके जिम्में किसानों के खेतों तक बेवस्थित पानी पहुँचाने की जिम्मेदारी
00:39थी उन्होंने अपना काम नहीं किया
00:42नतीजतन बारिश के बाद जब नहर में पानी का बहाव आया तो वो नहर के एक हिस्थे को ही बहा
00:49ले गया और नतीजा आपके सामने है
00:52किसानों की माने तो उनका सब कुछ अब पानी के अंदर समा चुका है
00:58आप 10 से लेका तक से पूर जुब गे हैं और यह सब नहार की बात के लाफ्राहिक से तीए
01:04अच्छा कुलकर से खेट जीश्य्थे जिशे नुख्सान हो जिया पूरे में पूरबी धिलाय से बहारी से पूरे सब गयल गुला
01:13के पूरा नहास हो गए
01:13He is able to feed the plant, but he can feed the plant.
01:19How do you know that?
01:21He is able to feed the plant and the plant.
01:25In the time, he is able to feed the plant.
01:29He is able to feed the plant.
01:32But he can't feed the plant.
01:38He can feed the plant.
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