जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान RAF के जवानों ने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कथित रूप से पैलेट गन का इस्तेमाल किया था. इस घटना की काफी निंदा हो रही है और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपनी रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है. सोमवार को 'ईटीवी भारत' से खास बातचीत में CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूरी जांच के बाद ही बल इस पर अपना आधिकारिक बयान जारी करेगा. सिंह ने कहा, "अब जब आंदोलन वापस ले लिया गया है और इकट्ठा हुए लोग चले गए हैं, तो हम हर बड़े काम के बाद की तरह इस घटना की भी बारीकी से जांच करेंगे. इसके बाद ही हम मुख्यालय का पक्ष सामने रखेंगे." CRPF सूत्रों के अनुसार, इस जांच में वीडियो फुटेज, ऑपरेशन के रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद RAF जवानों के बयानों की बारीकी से जांच की जाएगी. इस समीक्षा से यह पता चलेगा कि क्या नियमों का पालन किया गया था और क्या भीड़ को काबू करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था? खबरों के मुताबिक, CRPF ने अपने एक RAF जवान की पहचान कर ली है, जिसने कथित तौर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाई थी. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं की गयी है.
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