00:00उनकी अगर मांगे तो छोड़ दीजे ना पढ़ाई लिखाई हो गई बच्चे आपके सेट हो गए अब क्या जब डस्ती
00:06बैठे रहे ना एजूकेशन मिनिस्टर बन कर आप खुद ही छोड़ दीजे मोदी जी के उपर तब आप क्यों डालते
00:10हैं आप आम शाजी से पूछि�
00:14दिल्ली पुलिस ने की लोकों वाली लाठियों से मारा लोगों को निर्मम निर्दई है यह मोदी सरकार देश के बच्चे
00:23हैं कोई विदेश के बच्चे पाकिस्तान से नहीं आई वे या घुस पैठी यह बच्चे नहीं हैं और मैं खास
00:30करके जो बीजे पी के बड़े बड
00:43खीचें आपके बच्चे बाहर विदेशिम पढ़के आए बड़ी अच्छी बात है किसी को कोई आपती नहीं लेकिन आपने कहां से
00:51विदेशिम उद्रा लेकर आए आप कहां से ये पैसा लेकर आए वो उसके बारे मैं जानना नहीं चानता आप में
00:58से बहुत ऐसे हैं जो मेरे
00:59घर के बाहर आके बैठा करते थे
01:02दस रुपे नहीं होते थे आपके पास
01:05और आप दूसरों को बच्चों के उपर उंगली उठा रहे हैं
01:07इसलिए आपके बच्चे पढ़कर आए आपने बाहरी उनको
01:10प्लेस्मेंट भी करवा ली कोई समस्या वाली बात नहीं
01:13लेकिन ये देश के बच्चे हैं
01:15आपके बच्चे तो विदेशों में पढ़ेंगे विदेशी मुद्रा कमाएंगे
01:19लेकिन यही बच्चे डॉक्टर बनेंगे इंजीनर बनेंगे
01:22यही बच्चे आईएस, आईएस, आईएस, आईएस, फॉरेस सर्विस से सब जगे जाएंगे
01:28इन गरीबों के उपर जिन्हों ने अपने गहने गिर्वी रख दिये, बेच दिये, जमीने बेच दी
01:34उनके बच्चे हैं, मजाक न समझे, और विशेश करके धर्मेन प्रदान जी, आपकी बेची तो बाहर पढ़कर आई हैं, बड़ी
01:41अच्छी की बात है, बढ़ाई हो आपको, लेकिन ये बच्चे आपके भी हैं, आप देश के सिक्षा मंतरी हैं, उनकी
01:49अगर मांगे तो छोड
01:50दीजे न, पढ़ाई लिखाई हो गई, बच्चे आपके सेट हो गए, अब क्या जब डस्ती बैठे रहे ना, एजुकेशन मिनिस्टर
01:56बनकर, आप खुद ही छोड़ दीजे, मोदी जी के उपर तब आप क्यों डालते हैं, आप, अपने मंतरी मंतर छोड़
02:02दीजे, तो आज
02:17आप दूसरों का लगाते हैं, मेरा सिर्व इतना अनुरोध है, देश के बच्चे हैं, पूरे देश भर से, विदेशों में,
02:27हमारे लोगों ने, मोदी सरकार के विरुद्ध, अपना काम शुरू कर दिया, धरने प्रदर्शन शुरू हो गए, और अमिशा जी
02:39से पूचिए,
02:40कि दिल्ली पुलिस ने की लोकों वाली लाठियों से मारा लोगों को, पेलेट चलाए, सरकारी MLC के अंदर ये आ
02:50रहा है, माते पे मारा, गुपतांगों में महिलाओं के लड़कियों के बच्चियों के डंडे लाठी बेटन गुसाए गए, ये दिल्ली
03:03पुलिस है, और दिल
03:09वालों ने किया, शर्मानी चाहिए आप लोगों को, बच्चे हैं देश के भविश हैं, कभी जुकना पड़े तो जुकना चाहिए,
03:18जब पेड़ पर फल लदता है ना, जब फल उगते हैं पेड़ पर आम आता है तो अपने आप जुक
03:23जाता है, जुकना सीखिये, इन्होंन
03:39से मिलती है, जब एक सिक्षक पढ़ाता है ना, चालिस बच्चे कक्षा में होते हैं, तो न कोई देखता है
03:44कि किसकी जात क्या है, या उसका धर्म क्या है, तो मुहन भागबत जी यह भी आपको बताना चाहिए था,
03:51कि वह बच्चे, हिंदू बच्चे, मुसल्मान बच्चे
03:54सिक्च बच्चे या इसाई बच्चे, देशदरो ही हैं हम, जिस प्रकार से NTA में आपने कास 47 को, जो मलाई
04:05खा गए वो तो हैं, बैठे हुए, जैसे राम मंदर की डखायती में, विएच पी और RSS के मलाई खाये
04:15वे लोग, अभी भी बैठे मलाई खा रहे हैं, आपकी बड
04:24तो उस चलाई मंदे के खायवे हैं, वही NTA वाले, किसको सिखाते हो, इसलिए आपसे अनुरोध है, बख्ष दो देश
04:33को, कभी आपने लडाई तो लड़ी नहीं, कही शदाहत तो दी नहीं आपने देश की आजादी में, आज मंदे मातरम
04:40की बात करते हो, नाखून कटा के �
04:43शहीद होने की बात मत करो, शर्म करो, धन्यवाद.
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