00:04पंजाब में ड्रग्स का जाल सरकारे बदली लेकिन क्या बदली तस्वीर पंजाब एक ऐसा राज्य है जो कभी अपनी खेती
00:12अपनी इंडास्ट्री अपनी मेहनत और अपनी बिंदास जज़वे के लिए जाना जाता था
00:18लेकिन पिछले कई वर्षों से एक और अंचाही पहचान उससे जुड़ गई है ड्रग्स का संकर
00:25सरकारे बदली, राजनीतिक दल बदले, नारे बदले, कभी कॉंग्रिस ने ड्रग्स के खिलाव बड़े वादे किये
00:33आज आम आदमी पार्टी युध नशों के विरुध अभ्यान चला रही है
00:38लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है क्या पंजाब ड्रग्स के जाल से बाहर निकल पाया है
00:44अगर अधिकारिक आखडो और संसिदिय समिती की रिपोर्ट पर नजर डालें तो तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली है
00:51संसिद की सामाजिक नियाएं एवम अधिकारिता संबंधी स्थाई समिती के मुताबिक करीब 3 करोड की आबादी वाले पंजाब में लगभग
00:5966 लाख लोग किसी ना किसी तरे के नशे की चपेट में हैं
01:04इनमें से 21 लाख से ज्यादा लोग ओपियोईड यानि अफीम और हिरोईन जैसे नशों के आदी हैं
01:11सबसे चिंता जनक बात करीब 7 लाख बच्चे भी इस लट की गिरफ्थ में बताए गए हैं
01:17यानि ये सिर्फ कानून विवस्था का मामला नहीं रहा
01:21ये अब समाजिक और स्वास संकट बन चुका है
01:25अब जरह कारवाई के आखड़े भी देखे
01:282017 से 2021 के बीच पंजाब में करीब 52,000 NDPS मामले दर्च हुए
01:35लेकिन 2022 से अप्रेल 2026 तक ये संख्या बढ़कर 73,000 से ज्यादा हो गए
01:41यानि करीब 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी
01:45गिरफतारियां भी लगभग 45 प्रतिशत बढ़ी
01:48और सबसे चौकाने वाला आखड़ा
01:50हिरोईन की बरामदी में 148 प्रतिशत का उच्छाल आया है
01:55वही सिंथेटिक ड्रग क्रिस्टल मेथ यानि आइस की जबती में
01:59147 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है अब इन आक्रों के दो मतलब हो सकते हैं
02:06पहला पुलिस पहले से जादा सक्रिय है कारवा ये तेज हुई है
02:11खूफिया तंत्र बहतर काम कर रहा है लेकिन दूसरा सवाल भी उतना ही बड़ा है
02:17हर साल इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी जा रही है
02:21हजारों FIR दर्ज हो रही है
02:24फिर सवाल ये है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नशा पंजाब तक पहुँच कैसे रहा है
02:31यानि कारवाई बढ़ रही है लेकिन ड्रग नेटवर्ग भी पूरी तरहे तूटता नजर नहीं आ रहा
02:37यही वज़े है कि पंजाब एवं हर्याना हाई कोट भी कई बार इस मुद्दे पर गंभीर चंता जदा चुका है
02:45अडालत ने साफ कहा है कि पंजाब ड्रग्स की गंभीर संकट की गिरफ्त में है
02:51हाई कोट ने जाँच में तकनीकी खामिया, फुरेंजिक जाँच में देरी और सबूतों को सुरक्षित रखने में कम्यों पर भी
02:59सवाल उठाए है
02:59एक और बड़ा बदलाओं भी देखने को मिल रहा है ज्रग माफियाओं के ऑपरेट करने के तरीके में
03:05पहले चर्चा सिर्फ हिरोईन की होते थी, लेकिन अब क्रिस्टल मेथ जैसी सिंथेटिक ड्रग्स तेजी से फैल रही है
03:13सुरक्षा एजनसियां लगातार कह रही है कि सीमा पार्स से ज्रोन के जरिये नशीले पदार्थों की तसकरी बढ़ी है
03:21यानि तसकरी का तरीका भी हाई टेक हो चुका है
03:25ऐसे में सिर्फ छोटे छोटे पैडलरों को पकरना काफी नहीं होगा
03:29ड्रक सिंडिकेट के पूरे आर्थिक नेटवर्क, उसकी फंडेंग, उसकी संपत्तियों और उसके सर्गनाओं तक पहुँचना होगा
03:38इस पूरे संकट का सबसे दुखद असर पंजाब के युवाओं पर पढ़ रहा है
03:43नशा सिर्फ स्वास्थ नहीं बिगारता, ये परिवार को तबाह कर देता है
03:48रोजगार छीनता है, कर्ज बढ़ाता है और अपराद की तरफ धकेलता है
03:54इसलिए विशेशग्य मानते हैं कि ये लड़ाई सिर्फ पुलिस के दम पर नहीं जीती जा सकती
04:00जरूरत है सीमा सुरक्षा मजबूत करने की, ड्रोन तसकरी रोकने की, ड्रग माफिया की संपतियां जब्द करने की, फोरेंजिक जांच
04:10और अदालतों में तेजी लाने की और सबसे एहम
04:14नशा छोड़ चुके युवाओं के बहतर पुनरवास और रोजगार की
04:18क्योंकि आज सरकारी डी अडिक्शन सेंटरों में इलाज के बाद स्थाई रूप से ठीक होने की सपलता दर केवल डेड़
04:26प्रतिशत बताए गई है
04:28यानि इलाज की ववस्था को भी मजबूत करना होगा
04:32आखिर में ये सवाल सिर्फ सरकार का नहीं सामोहिक अकाउंटबिलिटी का है
04:38बहराल ड्रग अब्यूस के बढ़ते मामले इस बात की गवाही दे रहे हैं
04:43कि पंजाब में सरकार बदलने से भी ड्रग्स का दलदल कम नहीं हो रहा
04:48सिर्फ खाना पूर्ती, कुछ ड्रग्स को जब्द करने, कुछ गिरफतारी और कुछ पुनरवास और महस स्लोगनियरिंग से पंजाब के ड्रग
04:56इशू को खत्म नहीं किया जा सकता
04:582017 की कैमपेइन में कॉंग्रिस गुटका साहिब की कस्मे खा रही थी और मौजूदा सरकार युध नशों के विरुध कैमपेइन
05:07चला रही है
05:08लेकिन ड्रग्स की चुनौतियां गितावत बनी हुई है
05:12आखिर में सवाल यही है कि क्या पूरा सिस्टम मिलकर पंजाब को इस ड्रग महमारी से बाहर निकाल पाएगा क्या
05:19जब लाखों युवा दाव पर हों तो ये पूरे सिस्टम की जिम्मेदारी बन जाती है
05:24और ये जिम्मेदारी और जवाब दे ही सबसे पहले गंभीर सरकार पर होती है
05:30और सरकार के गंभीर मुख्या पर