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  • 3 hours ago
पेपर लीक के दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे

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00:02एक पेपर लीक लखो लोगों की उमीदों पर पानी फेर देता है। चात्रों के भविष्य को अंधकार मय बना देता
00:10है।
00:112024 और 2026 के नीट पेपर लीक कांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। सडक से संसद तक
00:18बवाल हुआ।
00:19इसके बाद प्रधान मिंतरी नरेंद्र मोदी ने सक्त कारवाई का एलान किया। कुछी घंटों के बाद मोदी कैबिनेट ने एक
00:27ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी। अगले सबता है इस बिल को संसद में पेश किया जा सकता है।
00:33आज हम बात करेंगे इस एतिहासिक बिल की जो पेपर लीक माफियाओं को खत्म करने के लिए लाया जा रहा
00:39है।
00:40ऐसा नहीं है कि इससे पहले पेपर लीक रोकने के लिए कोई कानून नहीं था।
00:45दरेसर 2024 में भी पेपर लीक की कई बड़ी घटनाएं हुई।
00:49नीट यूजी की परिक्षा 5 मई 2024 को हुई थी और इसका पेपर जारखन के हजारी बाग से लीक हुआ
00:56था।
00:57इसके बाद देश भर में छात्रों का गुसा फूट पड़ा।
01:00विपक्ष ने सरकार से सवाल किये तब केंद्र सरकार ने पबलिक एग्जामिनेशन आक्ट 2024 लाया।
01:08राष्ट्रपती द्रौपती मुर्मू ने इस पर मुहर लगाई और 21 जून 2024 को ये कानून लागू हो गया।
01:15कानून में पेपर लीक के अपराध को संगे, गैर जमानती और अश्मनीय यानि समझोता नहीं करने योग्य माना गया।
01:34अगर कोई व्यक्ती पेपर लीक या नकल में शामिल पाया जाता है तो उसे 3-5 साल की जेल और
01:4110 लाग रुपे तक का जुर्माना हो सकता है।
01:43लेकिन अगर ये संगठित अपराध है यानि कोई गिरोह या माफिया सिस्टेमाटिकली पेपर लीक कर रहा है तो सजा और
01:51भी सक्त है।
01:52ऐसे लोगों को 5-10 साल की जेल और कम से कम 1 करोड रुपे का जुर्माना भरना होगा।
01:58और अगर कोई सर्विस प्रोवाइडर यानि परिक्षा कराने वाली कमपनी गड़बडी करती है तो उस पर 1 करोड रुपे का
02:06जुर्माना लगाया जाएगा और उसे 4 साल तक परिक्षा कराने से रोक दिया जाएगा।
02:11साथ ही उससे परिक्षा खर्च की वसूली का प्रवधान किया गया है।
02:41परिक्षा कॉल में अनाधिक्रत व्यक्ति की पहुच को भी अपराध मना गया है।
02:46इस कड़े कानून के बावजूद 2026 में फिर नीट यूजी का पेपर लीख हो गया।
02:52इसे लेकर सडक से संसत तक बवाल हुआ।
02:55और 24 जुलाई 2026 को मोधी काबिनेट ने इस कानून को और भी सक्त बनाने के लिए एक नए ड्राफ्ट
03:01बिल को मनजूरी दे दी।
03:03अब सवाल उठता है कि जब पहले से ही इतना कड़ा कानून मौजूद था तो नए कानून की जरूरत क्यों
03:08पड़ी।
03:08इस सवाल का जवाब नए बिल के प्रवधानों में मौजूद है।
03:38इसे मनजूरी दे दी। इस बिल में 15 तरह के अपराध गिनाए गए हैं।
03:43जैसे पेपर लीक करना, OMR शीट से छेट छाड़ करना, फर्जी वेपसाइट बनाना, फर्जी एड्मिट कार्ट जारी करना।
03:50तो ये कानून सिर्फ सजा के बारे में नहीं है, ये लाखो छातरों के सपनों की रक्षा के बारे में
03:56है, ये कानून पारदर्शिता और निश्पक्षिता सुनिश्चित करेगा।
04:00अब कोई भी पेपर लीक माफिया बच नहीं पाएगा, अब इस नए संशोधन को अगले हफते संसद में पेश किया
04:06जाएगा, पहले संसद और फिर राष्ट्रपती की मनजूरी मिलते ही, ये बिल कानून बन जाएगा, एक नया कानून पेपर लीक
04:13करने वाले और माफिया�
04:17आएगा
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