00:004, 3, 2, 1, 0
00:22भारत ने अंतरिक्ष के छेत्र में एक और एतिहासी को प्लब्धी हासिल कर ली है
00:26इस बार ये काम केवल इसरों ने नहीं बलके भारत की एक नीजी स्पेस कंपनी ने कर दिखाया है
00:49है एडराबाद से स्काइरूट एरोस्पेस के पहले और्बिटल रॉकेट विक्रम एक ने अपने पहले ही मिशन में
00:56सफलता पुर्वग पृत्वी की कक्षा में पहुँचकर नया इतिहास रच दिया है
01:01इस मिशन की सबसे खास बाद सिर्फ रॉकेट की सफलता नहीं बलके उसके साथ अंतरिक्ष में भेजी गई
01:07वे प्रतिकात्मक चीजें भी हैं जो भारत की वैज्यानिक विरासात और राष्ट्रिय भावना का प्रतिनिधित्व करती हैं
01:14नमस्कार मेरा नाम है रिचापर आशर और आप देख रहे हैं वान इंटिया हैं
01:28श्री हरी कोटा सित इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉंच किये गए विक्रम एक रॉकेट ने दोपहर 12
01:35बज कर 5 मिनट पर सफल उडान भरी
01:38शुरुआत में लॉंच सुभे 11 बज होना था लेकिन नेविगेशन सिस्टम में समभावी तकनीकी संकेत मिलने के बाद कुछ समय
01:46के लिए उडान टाल दी गई
01:47सभी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद रॉकेट ने सफलता पुर्वक उडान भरी और कुछी मिन्टों में अपने सभी पेलोड
01:54को लगभग 450 किलोमेटर उचाई पर प्रत्वी की निचली कक्षा में स्थापित कर दिया
01:59ये मिशन इसलिए भी अतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि पहली बार किसी नीजी भारत्य कंपनी ने अपने दम पर
02:06और बिटल रॉकेट तयार करके उसे सफलता पुर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाया है
02:10अब तक इस तरह की मिशनों की जिम्मेदारी मुख्य रूप से इस रो निभाता रहा है
02:15विशेश अग्योगा मानना है कि इससे भारत के नीजी स्पेस सेक्टर को वैश्विक बाजार में नहीं पहचान मिलेगी
02:21और छोटे उग्रहों के कमलागत वाले प्रोजेक्शन पर बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में भारत मजबूत कदम बढ़ा रहा है
02:28इस मिशन का नाम मिशन आगमन रखा गया
02:30मिशन के साथ कई ऐसे विशेश वस्कुए भी अंतरिक्ष भेजी गए जिनोंने इस भावनात्मक और एतिहासिक दोनों ही दिश्टी से
02:37एक पास बना दिया
02:38इनमें सबसे अधिक चर्चा प्रधार मंती नरेंद्र मोदी के हाँ से लिखे वन्दे मातरम और पोस्ट कार्ट की हो रही
02:44है
02:45इसे इस मिशन के साथ अंतरिक्ष भेजा गया है
02:48इसके अलावा भारती वैज्ञानिकों इंजिनियरों और अंतरिक्ष यातरियों के संदेश वाले पोस्ट कार्ट भी इस मिशन का हिस्सा बने
02:55भारत की वैज्ञानिक विरासत को सम्मान देनी के लिए देश के महान वैज्ञानिक डॉक्टर विक्रम सारा भाई, सर सीवी रमन
03:03और डॉक्टर एपी जी अब्दुलकलाम की सुक्ष प्रतिमाये भी रोकेट के साथ अंतरिक्ष में भीजी के है
03:20यही नहीं, 18 कैरेट सोने से बना एक छोटा रोकेट मॉडल भी इस एतिहासिक कम मिशन में शाविल कहा
03:27इस मिशन का एक और महतुकून उदेश नई अंतरिक्ष तकनीकों का परिक्षन करना भी था
03:32इनमें छोटे उब्रहों को कम लागत में अंतरिक्ष तक पहुचाने वाली तकनीक के साथ-साथ अंतरिक्ष में बढ़ते मलबे को
03:39हटाने के लिए विक्सीत रोबोटिक तकनीक का भी परिक्षन किया गया
03:42वविशु में यही तकनीक अंतरिक्ष में सुरक्षा और सैटेलाइट संचालन गिलिए बहुत एहम सावित हो सकती है
03:48स्काइरूट एरोस्पेस की कहानी भी प्रणा धायाग है
03:52इस कंपनी की स्थापना इसरों के दो पूर्व वैज्यानिकों ने की थी
03:55सरकारी सेवा छोड़कर उन्होंने नीजी स्पेस टेक्नोलोजी के छेतर में कदम रखा
04:00और आज उसका पहला और्बिटल मिशिन ही सफल हो गया
04:03प्रधार्मंति नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धी को भारत के लिए अतिहासिक्षन बताया
04:08और वैज्यानिकों इंजिनियरों तथा पूरी टीम को बढ़ाई दी
04:11उनका कहना है कि भारत अब अंतरिक शेतर में केवल सरकारी एजेंसियों तक समित नहीं है
04:16बलकि नीजी कंपनिया भी वैश्वीक स्तर पर अपने उक्षमता साबित कर रही है
04:20कुल मिलाकर विक्रम एक ये सफल ताक येवल एक रॉकेट लाउंच नहीं बलकि भारत के नए स्पेस यूग की शुरुआत
04:27मानी जा रही है
04:27इसे देश में निवेश, रोजगार, नवाचार और अंतराश्ट्य स्पेस मार्केट में भारत की भागिदारी को निगती मलने की उमीद है
04:35आने वाले वर्षों में भारत का निवजी अंतरिफुज छेतर दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते स्पेस एकोसिस्टम में शामिल हो
04:43सकता है
04:43इस ख़बर में इतना ही जो भी अपर वो हम आपको पुम्शाते रहेंगे तब तक देश दुनिया की बागी ख़बरों
04:48के लिए देखते रहें वोन इंडिया है
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