00:00मेडम मैं एक मुसल्मान हूँ, मैं इसलाम को मानने वाला बावेखार इन्सान हूँ
00:04और मेरे मजभ की बुनियादी तालीम तोहीद है
00:07ला इलाह इलाला, नहीं है कोई खुदा सिवा इल्ला की
00:10और खुरान में लाह क्या वर्याका नाबुदू याका नस्तेईन
00:14मेरी � about कर और मुझे मानो, मुझे कहा से मिल रहा, article 25 से मिल रहा है
00:18मुझे कहा से मिल रहा है, liberty of thought, expression, believe, faith and worship से मिल रहा है
00:23तो इसको जोनना, ये बहुत ही खotरनाक होगा
00:26और हमारे प्राफेट मुहमद s.a.w. जब مदینे को गए
00:29तो उन्हों ने उस बतन के लिए दुआ की कहा
00:32कि Allaha मदिने की महपत हमारे दिलों में और और अधावा कर दे
00:35मके से जादा कर दे
00:36तो ये इसलाम मुसल्मान होना
00:39हमारे एमान में मुल्क की महपत भीच में जाती
00:42और मुल्क से महपत है रहेगी हमेशा
00:45क्योंके यजीम खुर्बानिया यहां पर सामिल है जिन्हों ने जंग आजादी में हिस्सा नहीं लिया
00:49आज अगर वो वतन की महबत का दर्स जाएंगे तो बड़ा खलत होगा
00:53अगर वंदे मातरम मेडम खौमियत का मियार है तो पिर सवाल यह है
00:57कैसरत मौहानी की खौमियत क्या थी जिसने इन खलाब जिन्दाबाद का नारा दिया
01:01यूसुब महरली ने कुट इंडिया साइमन गोबैक का नारा दिया तो उसकी खौमियत क्या थी
01:05अगर हैदराबाद से मौलवी अलाउदीन जो मक्का मस्जिद का पहला मुझरिम है काला पानी में
01:10और तुम्हेबास खान जो मार कर लाश को लटका दिया गया था हैदराबाद में आठ दिन तक उसकी खामियत क्या
01:15थी
01:15अगर इनायत अलाउदीन जो जिहाद का फत्वा अंग्रेजों इंक खिलाब दिया अरद अबाद में
01:20जब उनको दो दिन में फांसी की सजा दी गई और जब फांसी की सजा के पर जा रहे हैं
01:25तो
01:27मौला काफी के जबान पर क्या था वो रसूलाल हमारे प्रॉफिट की नाथ पढ़ रहे थे क्या पढ़ रहे थे
01:32कोई गुल बाखी रहेगा ना चमन रह जाएगा पर रसूलाला का दीन हसन रहे जाएगा तो उनकी खामियत क्या थी
01:38माल्टा की जेल में महमुद अलहसन हुसेन अमद मनी छे माई ने माल्टा की जेल की ग्राउंड में पढ़े रहे
01:44उनकी खामियत क्या थी
01:53में पहले तो मैं वजीर आजम की इस बात की मखमत करता हूँ और उनको बताना चाहूंगा कि जिना के
02:00बारे में जो कहा था
02:01हम तो जिना के सब मुखालिफ है इसलिए भारत को अपना वतन माने
02:04मगर 42 में आपके प्यारे वीर और जिना की पार्टी ने नौर्थ वेस्ट फंटियर सेंद और बंगाल में मिलकर हकूमत
02:14चलाई
02:15और उस हकूमत ने देड़ लाक हिंदू और मुसल्मानों को अंग्रेजों की फौट में शामिल करा है ताके वो लड़े
02:20तो किसी शायर ने अच्छा कहा था वजियर आदम के बारे में के फरेब दे कर जमाने को पारसा ना
02:25बनिये
02:26इन्हे कहो कि वो बंदा बने खुदा ना बने अमीर शहर यही चाहता या हज़रत के हमारी चीख गले में
02:32रहे सदा ना बने
02:33दूसरी बात मेडम हमारे वजियर दिफा जनाब रादना सिंग सहाब ने बड़ा ही अजीब गरीब और तकलिफ दे बात कही
02:40उम्र मुमिनीन के बारे में और उम्र किताब के बारे में
02:43उम्मुमिनें उनको कहते हैं जो हमारे प्राफिट मुहम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म
03:02दीन और मजभ की हमें वो दीन का मतलब सिकाने निकले हैं एहम बात ये है कि माड़म हमारे मुल्क
03:08का आइन का इस लफ से आगाज होता है वी दे पीपल इसका आगाज भारत मता के नाम से नहीं
03:14होता है हमारे समविधान का जो प्रियांबल है वो क्या कहता है लिबर्टी आफ थ
03:32सकता है आप ही के पार्टी से आज की जो बाते हुई है इसी कब हो रही है हमारे कॉंस्टन्ट
03:38असम्बली में मैडम एक महत्रमा थी रोहीनी कुमार चौदरी ने एक तजवीज दी थी कि प्रियांबल में किसी देवी के
03:45नाम से शुरू हो उन्होंने खास तोर से वंदे मातर
04:00कर दिया गया हमारे संविधान का असूल यह है कि भारत क्या है उसकी अवाम है अवामी खानून की मसन्निफ
04:07है अवाम मर्जी से की मर्जी से सबसे बालातर है अवामी हाकिमे मुल्क किसी खुदा देवी देवता मजभी इलामत के
04:15नाम से नहीं चलता ना मुल्क किसी एक मज�
04:28सिद भारत ये बावा साथ वंबिट करने कहा अब मैडम अगर मजभी आज़ादी इस आइन का बुनियादी असूल है तो
04:34सवाल ये पैदा होता है कि उस वक्त हमारे जो कॉंसरेट असम्बली के प्रेजेंट है जनाव राइंदर पसाथ साहब ने
04:40किस बुनियाद पर वंदे मा
04:58प्रिवेंट्पाटार नीज है किस ने कोई गुना नहीं किया वहीं एक 2017 का के सिपूरी नख़ू भादे 1 को विसी
05:05कोट वंडीय जाएं कि लननाकी स्वाइंच ईसने में निया जारी निग 설 निकाहिकाइंक फिर आप
05:20से इस और तो
05:26के सामें बताना चाहूंगा कि हमारा भारत एक इसका मजववा क्या है इसमें हिंदू है मुसल्मान है सिख है इसाई
05:34है जैन है एथिस्ट है महनतकश है किसान गरीब मजलूम और दलित है मगर अगर जो तकारीर आज हमने यहां
05:42पर सुनी और बाहर जो सुनते हैं अगर भारत को
05:45देवी कहने और उसके आगे सजदा करने तो दरसल खौम परस्थी को वतन से महबद को मजब में तबदील कर
05:52रहे और फिर यहां पर बोल रहे कि अगर भारत में रहना है तो वंदे मातरम गाना पड़ेगा भाई यह
05:57सम्विधान के खिलाफ है सुप्रेम कोड के जज्ज्में
06:13क्या थी अगर हैदराबाद से मौलवी अलाउदीन जो मक्का मस्जिद का पहला मुझरी में काला पानी में और तुर्यबास खान
06:19जो मारकर लास को लटका दिया गया था हैदराबाद में आठ दिन तक उसकी खौमियत क्या थी अगर इनायत उल्ला
06:24काफी जो जिहाद का फत्�
06:42� ben रह जाएगा पर � Lords और सुल्ला का दीन ए हसं रह जाएगा तो उनकी खौमियत क्या थी
06:46माल्ता की जेल में महमुद लहसं हसिम्मत मनी स्वने च्वाई ने माल्ता की जेल फाल की hon में पढ़े रहे
06:52औकी खौमियत क्या थी अल्मा फजल
07:06की बुन्यादी तालीम तोहीद है
07:08ला आ Andreas यल्लाथ नहीं है कोई खुदा सिवा
07:10बहुत सब्हाई नाबुदू याका नस्ताइब
07:14तू मेरी अबादत करेव मुझे मानो
07:16मुझे कहा से मिल रहा jam
07:17आटीकल 25 से मिल रहा है
07:19मुझे कहा से मिल रहा है
07:20liberty of thought, expression, belief
07:22faith and worship से मिल रहा है
07:24तो इसको जोड़ना ये बहुत ही खतरनाक होगा
07:27और हमारे प्राफिट मुहम्मद ﷺ जब मदीने को गए
07:30तो उन्होंने उस वतन के लिए दुआ की
07:32कहा कि अल्ला मदीने की महबत हमारे दिलों में और इजाफा कर दे
07:35मके से जादा कर दे
07:37तो ये इसलाम मुसल्मान होना
07:40हमारे एमान में मुल्क की महबत बीच में नहीं आती
07:43और मुल्क से महबत है और रहेगी हमेशा
07:45क्योंके यजीम खुर्बानियां यहां पर सामिल है
07:47जिन्होंने जंग आजादी में हिस्सा नहीं लिया
07:49आज अगर वो वतन की महबत का दर्स जाएंगे तो बड़ा घलत होगा
07:53मैटम मैं आपके साम में एक चीज़ पढ़ूँगा
07:55रमिदना टेगोर ने लिटर लिका सुवाश चिंदर बोस को
07:57मैं सरफ किसी ने नहीं पढ़ाई है
08:00क्या कहा टेगोर साब ने
08:01परलेमंट इस प्लेस जाएंगे तो बेंगाली मुसल्मान शोग साइन उस्टरवन फटरवाटिज़ फिर इस पर जाएंगे तो जितने तखारीर यहां पर
08:20सब जन्गन मन पर तनखीद किये
08:22तो मैडम मुझे यह कहना पड़ेगा कि जन्गन मन पर आप लोग इतनी तकलीफ क्यूं उठा रहे हैं आखिर इतनी
08:29तकलीफ क्यूं है तो मैं जब जा कर देखा तो मुझे 28 डिसंबर का
08:34और्गनाइजर मैगजीन का आटिकल मिला जिसमें और्गनाइजर लिखता है कि
08:49अब बताइए इसका बोलेंगे आप और फिर उसके कहन करते हैं
08:57इस पर आप क्या बोलेंगे
09:06मैडम मैं आपको भी बताना चाह रहा हूँ
09:09ये वतन की महबत हमारी बहुत है मैं
09:12मगर ये बताइए हम को
09:14अभी मैडम यहां पर आनन मट के बारे में बहुत कुछ कहा गया
09:17मैं सिर्फ दो मिसाले आपको देता हूँ
09:20आनन मट के पेज नमबर 79-80 को पढ़ लीजिए
09:23इसके बाद सनातन जहां मुसल्मानों के घर पाते थे इन्हें आग लगा देते थे
09:26आप पेज नमबर 98 पढ़िए
09:28हमें सिर्फ इन मुसल्मानों को जड़ से खतम करना है क्यों खुदा के दुश्मन बन चुके हैं
09:32पिर आप पेज नमबर 115-16 दीजिए
09:34पिर मुक्तलिफ इलाखों मुसल्मानों को सदा देने के लिए भेज जाते
09:38जहां मुसल्मान आबादी नज़ आती जला दी आता
09:40पिर आप देख लीजिए मैडम
09:41सफ़े नमबर 120 पेज 29 बंकिम लिखते हैं कि सनातियों को मालूम नहीं था
09:46कि अंग्रे जिंदुस्तान को निजात दिलाने वाले हैं
09:48ये आप क्यों कर रहे हैं
09:50अब मैडम मैं आपको पेपर जे कर दूँगा
09:53मैडम भारत में हमारी आज़ादी इसलिए आई
09:55और बरकरार रही कि हमने मुलक और मजभ को एक चीज़ नहीं बनाया
09:58हमने इलान किया कि हमारी मुलक मुक्तलिफ तबकात मजभाइब पर मुश्तमिल है
10:03हमारे मुश्तरका तखदीर हमारी खौमियत का सर्चश्मा है
10:06ये खास जबान सकावब ये मजभ नहीं है
10:08अगर वंदे मातरम का मतन खौम और मजभ को एक बना देता है
10:12अगर हम इसे टेस्ट बनाते हैं वफादारी का
10:15तो फिर मान लीजिए कि ये गांदी, अंबेटकर, टेगोर, बोस
10:19और लाको आज़ादी के सिपाईों की सौच को छोड़कर
10:21गोटसे की सौच की हिंदू-ख़ौमी परस्ताना को एक्तियार करेंगे
10:28मुझे वतन से बेंत्यार महबत है माइड़ा
10:30और इन्शाला हमेशा रहेगी, मगर बावजूद इसके
10:33के मेरी मस्जिद, मेरी अबादतगाह, मेरे कपड़े, मेरे कारोबार
10:37पर हमले होते, मगर मैं फिर भी कहता हूँ
10:39के मेरा हर वतन को हम छोड़कर नहीं जाएंगे
10:41मगर हुबूलवतनी का क्या मुतालबा है
10:44हुबूलवतनी ये कहता है
10:46के वतन से महबबत है
10:47तो जल्म को खतम करो, गरीबी को खतम करो, बेरुज़गारी को खतम करो
10:51जवर का खातेमा करो, अमन का गहवारा बनाओ
10:54पाकिस्तान की देशलगर्दी को खतम करो, एक्स्प्राटेशन को रोको, शरारत को रोको
10:58मुल्क के खिलाब की जाने सालिसाजिश हतम करो
11:01मैडम भारत एक चमन है
11:03जहां पर हर फूल को खिलना चाहिए
11:05और अगर कोई इस फूल का अगर पूरे फूल खिलेंगे
11:09तो इसकी खुजबू से ये वतन मौतर होगा
11:11मगर अगर इस चमन का माली ये कहेगा
11:14कि एक ही फूल क्हिलेगा
11:15तो मैं जिम्मधारी के साथ कह रहा हूँ
11:17अगर एक ही फूल क्हिलेगा
11:19तो वो सहरा बन जाएगा
11:21और माली माली नहीं रहेगा
11:22वो जलात कहलाएगा
11:24तो इसलिए मेडम हम एमिद करते हैं
11:26कि हुकुमत इस पर जोड़ जबर ना करे
11:29मेरा राइट है
11:31यखिनां मैं जानता हूँ
11:33के आजादी के लाएं में बंधे मातरम का नारा था
11:35मगर अगर आप इसको जबर करेंगे
11:38तो ये सम्मीधान के किलाव है
11:39वफादारी का सेटिफिक्ट हमसे मत लीजे
11:42मैठम खेम कर रहा हूँ
11:43वफादारी का सेडिमिकर्ट हम से मत लीजिए
11:45आपके बुजरगों के कोई एक किताब में लिखके क्या लिखा बता दीजिए
11:49कहां पर क्या लिखावा है
11:51मैं अपनी बात को खतम कर देता हूं मैटम कुंकि आप बहुत जल्दी में है
11:54कि भारत जिदाबाद, हिंदू मुसल्मान जिदाबाद, दलिज जिदाबाद, एसाई जिदाबाद, आदिवासी जिदाबाद
12:02जो किसी खुदा को नहीं मानते वो भी जिदाबाद
12:05तो हम उमीद करते कि इस रुख को आप समझेंगे
12:08अगर आप सिर्फ अपनी आईडियों को लेकर चलेंगे
12:11और आखिर मेडम जनाब बंकिम चंद्रा साहब के बारे में
12:15मैं आपके सामने डॉकुमें ले कर रहा हूँ
12:18कि उन्होंने बी-ए का एक्जाम पास नहीं किया था
12:21साथ माग से फेल हो गए तो यह भी रख रहा हूँ
12:23तो आप जिसका लिटररी जाइन बता रहे हैं
12:25यह जहीं है बहुत बहुत शुत्रिया मता
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