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Maharashtra Politics: उद्धव के 'Ram Raksha Andolan' पर भड़के Eknath Shinde, शिवसेना की विरासत पर क्यों छिड़ा महायुद्ध? महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर असली हिंदुत्व और भगवान राम के नाम पर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच तलवारें खिंच गई हैं।
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हिंदुत्व, भगवान राम और दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विरासत को लेकर सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण के चंदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए नागपुर से 'राम रक्षा आंदोलन' की शुरुआत कर दी है। नागपुर के ऐतिहासिक राम मंदिर में पूजा और महाआरती करने के बाद उद्धव ठाकरे ने सत्ताधारी गठबंधन और विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल दागा कि फडणवीस राम की रक्षा करने वालों के साथ हैं या चंदे में हेरफेर करने के आरोपियों के साथ खड़े हैं।

उद्धव ठाकरे के इस आक्रामक अभियान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बेहद कड़ा और तीखा पलटवार किया है। शिंदे ने आरोप लगाया कि जो लोग सत्ता के लालच में बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा को छोड़कर कांग्रेस के पाले में चले गए थे, उन्हें अब हिंदुत्व या भगवान राम की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उद्धव ठाकरे का आंदोलन वाकई गंभीर है, तो वे सबसे पहले अपने नए सहयोगियों राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अखिलेश यादव को इसमें शामिल होने का न्योता भेजें।

About the Story:
The battle for Hindutva and the political legacy of Balasaheb Thackeray has reignited in Maharashtra as Chief Minister Eknath Shinde launched a scathing attack on Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray's newly launched 'Ram Raksha Andolan'. Commenting on Thackeray's allegations regarding Ram Mandir donation irregularities, Shinde stated that those who abandoned their core ideology to ally with the Congress have no moral right to speak on Hindutva.

#MaharashtraPolitics #UddhavThackeray #EknathShinde #RamRakshaAndolan

~HT.318~PR.514~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:14महराश्ट्र की राजनीती में एक बार फिर हिंदुत्व, भगवान राम और शिवसेना की विरासत को लेकर सियासी संग्राम तेज हो
00:22गया है
00:22शिवसेना UBT प्रमुख उधव ठाकरे द्वारा शुरू किये गए राम रक्षा अंदोलन पे अब महराश्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
00:31ने जोरदार हमला बूला है
00:32शिंदे ने आरोप लगाया कि जो लोग कभी हिंदुत्व छोड़कर कॉंग्रिस के साथ चले गए थे वे अब चुनावी राजनीती
00:39के लिए भगवान राम और हिंदुत्व की याद कर रही है
00:42दरसल उद्धव ठाकरे ने अयोध्या राम मंदिर में कथित वित्तिय अनियमित्ताओं के आरोपों को लेकर राम रक्षा आंदोलन की शुरुवात
00:51की
00:51नागपुर में राम मंदिर में पूजा आर्चना और आर्ती करने के बाद उन्होंने एक जन सभा को संबोधित किया
00:57और भारतिय जनतापाटी तथा महराश्ट्र सरकार पर निशाना साधा
01:01उद्धव ठागरे का कहना था कि अब जब की राम मंदिर बन चुका है तो उसकी पवित्रता और पारदर्शिता की
01:08रक्षा के लिए आंदोलन जरूरी है
01:10उद्धव ठाकरे ने महराश्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फढणविस से भी सवाल किया
01:15कि वे स्पष्ट करें कि वे भगवान राम की रक्षा करने वालों के साथ है या फिर उन लोगों के
01:20साथ जिन पर मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाई जा रहे हैं
01:24उधर उधव ठाकरे के इस अभ्यान पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तीखा पलटवार किया
01:31शिंदे ने कहा कि जिन नेताओं के सहयोगी दल वर्षों से हिंदुत्व, विनायक दामोदर सावरकर और बाला साहिब ठाकरे की
01:38विचार धारा का विरोध करते रहे हैं
01:40उन्हें अब हिंदुत्व की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है
01:43शिंदे ने कहा कि अगर शिव सेना UBT वास्तव में राम रक्षा आंदोलन को लेकर गंभीर है तो सबसे पहले
01:50अपने सहयोगी दलों, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं को इस आंदोलन में शामिल होने का निमंतरन
01:57दे
01:57उसकी बाद राष्ट्रिय स्वयम सेवक संग के सर संचालक और मुख्यमंत्री देवेंटर फढणविस को बुलाने की बात करे
02:04एकनात शिंदे ने बाला साहिब ठाकरे के प्रसिध नारे गर्व से कहो हम हिंदू है का जिक्र किया
02:10उन्होंने कहा कि बाला साहिब ने हमेशा हिंदुत्व को अपनी राजनीती का मूल आधार माना था
02:15लेकिन उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कॉंग्रेस और अन्य दलों के साथ गठ बंधन करके उसी विचारधारा से दूरी बना
02:21ली
02:21अब वर्षो बाद अचानक हिंदुत्व की याद आना केवल राजनीतिक सुविधा का मामला दिखाई देता है
02:27शिंदे ने भगवान राम के जीवन का उदाहरन देते हुए कहा कि श्री राम ने अपने पिता की आग्या का
02:32पालन करने के लिए
02:33चौदा वर्षों का वनवास्वी कार किया था लेकिन जो लोग अपने ही पिता के सिध्धानतों और विचारधारा को बीच रास्ते
02:40में छोड़ चुके हो
02:41वे भगवान राम के आदर्शों पर दूसरों को उबदेश देने की नैतिक स्थिती में नहीं है
02:45उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि ये राम रक्षा आंदोलन वास्तव में राम की रक्षा का नहीं बलकि अपनी राजनीतिक
02:52पार्टी को बचाने का प्रयास है
02:54उनके अनुसार ये आंदोलन राजनीतिक अस्तित्व बचाने की रणनीती ज्यादा लगता है
02:59दूसरी और उद्धप ठाकरे का कहना है कि उनका उद्धेश केवल राम मंदिर से जुड़े कथित वित्ती ये अनियमित्ताओं के
03:05आरोपों पर जवाब देही तै कराना है
03:07उनका दावा है कि मंदिर करोडों श्रद्धालों की आस्था का केंद्र है और यदि किसी प्रकार की अनियमित्ता के आरोप
03:14लगते हैं तो उनकी निश्पक्ष जाच होनी चाहिए
03:16अब इस पूरे विवाद ने महराष्ट्र की राजनीती में एक बार फिर हिंदुत्व की राजनीती को केंद्र में ला दिया
03:22है
03:22दोनों पक्ष खुद को बाला साहिब ठाकरे की असली राजनीतिक विरासत और हिंदुत्व की वास्तविक विचारधारा का प्रतिनीती बता रहे
03:30हैं
03:30आने वाले दिनों में ये सियासी टकराव और तेज हो सकता है
03:34खासकर स्थानिय निकाय चुनावों और भविश्य के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए ये बहस केवल राम मंदिर तक सीमित नहीं
03:41रहेगी
03:41बलकि महराष्ट्र में शिवसेना की विरासत, हिंदुत्विकी राजनीती और विपक्ष बनाम सत्तापक्ष की नई लडाई का बड़ा मुद्धा बन सकती
03:48है
03:49फिलहाल उद्धव ठाकरे के राम रक्षा अंदोलन और एकनाथ शिंदे के जवाबी हमलों ने राज्य की राजनीती को एक बार
03:56फिर गर्मा दिया है
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