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All Party Meeting: सर्वदलीय बैठक में ऐसा क्या हुआ कि भड़क गया विपक्ष, क्यों किया वॉकआउट? 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले ऑल पार्टी मीटिंग में मचे इस घमासान ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) की शुरुआत से ठीक पहले केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई पारंपरिक सर्वदलीय बैठक में भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने सदन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी दलों से चर्चा शुरू ही की थी कि कांग्रेस (Congress), तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी (SP), डीएमके और आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई प्रमुख विपक्षी दल अचानक बैठक का बहिष्कार (Walkout) कर बाहर आ गए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बैठक में एक विशेष संसदीय समूह को असंवैधानिक तरीके से आमंत्रित किया गया, जिसकी कानूनी स्थिति और सदस्यता का विवाद अभी भी लंबित है।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी (Pramod Tiwari) ने सरकार के इस कदम को संसदीय परंपराओं और संविधान के 91वें संशोधन की भावना के खिलाफ बताया। वहीं शिवसेना (UBT) के अरविंद सावंत और आप सांसद एन.डी. गुप्ता ने भी इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। हालांकि, सरकार का रुख स्पष्ट है कि 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में 19 बैठकें प्रस्तावित हैं, जहां राष्ट्रीय महत्व के कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने हैं और सरकार हर हाल में अपने विधायी कार्यों को पूरा करना चाहती है।

इस वॉकआउट ने साफ कर दिया है कि 20 जुलाई से शुरू हो रहा यह सत्र बेहद हंगामेदार होने जा रहा है। विपक्ष ने सरकार को चौतरफा घेरने के लिए चक्रव्यूह तैयार कर लिया है, जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के आंदोलन और पुलिसिया कार्रवाई का मुद्दा सबसे गर्म रहेगा। इसके अलावा, हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक (NEET Paper Leak), बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प होना तय माना जा रहा है। इस महा-संग्राम की हर बड़ी खबर के लिए देखिए वनइंडिया हिंदी की यह विशेष रिपोर्ट।

About the Story:
Ahead of the Parliament's Monsoon Session starting July 20, major opposition parties including Congress, TMC, SP, and AAP staged a dramatic walkout from the government's all-party meeting. Opposition leaders like Mahua Moitra and Pramod Tiwari strongly objected to the inclusion of a disputed parliamentary faction, calling it unconstitutional. With the government aiming to pass key bills during the 19 scheduled sittings until August 13, the opposition is fully prepared to corner the treasury benches on major issues like Sonam Wangchuk's protest, NEET paper leak, inflation, unemployment, and farmers' MSP demands.

#AllPartyMeeting #MonsoonSession #ParliamentProtest #MahuaMoitra

~PR.514~GR.510~ED.348~HT.178~VG.HM~

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Transcript
00:00मौनसून सत्र शुरू होने से पहले ही संसद की राजनीती गर्मा गई है
00:04सरकार ने संसद के सुचारू संचालन के लिए सर्व दलिया बैठक बुलाई थी
00:08लेकिन बैठक शुरू होते ही ऐसा घटना क्रम हुआ जिसने सियासी महौल को और गर्म कर दिया
00:26अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि विपक्ष ने बैठक का बहिशकार कर दिया
00:31क्या यह सिर्फ राजनितिक विरोध था या इसके पीछे कोई सम्मेधानिक विवाद भी है
00:36आये पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं
00:39नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहें वन इडिया हिंदी
00:42दरसल संसद के मौनसोन सत्र के पहले सरकार की ओर से आयोजीत पारंपरिक सर्वदलिय बैठक का उदेश्य सभी राजनितिक दलों
00:50से चर्चा करके
00:51सत्र को 104 रूप से चलाने की रणीती बनाना था लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्ष ने एक विशेश संसदिय
00:58समूप को आमंत्रत किये जाने पर कड़ा विरोध जताया
01:01विपक्ष का आरोप है कि जिन सांसदों को अलग समूप के रूप में बैठक में बुलाया गया उनकी संसदिय और
01:08कानूनिस्ति थी अभी पूरी दिरस पश्ट नहीं है
01:11उनका कहरा है कि संसदों के विलाय और सदसिता से जुड़े मामले अभी भी लंबीत हैं
01:17ऐसे में उन हलक पहचान देकर सर्वदलिय बैठक में शामिल करना संसदिय परंपराओं और सम्विधान की भावना के खिलाफ है
01:24त्रिणमुल कॉंग्रस की सांसद महुआ मोहित्रा ने कहा कि अब जब तक लोगसभा अध्यक्ष या संबंदित सम्विधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं
01:32हो जाती तब तक किसी भी समुग को आधिकारिक मानेता देना उचित नहीं माना जबा सकता
01:37उन्होंने ये भी कहा कि सम्विधान के ख्यानवे संशोधन के बाद अलग संसदिय गुट बनाने की व्यवस्था पहले जैसी नहीं
01:44रही है
01:44इसलिए ऐसे किसी समुग को अलग पहचान देकर बैठक में शामिल करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है
01:51कॉंगर्स सांसद प्रमोतिवारी ने भी विपक्ष के रुका समर्थन किया
01:55उन्होंने कहा कि अंतिम सम्विधानिक फैसला आने से पहले किसी समुग को मानेता देना और सम्विधानिक है
02:01उनके मताबिक कॉंग्रस ने संविधान और संसदिय मर्यादा की रक्षा के लिए बैठक से वॉक आउट किया।
02:07शिवसेना UBT के सांसद अर्विंद सावंद ने भी इस पूरे मुद्दे पर सरकार को घेरा।
02:12उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी है तो उसके निपचारे से पहले किसी सम्मू को आधिकारिक
02:19पहचान देना उचित नहीं कहा जा सकता।
02:22आधनी पार्टी के सांसद एंडी गुपता ने भी इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का उधारन देते हुए कहा कि उन्हेके
02:28मामले में भी अलग बैचने की विवस्था से जुड़े विवाद अभी विचारा धीन है और उनका आरोग था कि इस
02:34तरह के फैसले लोगतांतरि
02:36संस्थाओं की निश्पक्षिता पर सवाल खड़े करते हैं।
03:06के बीच टकराओं गहरा हो चुका है। ऐसे में संभावना है कि मौनसुन सत्र के दौरान भी कई मुद्दों पर
03:12जोड़दार हंगामा देखने को मिले।
03:14विपक्ष पहले ही महंगाई, वेरोजगारी, विभन राजनितिक और प्रशासनिक विवादों सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणीती बना
03:22चुका है।
03:34जिन पर संसद के भी तर जोड़दार हंगामा देखने को मिल सकता है।
04:04विपक्ष का आरोप है कि शांतिपुर्ण विरोध को दबाने की कोशिश की गई, जबकि सरकार का कहना है कि ये
04:11कदम उनकी बिगर्ती स्वास्त स्थिती और अदालत के निरदेशों के आधार पर उठाया गया।
04:16सभावना है कि इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस हो सकती है।
04:21दूसरा बड़ा मुद्दा शिक्षा व्यवस्था और परिक्षा प्रणाली का हो सकता है।
04:25पिछले कुछ समय से व्यवनिप्रत्योगी परिक्षाओं में कथित अर्नियमित ताओं और पेपर लिग को लेकर लगतार सवाल उठते रहे हैं।
04:32व्यवपक्षिस मुद्दे को युवाओं के भविश्य से जोड़कर सरकार को घेरने की तयारी में है।
04:37रोजगार, भरती प्रक्रिया और परिक्षाओ प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सरकार किसे जवाब मांगा जा सकता है।
04:43तीसरा मुद्दा महंगाई और आम आदमी की आर्थिक परिशानियां रहने वाली हैं।
04:47पेट्रॉल, डीजल की कीमतें, सोई गैस, खाद्यवस्तों की बढ़ती कीमतें और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर
04:55हो सकता है।
04:56विपक्ष का कहना है कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम बर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, रोजगार
05:04और बेरोजगारी भी संसद में प्रमुख मुद्दा बन सकती है।
05:07विपक्ष का आरोप है कि युवाओं को परियापत रोजगार नहीं मिल रहा है और सरकारी भरतियों की रफ्तार धीमी हुई
05:14है
05:14ऐसे में रोजगार, स्रिजन और आर्थिक अवसरों को लेकर सरकार से जवाब मांगा जा सकता है
05:20इसके अलावस किसानों से जुड़े मुद्दो पर भी चर्चा होने की संभावना है
05:24नियुन्तम समर्थन मूलिया यानिकी MSP, कृशी सुधार, फसल खरीद और ग्रामीर अर्थववस्था से जुड़े विशवयों पर वेपक्ष सरकार को घेर
05:32सकता है
05:32किसानों की आए बढ़ाने और कृशी छेतर की चुनोतियों को लेकर भी सवाल उठ सकते है
05:37विदेश नीती और राष्टे सुरक्षा भी इस सत्र के महरतोपुर्ण विशवों में शामिल हो सकते है
05:42भारत चीन संबंद पाकिस्तान से जोड़ी सुरक्षा शुनोतियां रूस यूक्रेन युद का असर पश्ची में इश्या की स्तिथी और वैश्वक
05:49व्यापार में भारत की भूमिका जैसे मुद्धों पर भी चर्चा संबह है
05:53विपक्ष सरकार से विदेश नीती और सुरक्षा रणीती पर स्पष्टी करण मांग सकता है
05:58अर्थवयवस्था और निवेश का मुद्धा भी एहम रहेगा
06:01आर्थिक विकास दर विदेशी नीवेश विन रिणमान छेत्र निर्यात और सरकारी योजनाओं के ख्रियानवयन को लेकर भी सरकार अपनी उलब्धियां
06:09गिना सकती है
06:10जबकि विपक्ष इन दावों की वास्तविक्ता पर सवाल उठाएगा
06:13सरकारकियों से इस सत्र में कई महतोपुन विदेख भी पेश किये जाने की संभावना है
06:18इसमें न्यायपालिका से जुड़े संशोधन, कर वैवस्था, प्रिशासनिक सुधार और अन्यनीतिगत बदलाओं से संबंधित विधेयक शामिल हो सकते हैं
06:27विपक्ष इन विधेयकों के प्रावधानों पर विस्तरित चर्चा करके और कई मामलों में संशोधन की मांग कर सकता है
06:34इसके अलावा विभिन राज्यों से जुड़े राजुनिति घटनाकरम भी संसत्त तक पहुँच सकते हैं
06:39कानून वैवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, सामप्रदाइक तनाओ, प्रकृतिक आपदाओं और राज्यों के अधिकारों जैसे मुद्दो पर भी सत्ता पक्ष और
06:47विपक्ष आमने सामने आ सकते हैं
06:50कुल मिलाकर इस बार का मौनसून सत्र केवल विधय को तक सिमित नहीं रहने वाला दिखाई दे रहा है
06:56विपक्ष पहले ही साफ कर चुका है कि वो सरकार को कई मुद्दो पर घेरने की तयारी में है
07:01जबकि सरकार अपने विधाई एजिंडे को समय पर पूरा करना चाहती है
07:06ऐसे में सदन के भी तर तीखी वहस, विरोध, स्थगन प्रिस्ताव और हंगामे की पूरी संभावना दिखाई दे रही है
07:13अब देखना दल्चस्प होगा कि क्या सरकार और विपक्ष के भी ये किसी मुद्दे पर सहमती बनती है
07:19या फिर ये पूरा मौनसून सत्र राजुनितिक टकराव और लगतार व्यवधानों के बीच ही आगे बढ़ता है
07:25आने वाले दिनों में संसद की कारवाई ही तै करेगी कि ये सत्र कानून बनाने के लिए याद रखा जाएगा
07:30या तुर राजुतिक घमसान के लिए
07:32तो सबकी नजर 20 जुलाई से शुरू होने वाले मौनसून सत्र पटिकी है
07:36क्या सरकार और विपक्ष के बीच उसेहमती बन पाएगी
07:40या फिर ये सत्र लगतार हंगामे और टकराव की भेट चट जाएगा
07:44इसका जवाब आने वाले दिनों में संसद के भीतर होने वारे कारवाई से जल्द ही मिल जाएगा
07:48फिलहाल इतना तै है कि इस बार का मौनसून सत्र सिर्फ कानून बनाने की उप्चारिक प्रक्रिया तक सिमित रहने वाला
07:54नहीं है
07:55संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के भी चुकई बड़े मुद्दों पर सीधी टकर देखने को मल सकती है
08:00एक तरफ सरकार अपने विधाई एजिंडे को आगे बढ़ाने और नए बिलों को पारित करनाने की कोशिश करेगी तो दूसरी
08:07और उपक्ष महंगाई, फिरोजगारे, शिक्षा, किसानों, लोकतंत्रिक अधिकारों और अन्यराश्ट्रे मुद्दों पर सरकार को घेरने की
08:15पूरी तयारी में है, संसत लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है जहां ज्यंता से जुड़े सवाल उठाये जाते हैं और
08:21सरकार से जवाब मांगी जाते हैं, इसलिए देश भर की निगाहें, अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले
08:27दिनों में संसत के भीतर गंभीर चर्चा ह
08:29होगी या फिर हंगामे के कारण महतोपुर्ण कामकाज बार बार प्रभावित होगा, अगर सरकार और विपक्ष के बीच समबाद और
08:36सहमती बनती है, तो कई महतोपुर्ण विधेकों पर आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकता है, लेकिन अगर टकराव लगतार
08:42बढ़ता ह
08:42तो कारवाई बार बार बाधित होने की आशंका भी बनी रहेगी, ऐसे में 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस
08:49तक चलने वाला ये मौनसून सत्र केवल राजनीतिक बयान बाजदी का मंच नहीं, बलकि बड़े फैसलों, राश्ट्रिय बहसों और लोकतांतरिक
08:57जवाब देही
08:58की असली परिक्षा बनने जा रहा है, अब सबकी नजर संसत पर है, जहां आने वाले हफ्तों में ये तै
09:03होगा कि देश की राजनीती किस दिशा में आगे बढ़ती है, और जनता से जुड़े मुद्दों पर क्या ठोस नर्न
09:10सामने आता है, इस खबर में इतना ही, लेकिन अ�
09:16कामे होंगे, जो भी बवाल होंगे, हम सब कुछ आप तक पहुचाते रहेंगे, तब तक देश-दुनिया की बाकी खबरों
09:22के लिए देखते रहिए One India हिंदी.
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