00:00मौनसून सत्र शुरू होने से पहले ही संसद की राजनीती गर्मा गई है
00:04सरकार ने संसद के सुचारू संचालन के लिए सर्व दलिया बैठक बुलाई थी
00:08लेकिन बैठक शुरू होते ही ऐसा घटना क्रम हुआ जिसने सियासी महौल को और गर्म कर दिया
00:26अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि विपक्ष ने बैठक का बहिशकार कर दिया
00:31क्या यह सिर्फ राजनितिक विरोध था या इसके पीछे कोई सम्मेधानिक विवाद भी है
00:36आये पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं
00:39नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहें वन इडिया हिंदी
00:42दरसल संसद के मौनसोन सत्र के पहले सरकार की ओर से आयोजीत पारंपरिक सर्वदलिय बैठक का उदेश्य सभी राजनितिक दलों
00:50से चर्चा करके
00:51सत्र को 104 रूप से चलाने की रणीती बनाना था लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्ष ने एक विशेश संसदिय
00:58समूप को आमंत्रत किये जाने पर कड़ा विरोध जताया
01:01विपक्ष का आरोप है कि जिन सांसदों को अलग समूप के रूप में बैठक में बुलाया गया उनकी संसदिय और
01:08कानूनिस्ति थी अभी पूरी दिरस पश्ट नहीं है
01:11उनका कहरा है कि संसदों के विलाय और सदसिता से जुड़े मामले अभी भी लंबीत हैं
01:17ऐसे में उन हलक पहचान देकर सर्वदलिय बैठक में शामिल करना संसदिय परंपराओं और सम्विधान की भावना के खिलाफ है
01:24त्रिणमुल कॉंग्रस की सांसद महुआ मोहित्रा ने कहा कि अब जब तक लोगसभा अध्यक्ष या संबंदित सम्विधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं
01:32हो जाती तब तक किसी भी समुग को आधिकारिक मानेता देना उचित नहीं माना जबा सकता
01:37उन्होंने ये भी कहा कि सम्विधान के ख्यानवे संशोधन के बाद अलग संसदिय गुट बनाने की व्यवस्था पहले जैसी नहीं
01:44रही है
01:44इसलिए ऐसे किसी समुग को अलग पहचान देकर बैठक में शामिल करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है
01:51कॉंगर्स सांसद प्रमोतिवारी ने भी विपक्ष के रुका समर्थन किया
01:55उन्होंने कहा कि अंतिम सम्विधानिक फैसला आने से पहले किसी समुग को मानेता देना और सम्विधानिक है
02:01उनके मताबिक कॉंग्रस ने संविधान और संसदिय मर्यादा की रक्षा के लिए बैठक से वॉक आउट किया।
02:07शिवसेना UBT के सांसद अर्विंद सावंद ने भी इस पूरे मुद्दे पर सरकार को घेरा।
02:12उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी है तो उसके निपचारे से पहले किसी सम्मू को आधिकारिक
02:19पहचान देना उचित नहीं कहा जा सकता।
02:22आधनी पार्टी के सांसद एंडी गुपता ने भी इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का उधारन देते हुए कहा कि उन्हेके
02:28मामले में भी अलग बैचने की विवस्था से जुड़े विवाद अभी विचारा धीन है और उनका आरोग था कि इस
02:34तरह के फैसले लोगतांतरि
02:36संस्थाओं की निश्पक्षिता पर सवाल खड़े करते हैं।
03:06के बीच टकराओं गहरा हो चुका है। ऐसे में संभावना है कि मौनसुन सत्र के दौरान भी कई मुद्दों पर
03:12जोड़दार हंगामा देखने को मिले।
03:14विपक्ष पहले ही महंगाई, वेरोजगारी, विभन राजनितिक और प्रशासनिक विवादों सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणीती बना
03:22चुका है।
03:34जिन पर संसद के भी तर जोड़दार हंगामा देखने को मिल सकता है।
04:04विपक्ष का आरोप है कि शांतिपुर्ण विरोध को दबाने की कोशिश की गई, जबकि सरकार का कहना है कि ये
04:11कदम उनकी बिगर्ती स्वास्त स्थिती और अदालत के निरदेशों के आधार पर उठाया गया।
04:16सभावना है कि इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस हो सकती है।
04:21दूसरा बड़ा मुद्दा शिक्षा व्यवस्था और परिक्षा प्रणाली का हो सकता है।
04:25पिछले कुछ समय से व्यवनिप्रत्योगी परिक्षाओं में कथित अर्नियमित ताओं और पेपर लिग को लेकर लगतार सवाल उठते रहे हैं।
04:32व्यवपक्षिस मुद्दे को युवाओं के भविश्य से जोड़कर सरकार को घेरने की तयारी में है।
04:37रोजगार, भरती प्रक्रिया और परिक्षाओ प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सरकार किसे जवाब मांगा जा सकता है।
04:43तीसरा मुद्दा महंगाई और आम आदमी की आर्थिक परिशानियां रहने वाली हैं।
04:47पेट्रॉल, डीजल की कीमतें, सोई गैस, खाद्यवस्तों की बढ़ती कीमतें और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर
04:55हो सकता है।
04:56विपक्ष का कहना है कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम बर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, रोजगार
05:04और बेरोजगारी भी संसद में प्रमुख मुद्दा बन सकती है।
05:07विपक्ष का आरोप है कि युवाओं को परियापत रोजगार नहीं मिल रहा है और सरकारी भरतियों की रफ्तार धीमी हुई
05:14है
05:14ऐसे में रोजगार, स्रिजन और आर्थिक अवसरों को लेकर सरकार से जवाब मांगा जा सकता है
05:20इसके अलावस किसानों से जुड़े मुद्दो पर भी चर्चा होने की संभावना है
05:24नियुन्तम समर्थन मूलिया यानिकी MSP, कृशी सुधार, फसल खरीद और ग्रामीर अर्थववस्था से जुड़े विशवयों पर वेपक्ष सरकार को घेर
05:32सकता है
05:32किसानों की आए बढ़ाने और कृशी छेतर की चुनोतियों को लेकर भी सवाल उठ सकते है
05:37विदेश नीती और राष्टे सुरक्षा भी इस सत्र के महरतोपुर्ण विशवों में शामिल हो सकते है
05:42भारत चीन संबंद पाकिस्तान से जोड़ी सुरक्षा शुनोतियां रूस यूक्रेन युद का असर पश्ची में इश्या की स्तिथी और वैश्वक
05:49व्यापार में भारत की भूमिका जैसे मुद्धों पर भी चर्चा संबह है
05:53विपक्ष सरकार से विदेश नीती और सुरक्षा रणीती पर स्पष्टी करण मांग सकता है
05:58अर्थवयवस्था और निवेश का मुद्धा भी एहम रहेगा
06:01आर्थिक विकास दर विदेशी नीवेश विन रिणमान छेत्र निर्यात और सरकारी योजनाओं के ख्रियानवयन को लेकर भी सरकार अपनी उलब्धियां
06:09गिना सकती है
06:10जबकि विपक्ष इन दावों की वास्तविक्ता पर सवाल उठाएगा
06:13सरकारकियों से इस सत्र में कई महतोपुन विदेख भी पेश किये जाने की संभावना है
06:18इसमें न्यायपालिका से जुड़े संशोधन, कर वैवस्था, प्रिशासनिक सुधार और अन्यनीतिगत बदलाओं से संबंधित विधेयक शामिल हो सकते हैं
06:27विपक्ष इन विधेयकों के प्रावधानों पर विस्तरित चर्चा करके और कई मामलों में संशोधन की मांग कर सकता है
06:34इसके अलावा विभिन राज्यों से जुड़े राजुनिति घटनाकरम भी संसत्त तक पहुँच सकते हैं
06:39कानून वैवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, सामप्रदाइक तनाओ, प्रकृतिक आपदाओं और राज्यों के अधिकारों जैसे मुद्दो पर भी सत्ता पक्ष और
06:47विपक्ष आमने सामने आ सकते हैं
06:50कुल मिलाकर इस बार का मौनसून सत्र केवल विधय को तक सिमित नहीं रहने वाला दिखाई दे रहा है
06:56विपक्ष पहले ही साफ कर चुका है कि वो सरकार को कई मुद्दो पर घेरने की तयारी में है
07:01जबकि सरकार अपने विधाई एजिंडे को समय पर पूरा करना चाहती है
07:06ऐसे में सदन के भी तर तीखी वहस, विरोध, स्थगन प्रिस्ताव और हंगामे की पूरी संभावना दिखाई दे रही है
07:13अब देखना दल्चस्प होगा कि क्या सरकार और विपक्ष के भी ये किसी मुद्दे पर सहमती बनती है
07:19या फिर ये पूरा मौनसून सत्र राजुनितिक टकराव और लगतार व्यवधानों के बीच ही आगे बढ़ता है
07:25आने वाले दिनों में संसद की कारवाई ही तै करेगी कि ये सत्र कानून बनाने के लिए याद रखा जाएगा
07:30या तुर राजुतिक घमसान के लिए
07:32तो सबकी नजर 20 जुलाई से शुरू होने वाले मौनसून सत्र पटिकी है
07:36क्या सरकार और विपक्ष के बीच उसेहमती बन पाएगी
07:40या फिर ये सत्र लगतार हंगामे और टकराव की भेट चट जाएगा
07:44इसका जवाब आने वाले दिनों में संसद के भीतर होने वारे कारवाई से जल्द ही मिल जाएगा
07:48फिलहाल इतना तै है कि इस बार का मौनसून सत्र सिर्फ कानून बनाने की उप्चारिक प्रक्रिया तक सिमित रहने वाला
07:54नहीं है
07:55संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के भी चुकई बड़े मुद्दों पर सीधी टकर देखने को मल सकती है
08:00एक तरफ सरकार अपने विधाई एजिंडे को आगे बढ़ाने और नए बिलों को पारित करनाने की कोशिश करेगी तो दूसरी
08:07और उपक्ष महंगाई, फिरोजगारे, शिक्षा, किसानों, लोकतंत्रिक अधिकारों और अन्यराश्ट्रे मुद्दों पर सरकार को घेरने की
08:15पूरी तयारी में है, संसत लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है जहां ज्यंता से जुड़े सवाल उठाये जाते हैं और
08:21सरकार से जवाब मांगी जाते हैं, इसलिए देश भर की निगाहें, अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले
08:27दिनों में संसत के भीतर गंभीर चर्चा ह
08:29होगी या फिर हंगामे के कारण महतोपुर्ण कामकाज बार बार प्रभावित होगा, अगर सरकार और विपक्ष के बीच समबाद और
08:36सहमती बनती है, तो कई महतोपुर्ण विधेकों पर आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकता है, लेकिन अगर टकराव लगतार
08:42बढ़ता ह
08:42तो कारवाई बार बार बाधित होने की आशंका भी बनी रहेगी, ऐसे में 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस
08:49तक चलने वाला ये मौनसून सत्र केवल राजनीतिक बयान बाजदी का मंच नहीं, बलकि बड़े फैसलों, राश्ट्रिय बहसों और लोकतांतरिक
08:57जवाब देही
08:58की असली परिक्षा बनने जा रहा है, अब सबकी नजर संसत पर है, जहां आने वाले हफ्तों में ये तै
09:03होगा कि देश की राजनीती किस दिशा में आगे बढ़ती है, और जनता से जुड़े मुद्दों पर क्या ठोस नर्न
09:10सामने आता है, इस खबर में इतना ही, लेकिन अ�
09:16कामे होंगे, जो भी बवाल होंगे, हम सब कुछ आप तक पहुचाते रहेंगे, तब तक देश-दुनिया की बाकी खबरों
09:22के लिए देखते रहिए One India हिंदी.
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