00:06भारत ने नौसेना में एक नया युद्धुपोत शामिल किया है, INS महिंद्रगिरी.
00:11सवाल ये है कि आखिर ये भारत्य नौसेना के लिए इतना खास क्यों है?
00:16ये कोई सामान्य युद्धुपोत नहीं है, बलकि प्रोजेक्ट 17A का स्वादेशी स्टील्थ फ्रिगेट है. स्टील्थ यानि ऐसा डिजाइन जिसे दुश्मन
00:27के विडार पर पकड़ना मुश्किल होता है.
00:30दूसरी बड़ी बात, इसमें 75 प्रतीशत से ज़ादा स्वादेशी सामगरी का इस्तिमाल हुआ है. यानि भारत की रक्षा निर्माड शमता
00:39और आत्म निर्भरता की दिशा में ये एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
00:44तीसरी खास बात ये है कि आयनस महिंद्र गिरी हवा यानि एंटी एर, समुद्र की सतह, एंटी शिप और पानी
00:54के भीतर एंटी सम्मरीन ओपरेशन करने में सक्षम है.
00:58यानि ये सिर्फ एक युधपोत नहीं, बलकि एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो हवाई हमले, समुद्री खत्रे और पंडुब्बी ओपरेशन तीनों
01:08का सामना करने के लिए तैयार किया गया है.
01:11इसके अलावा, जरूरत पढ़ने पर इसे सर्च एंड रिस्क्यू ओपरेशन, मानवीय सहायता और आपता राहत अभियानों में भी तैनात किया
01:19जा सकता है.
01:20अब सवाल है कि INS महिंद्र गिरी को अभी नौसेना में शामिल किया जाना इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा
01:28है?
01:28हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक शेत्र में बढ़ती सामरिक गतिविधियों के बीच भारत लगतार अपनी समुद्री शम्ता वढ़ा रहा है.
01:36ऐसे में INS महिंद्र गिरी का नौसेना में शामिल होना भारत की समुद्री सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा निर्माल दोनों के
01:45लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धी माना जा रहा है.
01:48यानि INS महिंद्र गिरी सिर्फ एक नया युद्धुपोत नहीं, बलकि भारत की बढ़ती समुद्री शम्ता और रक्षा आत्म निर्भरता का
01:57भी प्रतीक है.
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