00:00इंडिया के किसानों को इस बार मॉनसून में खाद यानि फोर्टिलाइजर्स की भारी किलत का सामना करना पड़ने वाला था
00:07ऐसी नौबत थी
00:08लेकिन दर्शकों इस वक्त होर्मूज से जो खुश खबरी आ रही है उसने देश भर के किसानों के अंदर जोश
00:16भर दिया है क्योंकि अब फोर्टिलाइजर्स की किलत नहीं होगी
00:20जब पूरी दुनिया की नजर इरान और यूएस के बीच बढ़ते तनाफ पर थी तब क्या पीचे से इंडिया की
00:27केती बाड़ी पर एक बहुत बड़ा संकट मंडरा गया था
00:30लेकिन दर्शकों आज हम बात करेंगे उस सैलेंट डिप्लोमाटिक और लॉजिस्टिक ओपरेशन की जिसने इंडिया को एक बहुत बड़े अग्रिकल्चरल
00:39क्राइसिस से बचा लिया है
00:40और सीधा ग्लोबल जियो पॉलिटिकल वार जोन से हमारे किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुश खबरी लेकर वो आ
00:48गए है
00:48स्टोरी की शुरुवात होती है स्ट्रेट ओफ होर्मूस से अगर आप मैप पर देखें तो स्ट्रेट ओफ होर्मूस मिडल इस्ट
00:54का सबसे सेंसिटिफ चोट पॉइंट है यह पूरी जंग ही इसकी बुनियात पर लड़ी गई
00:59दुनिया का एक बहुत बड़ा कुरूड ओयल और नाचरल गैस का हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है लेकिन पिछले दिनों
01:04में जब इरान और यूएस के बीच मिलिटरी टेंशन एक्स्ट्रीम पर पहुँच गई थी तो सबसे बड़ा जटका लगा था
01:10यहां से मैरिटी
01:11मूव्मेंट को और इसका सीधा असर पड़ा था इंडिया के खारिफ सीजन पर लेकिन खारिफ सीजन यानि वो वक्त जब
01:19किसानों को सबसे जादा यूरिया डी एपी और सलफर की जरूरत होती है और इंडिया अपनी जरूरत का एक बहुत
01:27बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता
01:28है और जब ये कॉन्फिक चुरू हुई तो लगभग 20 बड़े शिप्स और वेसल्स जो इंडिया के लिए फोर्टिलाइजर्स और
01:36रॉम मटीरियल्स लेके आ रहे थे वो शेट ओफ होर्मूस के उस पार फस गए पानिक का महौल था कि
01:43अगर ये शिप्स टाइम पर नहीं प
01:58चलाकर 20 में से 15 बड़े वेसल्स को सक्सेस्वुली शेट ओफ होर्मूस से निकलवा लिया है और बाकी बचे 5
02:06वेसल्स भी तेजी से रॉम मटीरियल्स लेकर इंडिया आने के लिए तयार है यानि पूरे के पूरे 20 वेसल्स का
02:13रास्ता साफ हो गया है और ये इंडिया के किस
02:16दानों के लिए एक बहुत बड़े तोफे से कम नहीं है ये कोई छोटी मोटी शिप में नहीं है इन
02:21में से जो 15 शिप्स निकल चुके हैं उन में से 8 शिप्स ऐसी हैं जो 0.33 मिलियन टन्स
02:27यानि लगबग साड़े 3 लाख टन यूरिया लेकर आ रही है इसके अलावा चार वे
02:46पर लाइन करने वाले हैं लेकिन कहानी यहां खतम नहीं होती बाकी बचे 5 शिप्स का क्या हुआ उन पर
02:52भी काम चल रहा है उन में से 25,000 टन अमोनिया लेकर निकलने वाला है एक और वेसल 45
02:58,000 टन यूरिया लेकर भारत की तरफ आ गया है बाकी के शिप्स पर सलफर और यूर
03:15काम पका कर लिया ताकि किसानों को दिक्कत माएं चलिए अब बात करते हैं इस कहानी के दूसरे और सबसे
03:21महत्वपूर्ण पहलू की जो है डोमेस्टिक प्रडक्शन और नाच्रल गैस की सप्लाई जब मिडल इस्ट में कॉन्फिक शुरू हुआ तो
03:28इंडिया के फोर्टिल
03:45यहाँ पर इंडियन गावर्मेंट ने टाइमली इंटर्वेंशन किया डिप्लोमाटिक आउट्रीच के जरिये फ्रेश सोर्से से गास से क्योर की गई
03:52और देखते ही देखते गास सप्लाई को 100% रिस्टोर कर दिया गया रिजल्ट क्या रहा आज देश के सारे
03:58यूरिया प्
04:14रिड्यूस किया जबकी टार्गेट सिरफ 2.03 का था में में टार्गेट था 2.25 मिलियन टन लेकिन क्ली प्रडक्शन
04:21हुई 2.51 मिलियन टन और जून में भी ट्रेंट जारी रहा जहां 2.46 का टार्गेट था बहाँ 2
04:29.53 मिलियन टन यूरिया बना कर हम पैयार कर चुके हैं
04:34अगर पूरे फर्स्ट क्वाटर यानि एप्रिल से जून का FY27 का टोटल करें, तो इंडिया ने 6.78 मिलियन टन्स
04:42के टार्गिट को पीछे छोड़कर 7.15 मिलियन टन्स यूरिया प्रड्यूस कर लिया है, जो की टार्गिट से 0.36
04:51मिलियन टन्स जादा है, यानि साड़े 3 लाख �
04:56जादा बनाया हमने अपने ही टार्गिट से, यूरिया के अलावा DAP का प्रोडक्शन भी बड़ा है, जो रोज हमें बढ़ते
05:03हुए दिख रहा है, जिसका मतलब है कि बाहर से हमारी डिपेंडेंसी भी बहुत जल्दी कम होने वाली है, दर्शको
05:11नॉर्मल दिनों में ये स्�
05:24पेंडेंसी भी कम कर रहे हैं, आने वाले समय में खाद के लिए, फोटिलाइजर्स के लिए जो खर्चा आता था,
05:30देश के पैसे बाहर जाते थे, वो भी कम हो जाएगा, दर्शको लेकिन इससे एक और बात साफ हो जाती
05:35है कि आज के दौर में सेक्योरिटी का मतलब सिरफ ब
05:52नाच पर पड़ता, लेकिन स्ट्रेट और फोर्मूस से आई इस बड़ी खुशकबरी ने देश के किसानों और खेती दोनों को
05:58एक बड़ा सहरा दिया है, इस पूरे मामले पर आपकी क्या राए है, हमें कॉमेंन सेक्शन में जरूर बताइएगा, अब
06:04देख रहे हैं One India, मै
06:05हुआ खुशका शेक्श
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