00:00इस वक्ती सबसे बड़ी खबर आयोध्या के राम मंदर से जुड़ रही है एक ऐसा विवाद जिसने देश भर के
00:07राम भक्तों के बीच चर्चा छेड़ दी है
00:10सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि राम लल्ला को भेट की गई लगभक पाच करोर रुपे की स्वण राम
00:17चरित मानस मंदर से गायब हो गई है
00:20क्या सच में इतनी अनमोल धरोहर का कोई पता नहीं था या फिर इस पूरे मामले के पीछे सच कुछ
00:26और ही है
00:27अब कई दिनों की चुपी के बाद श्री राम जन भूमी तीर शेत्र ट्रस्ट ने इस विवाद पर अपना पक्ष
00:35रखा है
00:35प्रस्ट ने सिर्व आरोपा का जवाब ही नहीं दिया बलकि तस्वीरे जारी करके ये भी बताया है
00:41कि स्वन राम चरित मानस इस वक्त कहां रखी गई है
00:45लेकिन इस पूरे विवाद की कहानी शुरू कहां से हुई
00:48आईए समझते हैं पूरा मामला शुरुआत से
00:51ये स्वन राम चरित मानस कोई आम ग्रंथ नहीं है
00:55ये वो पवित्र भेट है जिसे भारत के पूर्व ग्रेस अचीफ
00:59एस लक्ष्मी नारायान ने अपनी मा की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए
01:04राम लला को समर्पित किया था
01:06बताया जाता है कि ये स्वन राम चरित मानस की कीमत लगभग पाच करो रुपे है
01:11लेकिन कुछ समय बाद जब दान देने वाले परिवार ने भेट के बारे में जानकारी लेनी चाही तो विवाद शुरू
01:19हो गया
01:19पूर्व आये सदिकारी एस लक्षमी नारायन ने आरोप लगाया कि उन्हें ना तो इस दान की प्रॉपर रिसीट मिली और
01:26ना ही ये बताया गया कि उनकी भेट मंदिर में रखी कहां गई है
01:30उनका कहना था कि ये सिरफ सोने का गरंत नहीं बलकि उनकी मा की आस्था और अंतिव इच्छा का प्रतीक
01:37था इसलिए इसके बारे में सपश जानकारी मिलनी चाहिए थी
01:41जैसे ही ये बात सामने आई सोचल मीडिया पर कई तरह के चर्चा शुरू हो गई है
01:47किसी ने कहा मंदर प्रशासन को जवाब देना चाहिए और देखते ही देखते ते ये मामला देश भर में सूर्ख्या
01:53बन गया
01:53इसी बीच जब ट्रस्ट के महा सचीफ चंपत राई ने सवाल पूछा गया तो उनका जवाब भी काफी चर्चा में
02:00रहा
02:00उन्होंने कहा मेरे पास बहुत सारे सोने चांदी के गहने आते हैं क्या मैं सब को डिस्प्ले करता फिरूँ
02:06इस बया के बाद बहस और तेज हो गई एक तरफ लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी भेट को लेकर
02:12ट्रस्ट को और अधिक ट्रांस्परेंसी दिखानी चाहिए थी
02:16दूसी तरफ कई लोगों कहना है कि किसी भी धार्मिक स्थल पर बहु मूल्य वस्तूओं को सुरक्षा के लिए पब्लिक
02:23डिस्प्ले पर रखना जरूरी नहीं होता
02:25लेकिन सबसे बड़ा सवाल फिर भी वही था आकिर स्वन्ड राम चरित मानस है कहां
02:30इस सवाल का जवाब खुद श्री राम जन भूमी टीट शेच ट्रस्ट ने दिया है
02:36ट्रस्ट के मताबिक स्वन्ड राम चरित मानस कभी भी गायब नहीं हुई
02:39ट्रस्ट कहना है कि जब इसे राम रल्ला को समर्पित किया गया
02:43तब इसे गर्ब ग्रे के पास रखा गया
02:45विशेश पूजा के लिए रखा गया था
02:47बाद में सुरक्षा और सरंक्षन के लिए ध्यान में रखते हुए
02:50इस ग्रंद को मंदिर परिसर के सुरक्षित कोथर यानि सेफ रूम में शिफ्ट कर दिया गया।
02:57ट्रस्ट ने अपने दावे को मजबूत करने के लिए इस स्वन्ड रामचिरत मानस की तस्वीरे भी जादी की है।
03:03ट्रस्ट कहना है कि ग्रंद पूरी तरह सुरक्षित है और इसे गायब होने की खबर बिल्कुल गलत है।
03:08इतना ही नहीं ट्रस्ट ने पूर्व ग्रेस अचीव एस लक्ष्मिन अरायन को मंदर आकर खुद स्वन्ड रामचिरत मानस देखने का
03:16निमंतरन भी दिया है।
03:17यानि ट्रस्ट कहना है कि अगर किसी को कोई शंका है तो वो स्वयम आकर देख सकते हैं कि ये
03:23पवित्र भेट पूरी तरह सुरक्षित है।
03:54लेकिन यहां एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता है।
03:55या फिर मंदिर प्रशासन पर विश्वासी सबसे बड़ा आधार है।
04:25इतने बड़े दान के लिए एक और बेटर कम्यूनिकेशन और डॉक्यमेंटेशन सिस्टम होना चाहिए।
04:31अपनी राय हमें कॉमेंट्स में स्रूरू बताइए।
04:48अपनी राय हमें प्रशासन पर बताइए।
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