00:00की डिवान, क्या लंगा लॉलकौर वियॉ
00:30जब दो, पढ़ियेका पही बात को आगे बढ़ेदी एक सब्सक्राइब को सब्सक्राइब करें तो इतना डर क्यों लगता है जब
00:43जूटे प्रेम में भोत इम्बत डिखा लेता है उस डर को ही प्रेम मानिया है धर है तो अच्छी तो
00:49जची से लिए तो ग्र दर रहा था है अ
01:04जैन धर्म क्यों थोड़ा पिस प्रकार है थोड़ा ऐसा बोला है कोशिश करूँगा मौका में लेवार बोले मैं तो सबसे
01:13बोलता हूँ
01:15कि जैन मुझे स्वी करते ही नहीं मैं तो सबसे बड़ा जैन हूँ अहिंसा को आखरी हद तक लेकर के
01:22जाता हूँ
01:23तो आजा अवश रखता है भी उसकी अवद्ध दन्यों आप से मुझे के पूर्ट किस्ट आप से मुझे के पूर्ट
01:32किस्ट
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