00:00प्रणाम अचारेश, मैं content creator हूँ
00:01कही न कही मुझे ऐसा feel होता है कि मैं लोगों के सामने अपने चीजों को कैसे present करूँ
00:07कि वो बहुत positive ही रहे
00:08अभी ऐसा हो रहा है कि मुझे लगबग 2 साल हो रहे हैं इस field पे
00:12और मैं depressing feel कर रही हूँ
00:14depression, anxiety, tension और बहुत सारी चीज़े
00:18मुझे ये काम से प्यार है content creation से
00:21या explore करने से
00:22लेकिन at the same time मैं अपने आपको या दूसरे को
00:25मेरे content से या मेरे चीजों से कैसे depressed होने से बचाऊं
00:29या मैं कैसे depressed ना हो
00:31सवाल को थोड़ा सा साफ करते हैं
00:34आप वही काम कर रही हैं जिससे आपको प्यार है
00:37तो depression कैसे आया
00:44लगभग इसको ऐसा बोल सकते हैं कि मुझे दो रूप रखने पड़ रहे हैं
00:49पहरा ये कि मुझे सामने में क्या दिखना है लोगों के
00:52दूसरा ये कि मुझे घर में क्या दिखना है मेरे सामने
00:54आइने के सामने inscre टेंशन होती है
00:57तो आप क्यों बनते हैं कैमरे के सामने कुछ
01:00प्रभावित करने के लिए शायद आभाव प्रभाव में
01:03आपको ऐसा क्यों लगता है कि आप सचमुझ जो हैं
01:05आप किसी के सामने जाएंगी
01:07तो उसके लिए अच्छा नहीं होगा
01:09मैं एक्सप्लोर नहीं कर पारी हूं सर तो करिए वही मैं आपके साइड से थोड़ा मार्गदर्शन चाहते हूं कि कैसे
01:16चीजें डर्व है आप में और बहुत इसमें गहरी बात नहीं है डर्व है आपको लगता है कि केमरे के
01:23सामने बनावट करना जरूरी है आप यह देखती ह
01:27कि चलन में क्या है, ट्रेंड क्या है, लोग क्या सुनना चाते हैं
01:30और आप उनके सामने वही रूप दिखा देती हैं, वही बातें कर देती हैं
01:34तो यह सब करके तो फिर भीतर दुंद खड़ा होगा ही, एक डिवीजन, विभाजन आ जाता है
01:39आप कुछ और हैं, वहाँ कुछ और दिखा रही है, और जो कॉंटेंट क्रियेशन है, यह अब आप पूरे समय
01:48करती हैं, यह फुल टाइम है अपका?
01:50अल टाइम है, तो मतलब समझों कि आपकी आजिविका भी इससे जोड़ी हुई है, तो वही बात है, यह केरियर
01:59है अब आपके लिए, ना, करियर है, प्रोफेशन है, पहचान है, सब कुछ है, जन्दगी है, कुछ नहीं बचा, आजिविका
02:07भी मारी गई, पहचान भी मारी �
02:08निराशा भी होगी, सब तरीके से समस्या खड़ी हो जाएगी, क्योंकि आप सब एक common consumer या customer को target
02:17कर रहे हो, आप यह देखी नहीं रहे है, आप कौन है, आप यह देख रहे हो, वो क्या चाहता
02:22है, वो जो चाहता है उसको दे दो, जिन्दगी जीने का दूसरा तरीका है, वो �
02:27मैं अगर public field में उतरी हूँ, मैं कुछ ऐसा परोस रही हूँ, जिसको बहुत लोग देखने वाले हैं, तो
02:33क्यों ना उसमें कुछ सच्चाई हो, कुछ दिल हो, कुछ प्यार हो, क्यों ना वो आजमा कर देखा जाए
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