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क्या जेल जाने के बाद प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी पर बने रह सकते हैं? इसी सवाल के बीच केंद्र सरकार कथित संविधान (130वां संशोधन) विधेयक को लेकर चर्चा में है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी पीएम, सीएम या मंत्री को पांच साल या उससे अधिक सजा वाले गंभीर मामले में गिरफ्तार कर लगातार 30 दिन न्यायिक हिरासत में रहना पड़ता है, तो 31वें दिन उनका पद स्वतः समाप्त हो सकता है। सरकार का दावा है कि यह कदम राजनीति में जवाबदेही और संवैधानिक नैतिकता को मजबूत करेगा, जबकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्वाचित सरकारों के लिए खतरा बता रहा है। मानसून सत्र से पहले जेपीसी की रिपोर्ट और संसद में होने वाली बहस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। आखिर क्या यह विधेयक कानून बन पाएगा या विपक्ष के विरोध के चलते अटक जाएगा? इस पूरे विवाद, राजनीतिक समीकरण और संभावित असर को इस वीडियो में विस्तार से समझिए।

Can a Prime Minister or Chief Minister continue in office after being sent to jail? This question has sparked intense political debate as the Central Government is reportedly considering the Constitution (130th Amendment) Bill. According to the proposed provisions, if a Prime Minister, Chief Minister, or Minister is arrested in a serious criminal case carrying a punishment of five years or more and remains in judicial custody for 30 consecutive days, they could automatically lose their office on the 31st day. The government argues that the move would strengthen political accountability and uphold constitutional morality, while the opposition claims it could undermine democracy and be used to target elected governments. With the Joint Parliamentary Committee (JPC) report expected before the Monsoon Session and Parliament set for a heated debate, all eyes are on whether this controversial bill will become law or face strong resistance. Watch this video for a detailed analysis of the proposed legislation, the political battle surrounding it, and its potential impact.

#MonsoonSession2026 #PMCMJailBill #PMCMRemovalBill #ModiGovt #NDAvsINDIABloc #NDA #INDIABloc #JPC #ParliamentSession #LokSabha #RajyaSabha

~PR.516~HT.408~ED.110~GR.510~VG.HM~

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Transcript
00:04क्या आपने कभी सोचा है कि अगर देश के प्रधान मंत्री या किसी राज्य के मुख्य मंत्री को जेल हो
00:10जाए तो क्या वो सलाखों के पीछे से सरकार चला सकते हैं
00:13आज तक कानून की किताबों में इसका कोई सीधा जवार नहीं था लेकिन अब दिल्ली की सत्ता के गल्यारों से
00:19कैसी खबर आ रही है जो देश की सियासत में भूचाल लाने वाली है
00:23एक ऐसा कानून बनने ज़ा रहा है जिसे जेल जाते ही प्रधान मंत्री या मुख्य मंत्री की कुरसी ओन दा
00:29स्पॉट छिन जाएगी
00:32तारीक नोट कर लीजे 20 जुलाई इसी 20 जुलाई से देश की संसत का मौन्सून सत्र शुरू होने जा रहा
00:38है
00:38इस सत्र करीब 3 हफ्तों तक चलेगा वैसे तो मौन्सून सत्र में बारिश की भूंदे गिर्थी है लेकिन इस बार
00:44संसत के अंदर स्यासी बारा उबलने वाला है
00:47वज़ा है सरकार का वो एजिंडा जिसकी तहर कई बेहद एहम और बड़े बिलपेश होने वाले हैं
00:53आपको याद होगा पिशला सत्र सरकार के लिए कुछ खास नहीं रहा था
00:57महिला आरेक्षन और लोगसबा सीटों को 50 प्रतीशत तक बढ़ाने वाला संविधान संचोधन विधैक पास नहीं हो पाया
01:04क्योंकि दक्षिणी राज्यापादी के अधार पर सीटे बढ़ाने का विलोद कर रहे है
01:09सरकार इस बार उसका नया ड्राफ्ट भी ला सकती है
01:11लेकिन इस बार सबसे जादा चर्चा महिला आरेक्षन की नहीं वर्कि एक दूसरे सूपर विसकोटक बिल की हो रही है
01:17इस बिल को नाम दिया गया है सम्विधान 130 वा चंचोध
01:22लेकिन सियासी गलियारों में इसे सब PMCM जेल बिल कह रहे हैं
01:26आई आपको असान भार्षा में समझाते हैं कि इस बिल की कहानी क्या है और सरकार से क्यो ला रही
01:31है
01:31पिछले साल औगस्ट में ग्रेय मंत्री अमिट शाने इस बिल को पेश गिया था
01:35इस बिल का सीधा सानिय अगर किसी प्रधान मंत्री, मुख्य मंत्री या फिर मंत्री पर कोई ऐसा गंभीर अपराधिक मामला
01:42दर्ज पूता है
01:43जिसमें पात साल या उससे जादा की सजा का प्रावधान हो और वो गिरफतार होकर लगातार 30 दिनों तक या
01:49एक रास्त यानी जेल में रहते हैं
01:51तो 31 दिन उनकी कुर्सी अपने आप चली जाए
01:59सरकार का साफ तर्ख है कि कोई भी नेता जेल के अंदर से सरकार नहीं चला सकता
02:03ये सम्विधानिक नेतिक्ता के खिलाफ है
02:06आपको याधी होगा दिली के पूर्व सीम अर्विंदर घेजिवाल और तमिलनाडू के पूर्व मंत्री सेंखिल बालाजी के मामलोग की समय
02:12ये बहस पूरे देश में छड़ी
02:14ये बिलोसी बहस का नतीजा है
02:16अब इस कहानी में एक बड़ा मोड आने वाला है
02:18इस बिल की बारीकियों को जाचने के लिए एक सयुप्त संसदीय सिमिती यानि JPC बनाई गई थी
02:23जिसकी कमांग BJP सांसद अपराजिता सारंगी के हाथों में
02:27खबर यह है कि मोनसून सतर शुरू होने से ठीक तीन दिन पहले आने 17 जुलाई को JPC इस बिल
02:33पर अपनी फाइनल रिपोर्ट को मनसूरी दे सकती
02:36अब राजिता सारंगी का कहना है कि बिल की नियत पर किसी ने सवाल नहीं उठाया
02:40हर कोई चाता है कि राजनीती से अपराद खत्म हो लेकिन बिल का मिस्यूज ना हो यानि कोई सरकार का
02:46गलत फाइदा उठाकर विपक्षी मुख्यमंत्रियों को फसा न दे
02:49इसके लिए जेपीसी इस बिल में कुछ कड़े सेफटी गार्ड्स यानि सुरक्षा उपाईयों की सिफारिश करने जा रही है
02:55लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं विपक्षी इस बिल को लेकर आग बगूला है
02:59कॉंग्रेस सपा, डी-मक और त्रमोल कॉंग्रेस जैसी पार्टियों का रोग है कि इस बिल का असली मक्सद विवक्षी राजयों
03:05की सरकारों को निशाना बनाना उन्हें अस्थिर करना है
03:08कमिनस निंता डी-राज़ा का कहना है कि ये बिल बिना अदालत की दूशी सावित हुए सिर्फ पुलिस की कस्टडी
03:15के दम पर चुनी हुए सरकारों को गिराने का जरिया बन जाएगा
03:18वहीं AIA-MIM प्रमुक असुदिन ओवेसी का तर्ख है कि नए अपराधिक कानुनों की तहट पुलिस वैसे भी 30 दिनों
03:26से जादा की रिमांड माग सकती है
03:27ऐसे में तो किसी भी सेटिंग CM की कुर्सी गिराना बेहत आसान हो जाएगा
03:32इसे कते सदस्यों वाली JPC कमीटी में भी विपक्ष के सिर्फ चार-पांच सदस्य बचे हैं
03:37और माना ज़रा है कि वो इस रिपोर्ट के खिलाफ अपना डिसेंट नोट याने अर्सहमिती पत्र सौपेंगे
03:42अब सबसे वड़ा सवाल यह है कि क्या ये बिलपास हो पाएगा
03:45क्योंकि ये एक सम्विधान संचोधन विधेयक है
03:48इसलिए सरकार को उसे पास कराने के लिए संसद में
03:50खास कर लोग सभा में दो ती आई बहुमत की जरुरत हो
03:53हालाकि राचर सभा में हाल ही में नए सदस्यों के आने के बाद
03:57सत्तारूट गडबंदन NDA की ताकत पहले से मजबूत हुई है
04:01लेकिन लोग सभा में त्रिमोर कॉंग्रेस के 20 और शिपसेना
04:04UBT के 6 पागिसान सदों को अलग उत्ती माननेता मिलने पर
04:07स्पीकर ओम बिल्ला क्या फैसला लेते हैं इस पर भी बहुत कुछ निलभर करेगा
04:12तो लड़ाई आर पार्टी है एक तरफ सरकार इसे राजनीती को साफ करने का महा भियान
04:17बता रही है तो दूसी तरफ विपक्ष से लोग सभा को खत्म करने का हतियार कहता है
04:2117 जुलाई को JPC के रिपोर्ट आएगी और 20 जुलाई से संसत का महा संग्राम शुरू होगा
04:26अब देखना यह होगा कि क्या मोनसुन सत्र में ये एतिहासिक बिल्ल कानून की शकल ले पाएगा
04:31या फिर विपक्ष के तीखे तरकश के सामने सरकार को अपने कदम पीछे खीचने पड़ेंगी
04:36क्या वाकई आने वाले दिनों में देश के किसी रस्तूकदार में ताको जेल से सरकार चुलानी की छूट मिलेगी या
04:42को इसी गवानी पड़ेंगी
04:44इस महा संग्राम की हर एक छोटी बड़ी अपड़ेट हम सबसे पहले आप तक पहुंचाते रहेंगे आप बने रहें वान
04:49इंडिया हिंदी के साब
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