00:00तारीक नोट कर लीज़े, 20 जुलाई, दिली की सियासी तपिश इस दिन अपने चरम पर होने वाली है, क्योंकि संसत
00:06का मौनसून सत्र शुरू होने की संभावना है।
00:09लेकिन इस बार का मौनसून सत्र सिर्फ बादलों की गरच के लिए नहीं, बलकि देश की राजनीती में एक बहुत
00:14बड़े सियासी तूफान के लिए जाना जाएगा।
00:16एक ऐसा तूफान जो देश की सियासत का पूरा भूगोल बदल सकता है, जो देश के सम्मिधान में बड़े बदलावों
00:22का गवाह बन सकता है।
00:24लेकिन सवाल ये है कि क्या देश की सत्ता पर काविज एंडिये सरकार की पास वो जादूई चावी है, जिससे
00:30सम्मिधान संशोधन का ताला खुलता है।
00:32क्या बीजेपी मिश्रन 360 के करीब पहुँच चुकी है।
00:40कहाने की शुरुबात होती है दो बड़े मुद्दोस महिला आरक्षन और परिसिमन आपको याद होगा पिश्रे दिनों इन मसलों पर
00:48संसद में सरकार को जटका लगा नहीं है।
01:07क्यानु 6308 सर क्यानि आर्टकल 368 के तहट संसद के दोनों सदनों में दो तीहाई बहुमत की जरुरत होती है।
01:14क्यानि सब सरकार बनाने वाला बहुमत काफी नहीं है। यहाँ चाहिए एक विशेश बहुमत।
01:19आये सबसे पहले समझते हैं कि देश की सबसे बड़ी पंचायत यानि लोगसभा का असली गर्ण क्या है।
01:24क्योंकि सारा खेल यहीं चिपा है। मोजुदा समय में लोगसभा की कुल 540 सीटे भरी हुए।
01:29अब नियम यह कहता है कि अगर सदन की सब ही संसद बोटिंग में हिस्सा लेते हैं तो किसी भी
01:33समविधान संचोधन विधेक को पास कराने के लिए सरकार को दो तीहाई बहुमत यानि कम से कम 360 बोटों की
01:40ज़रत हो।
01:40लेकिन अगर हम थोड़ा पीछे जाए और एपरल 2026 में हुए 131 समविधान शिंचोधन विधेक के आपनों को देखे तो
01:48उस दौरान सदन में कुल 528 सांसदों ने ही मद्दान किया।
01:53इन में से 298 सांसदों ने सरकार की पक्ष में और 230 सांसदों ने इसके विरोध में मोग डाला था
01:59जब ये 11 सांसद गैर हाजर रहे थी।
02:02अगर सरकार की अपनी खुद की ताकत की बात करें तो सत्ताधारी अंडिये गड़ बंदन में सबसे बड़ा योगदान बीजेपी
02:09का है जिसके पास अपने 240 सांसद है।
02:32में कहे तो एपरिल 2026 की वोटिंग के वक्ट सरकार की पास अपने 293 और 5 बाहरी सांसदों को मिला
02:39कर कुल 298 वोट थे।
02:41जो की 360 के जादू या आखड़ी से काफी दूर था। लेकिन अब विपक्ष में हुई हालिया टूट फूट ने
02:47इस पूरे समिकरन को पूरी तरह बदल कर रख दिया।
03:18राचनीती में जो आज आपका है जरूरी नहीं कि वो कल भी आपकर है।
03:2098 और सपा के 37 शामिल थे वो अब गरीब 26 सांसत गवाकर बागफुट पर है।
03:27लेकिन रुकिए कहानी में ट्विस्ट अभी बाकी है एंडी एं 339 तक तो पहुँच गया लेकिन मन्जिल यानि 360 का
03:34आकरा अभी भी 41 से 42 वोट दूर है।
03:37तो फिर ये दूरी कैसे पटे। अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि जब 40 वोट कम है
03:42तो सरकार बिल पास कराएगा कैसे।
03:44कई पर काम आती है राजनीती की चानक के मीती। सरकार के पास दो रास्ते। पहला रास्त नए दोस्तों की
03:51तलाश श्यासी गल्यारों में चर्चा है कि कॉंग्रेस और तमिल नाडू की दीमके की रिष्टों में कुछ खटास आई है।
03:58दीमके के पास 22 लोग सभा सांसद है। अगर दीमके कुछ मुद्धों पर सरकार के साथ आजाती है यानि की
04:04न्यूट्रल हो जाती है तो गेम बदल जाएगा। इसके लाबा जगन मोहन रेडी की YSR कॉंग्रेस के चार सांसद भी
04:10बड़ा रोल निभा सकते हैं।
04:12दूसरा रास्त वौक आउट का मास्टर स्ट्रोग। सम्विधान शन्शोधन का एक नियम वोट सिर्फ उनका गिना जाता है जो सदन
04:19में मौजूद रहकर वोट डालते हैं।
04:42सदन यानी राजसभा क्योंकि सरकार के लिए असली अग्नी परिक्षा यही होना।
04:47मौजूदा समय में राजसभा की कुल 242 सीटे भरी हुई है।
04:50अब अगर देश के सम्विधान में कोई बड़ा बदलाव करना है और सधन के सभी मानली ऐसा दस्य वोटिंग में
04:56हिस्सा लेते हैं तो सरकार को विशेश बहुमत के लिए कम से कम 161 वोटों की जरुद पढ़े।
05:28अब जरा सरकार की मौजूदा ताकत पर नजर डाले।
05:31विशेश बहुमत नहीं और इस जादूई आपने को छुदने के लिए उसे नवीन पतनायक की वीजेडी या जगन मोहन रेड़ी
05:38की वाई एसार कॉंग्रेस जैसे अन्य पार्टियों के भरोसे ही रहना हो तो लबूलवाब ये है कि टीमसी और शिफसेना
05:45यूबिटी में ह�
05:57कुछ और सियासी चक्रियों रचने हो अब देकना भीहत दिल्चस्प होगा कि 20 जुलाई को जब मोंसून सत्र की घंटी
06:03बजेगी तो क्या विपक्ष एक जुट रहकर सरकार का रास्ता रोकेगा या फिर सरकार अपने तरकश से कोई ऐसा ती
06:10निकालेगी जिससे विपक्ष क
06:11के बड़े-बड़े सूर्मा वोटिंग से पहले ही मैदान छोड़ देंगा। क्या देश एक नए सम्मिधान संशोधन का गवा बनने
06:18जा रहा है? आपकी इस नंबर गेम पर क्या रहा है हमें कॉमेंन सेक्षन ने ज़रूर बताए तो लाल बस
06:22इतना ही दीशो दुनिया की त
06:40झाल झाल झाल
07:37झाल झाल
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