जुलाई का पहला सप्ताह शुरू, अभी तक किसानों को तेज बारिश का इंतजार है
सवाईमाधोपुर. आषाढ़ माह की दस्तक के साथ ही खरीफ फसलों की बुवाई का मौसम आ गया है, लेकिन आसमान से बरसात की बूंदें अब तक खेतों तक नहीं पहुंचीं। मानसून की बेरुखी से जिले में खरीफ की बुवाई रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। जुलाई का पहला सप्ताह शुरू हो गया है लेकिन अभी तक किसानों को तेज बारिश का इंतजार है। उधर, बारिश नहीं होने से डेढ़ लाख लक्ष्य की तुलना में अब तक जिले में 10 हजार 500 हैक्टेयर क्षेत्र में ही खरीफ की बुवाई हो सकी है।
किसानों ने खेतों की जुताई, हंकाई, खरपतवार की सफाई और खाद-बीज की व्यवस्था जैसी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बावजूद इसके, पर्याप्त नमी न बनने से बुवाई का काम शुरू नहीं हो पा रहा। रोजाना आसमान में बादल उमड़ते हैं, उम्मीदें जगती हैं, लेकिन बरसात न होने से किसानों की आंखों में चिंता साफ झलक रही है। खेत खाली पड़े हैं और मेहनतकश किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब बादल बरसेंगे और उनकी मेहनत रंग लाएगी। किसानों को डर है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा और फसलें चौपट हो जाएंगी। इस बार खेत पड़े है सूने पिछले वर्ष जून के अंतिम सप्ताह तक खरीफ फसलों की बुवाई का लगभग 30 से 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। इसके विपरीत इस बार जून का अंत बीतने के बाद भी अधिकांश खेत खाली पड़े हैं। किसान लगातार आसमान की ओर निगाहें टिकाए हुए हैं कि कब बादल बरसेंगे और बुवाई का काम तेजी पकड़ सकेगा।
मानसून की सुस्ती ने किसानों की उम्मीदें तोड़ी
बरसात की कमी ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है। खेतों में तैयारियां पूरी हैं, लेकिन बीज बोने का साहस नहीं कर पा रहे। हर दिन बादलों का जमावड़ा उम्मीद जगाता है, मगर बरसात न होने से निराशा गहराती जा रही है। किसान मानते हैं कि यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश हुई तो बुवाई का कार्य तेजी से आगे बढ़ सकता है, अन्यथा इस सीजन की मेहनत अधर में रह जाएगी। यह है खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य... फसल हैक्टेयर चावल 6000 ज्वार 1000 बाजरा 60000 उड़द 40000 तिल 30000 मूंगफली 3000 अन्य फसलें 8000 कुल 1,50,000 इनका कहना है... अब तक तेज बारिश नहीं होने से जिले में 10 हजार 500 हैक्टेयर क्षेत्र में ही खरीफ की बुवाई हो सकी है। तेज बारिश के बाद ही बुवाई में तेजी आएगी।
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