सवाईमाधोपुर. एमपी के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर रणथम्भौर की फलौदी रेंज में आए चीता केपी-2 का मूवमेंट लगातार कुछ दिनों से फलौदी रेंज के बोदल नाका और भैरूपुरा नाके के बीच के क्षेत्र में बना हुआ है। कूनो नेशनल पार्क और रणथम्भौर के वन विभाग की टीमें लगातार चीते की ट्रेकिंग और मॉनिटरिंग में जुटी हुई हैं। हालांकि इस क्षेत्र के आसपास बाघ बाघिनों का मूवमेंट भी रहता है और वन्यजीव विशेषज्ञों की माने तो आम तौर पर चीता बाघ का सामना नहीं कर सकता है। ऐसे में यदि बाघ और चीते का सामना हुआ तो यह चीते के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। इन बाघ बाघिनों का रहता है मूवमेंट वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिस क्षेत्र में वर्तमान में चीते का मूवमेंट बना हुआ है उस क्षेत्र में बाघ टी-108 यानि जय और बाघिन टी-2313 का मूवमेंट रहता है। पिछले दिनों इस क्षेत्र में बाघिन नूर यानि कि टी-39 भी लगातार तीन दिनों तक नजर आई थी हालांकि अब बाघिन नूर का मूवमेंट फिर से एक बार जोन एक की ओर बताया जा रहा है। वन विभाग की भी बढ़ी चिंता बाघाें के इलाके के आसपास चीते का मूवमेंट होने के कारण वन विभाग की चिंताओं में भी इजाफा हो गया है और इसी के चलते विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हालांकि वर्तमान में चीते का मूवमेंट वन क्षेत्र के बाहर खेतों में बताया जा रहा है। इनका कहना है... चीते का मूवमेंट फिलहाल बोदल और भैरूपुरा नाके के बीच खेतों में बना है। विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। चीते और बाघ का आमना सामना ना हो इसको सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एसपी सिंह, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना।
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