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पूरा वीडियो : सुभाष चंद्र बोस से नेताजी तक का खूनभरा संघर्ष || आचार्य प्रशांत (2024)
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Transcript
00:00सुभाष चंद्र बोस ने महत्मा गांधी के नित्रत्वन 20 साल तक काम करा है
00:04और हमें ये तो पता है कि जब वो दूसरी बार अध्यक्ष बने हैं तब गांधी जी के असहमती हो
00:10गई थी
00:10पर वो दूसरी बार था एक बार बन चुके थे वो रिलेक्षन था उनका
00:14और जब पहली बार बने थे तो गांधी जी के समर्थन से बने थे
00:18गांधी जी का अशिरवाद उनके साथ था असहमती भी थी इसमें कोई शक नहीं
00:23तो कि सुभाष चंद्र बोस का तरीका संघर्ष का था और वो वाइलेंट मेथड्स के भी कुछ विशेश खिलाफ नहीं
00:32थे
00:32वो कहते थे अगर जरूरत पड़े तो सशस्त्र क्रांती भी होनी चाहिए
00:37कादीशी कहते थे सशस्त्र क्रांती भारत में बिलकुल महंगी पड़ेगी उल्टी पड़ेगी
00:44तो मतभेद थे दोनों में लेकिन 20 साल का अर्शा समझते हो दो दशक
00:49दो दशक तक दोनोंने साथ काम भी करा है
00:53आज के समय में राजनेतिक लाब उठाने के लिए तुम दिखा दो कि नई नई नई ये दोनों तो एक
00:59दूसरे के दुश्मन थे
01:01तो तुम सफल तभी हो सकते हो जब लोगों ने इतिहास पढ़ा ही ना हो
01:06और इतिहास पढ़ने के लिए कोई आपको कहीं जाकर के आर्काइव नहीं निकलवाने होते
01:11जो सारजनिक रूप से उपलब्ध सामगरी आप उसको ही पढ़ लीजे तो भी पता चल जाता है
01:16कोई भी दो इंसान होते हैं वो आवश्यक नहीं है कि एक दूसरे से हर बात में सहमत हो
01:21कहीं सहमती भी है कहीं असहमती भी है
01:24जो चीज जैसी है तथ्थे को वैसा कव वैसा देखना चाहिए
01:27जहां आ है उसको आ बोलो जहां बा है उसको बा बोलो
01:30बा को आ मत बनाओ
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