Sarla Bhat Case: कश्मीरी पंडित सरला भट्ट मर्डर केस में Yasin Malik पर चार्जशीट, 36 साल बाद कैसे मिलेगा न्याय? | Oneindia Hindi
जम्मू-कश्मीर से इस वक्त की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। साल 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के अपहरण और निर्मम हत्या के मामले में राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने आखिरकार न्याय की उम्मीद जगा दी है।
जम्मू-कश्मीर की राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद के काले दौर के एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक पन्ने को दोबारा खोलते हुए अदालत में बड़ी कामयाबी हासिल की है। साल 1990 में घाटी की एक युवा कश्मीरी पंडित नर्स, सरला भट्ट (Sarla Bhat) के अपहरण, अमानवीय उत्पीड़न और निर्मम हत्या के मामले में करीब 36 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 737 पन्नों की एक बेहद विस्तृत चार्जशीट (Charge Sheet) दाखिल की गई है। इस चार्जशीट में प्रतिबंधित संगठन जेकेएलएफ (JKLF) के शीर्ष कमांडर यासीन मलिक (Yasin Malik) समेत पांच खूंखार आतंकियों को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
साल 1990 का वो दौर जब कश्मीर की खूबसूरत वादियों में गोलियों की गूंज और मस्जिदों के लाउडस्पीकर से कश्मीरी पंडितों के खिलाफ खौफनाक नारे गूंज रहे थे, उसी समय श्रीनगर के सौरा मेडिकल इंस्टीट्यूट में काम करने वाली 27 वर्षीय सरला भट्ट को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया था। आरोप है कि सरला भट्ट ने अस्पताल में आतंकियों की कुछ गोपनीय गतिविधियों को भांप लिया था, जिसके बाद उनका बेरहमी से अपहरण कर लिया गया, उन्हें घोर प्रताड़नाएं दी गईं और अंततः गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई।
In a major breakthrough, the Jammu and Kashmir State Investigation Agency (SIA) has filed a comprehensive 737-page charge sheet against terrorist Yasin Malik and four others in connection with the 1990 abduction and brutal murderof Kashmiri Pandit nurse Sarla Bhat. After 36 long years, the SIA revived the cold case using advanced forensic techniques, scientific evidence, and statements from new eyewitnesses. Sarla Bhat, a 27-year-old nurse at Sher-i-Kashmir Institute of Medical Sciences (SKIMS), was targeted by JKLF terrorists during the peak of Kashmiri Pandit exodus from the valley.
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