00:00क्या सिरफ एक चिट्थी दुनिया की राजनिती बदल सकती है?
00:03क्या एरान ने ऐसा दाव चल दिया है जिसने भारत को सबसे मुश्किल खुटनितिक मोड पर लाकर खराकर दिया है?
00:10आखिर क्यों नई सुप्रीम लीडर ने सबसे पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को खास संदेश भेजा?
00:16और क्यों दोस्ती का पेगाम आने के कुछ ही दिनों बाद पीएम मोदी को अंतिम संसकार का नियोता भेज दिया
00:23गया?
00:24क्या भारत इरान का साथ देगा या फिर अमेरिका, इस्राइल और खाड़ी देशों के साथ अपना संतूलन बनाए रखेगा?
00:31और सबसे बड़ा सवाल अगर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी इरान नहीं जाएंगे तो दुनिया भारत के इस फैसले को कैसे
00:39देखेगी?
00:54कुछ ही समय बाद उन्होंने ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी और खीच लिया है.
00:59मौश्तवक हमेनी ने पहली बार भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को आधिकारिक संदेश भीजा है.
01:05पहली नदर में ये सिरफ एक धन्यवाद संदेश लगता है, लेकिन विदेशनिती के जानकार इसे एक बड़े राजनितिक और कुछ
01:12नितिक संकेत के तौर पर देख रहे हैं.
01:14दरसल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ईदुल अजा के मौके पर इरान के नए सुप्रीम लीडर को शुप कामनाई वेजी
01:21थी.
01:21इसके जवाब में मौश्टबा खामीनी ने लिखा कि उन्हें प्रधान मंत्री मोदी का संदेश मिला और उसके लेवे तैय दिल
01:30से शुक्र गुजार हैं.
01:31लेकिन इसके बाद उन्होंने जो लिखा उसने इस पूरे संदेश को और जादा महत्वपूर बना दिया.
01:36उन्होंने कहा कि भारत और इरान की अतिहासिक दोस्ती आपसी समान और साजा हितों पर अधारित है.
01:42और उन्हें पूरा विश्वास है कि दोनों सरकारे मिलकर इस रिष्टे को आने वाले समाए में और मजबूत करेंगी.
01:48यानि ये सिरफ अपचारिक धन्यवाद नहीं, बलकि भारत के साथ संबंदों को आगे बढ़ाने का पहला सारवजनिक संदेश भी माना
01:56जा रहा है.
01:57लेकिन कहानी हैं खतम नहीं होती, इसी बीचे रान ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोधी को एक और विशेश निमंत्रन भेच
02:04दिया.
02:04यह निमंत्रन था पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला लिखामेनी के राज के अंतिम संसकार में शामिल होने का.
02:11यहीं से भारत के सामने एक बड़ी खुटनितिक चुनौती खड़ी हो गई.
02:15क्योंकि आज की दुनिया में एक तरफ अमेरिका और इस्राइल है तो दूसरी तरफ इरान.
02:20भारत के रिष्टे दोनों पक्षों के साथ बेहत महत्वपूर्ण है.
02:23ऐसे में कोई भी फैसला सिरफ एक यात्रा का नहीं, बलकि पूरी विदेश निती का संदेश माना जाएगा.
02:29अब सबसे वड़ा सवाल यही है क्या प्रधान मंत्री नरींद्र मोदी इरान जाएंगे?
02:34फिलाल जो जानकारी सामने आई है, उसके मताबिक प्रधान मंत्री नरींद्र मोदी के इरान जानली की संभावना बेहधी कम है.
02:41क्योंकि उसी दोरान उनकी इंडोनेशिया, न्यूजिलन्ड और उस्चेलिया की पहले से ही विदेश यात्रा तय है.
02:47हाला कि भारत पूरी तरह अनुपस्तिक भी नहीं रहेगा, जानकारी के अनुसार भारत की ओर से एक उच्छतर्य प्रतिनिद्धी मंडल
02:55भेजा जाएगा.
02:56जिसमें बिहार के राज्यपाल सैयर, अता हसनैन और विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गरिटा भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही
03:05है.
03:05यानि प्रधान मंत्री नहीं जाएंगे लेकिन भारत अपनी मौझूद की जरूर दर्च करेगा.
03:10अब सवाल उट रहा है कि इस फैसले को लेकर इतनी साफधानी क्यों बढ़ती जा रही है?
03:14इसके सबसे बड़ी वज़ा है भारत की संतूलत विदेश निती.
03:18एक तरफ अमेरिका भारत का रणनिती साजेधार है, तो इसराइल भारत का बड़ा रक्षा सयोगी.
03:24वही दूसरी तरफ इरान भारत के लिए उट्जा सुरक्षा पश्चे मेशिया में रणनितिक संतूलन और सबसे एहम चाभार बंदरगा जैसे
03:32परियोजनाओं के लिए बेहत महत्वपून देश है.
03:35चाभार बंदरगा भारत के लिए सिरफ एक कोट नहीं.
03:38यह वे परियोजना है जो भारत को पाकिस्तान को बाइपास करते हुए सीधे अफगानिस्तान और मद्देशिया तक पहुचने का रास्ता
03:46देती है.
03:47इसलिए भारत इरान के साथ अपने संबंदों को कमजोर नहीं करना चाता.
03:51लेकिन अगर भारत इरान की तरफ बहुत जादा जुखाओ दिखाता है, तो अमेरिक और इस्राइल की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर होगी.
03:57यही वज़ा है कि नई दिल्ली हर कदम बहुत सोच समझ कर उठा रही.
04:01दिल्चस्प बात यह है कि भारत पहले भी ऐसी परस्तितियों का सामना कर चुका है.
04:05जब इरानी राष्ट्रपती इब्राहिम रईसा का निधन हुआ था, तब भी प्रधान मंसी नरेंद्र मोधी अंतिम संस्कार में शामल नहीं
04:13हुए थे.
04:13उस समय भारत के ओर से ततकालीन उपराष्ट्रपती जगतीप धनकर ने प्रतिनिधित्व किया था.
04:19यानि भारत पहले भी सम्मान और अनितिक संतुलन दोनों को साथ लेकर चलता आ रहा है.
04:24अब पूरी दुनिया की नज़र चार जुलाई से शुरू होने वाले अंतिम संस्कार के कारे क्रम पर टिकी हुई है.
04:30हर कोई ये देखना चाता है कि भारत के स्तर का प्रतिनिधित्व करता है.
04:35क्या इससे भारत और इरान के रिष्टों में नया अध्याय शुरू होगा?
04:38क्या चाभार परियोजना को नई गटी मिलेगी?
04:41और क्या अमेरिका तथा इस्राइल भारत के इस फैसले को सहचता मिलेंगे?
04:45इन सबी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे,
04:49फिलाल इतना तो तय है कि नई सुप्रीम लीडर की पहली चथी प्रदान मंतरी को भेजा नया दोस्ती का संदेश
04:55और अंतिम संसकार का विशेश निमंतरन सिरफ अपचारिक घटना है नहीं.
04:59इन्होंने पश्चे मेश्या की बदलती राजनिती और भारत की बड़ती वैश्विक भूमिका को बड़ संकेत के तौर पर देखा जा
05:06सकता है.
05:06अब देखना होगा कि भारत अपनी संतुलित विदेश निती को किस तरह आगे बढ़ाता है और दुनिया को क्या संदेश
05:13देता है.
05:13आपकी इस पर क्या राय है? क्या प्रधान मंतरी नरेंदर मोधी को खुदर आन जाना चाहिए?
05:18या फिर प्रती निदी मंदल भेजना ही सबसे सही फैस्ता है.
05:22अपनी राय हमें कमेंट सेक्षिन में जरूर बताए.
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05:29करना न भूले.
05:30आप देख रहे हैं One India Hindi.