00:04दिल्ली की सियासत एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट से गर्म हो गई है।
00:39इस बार भी तस्वीर कुछ ऐसी ही दिखाई दे रही है।
01:00बदला जा सकता है और उनकी जगह भारतिय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकान दास को जिम्मेदारी दी जा सकती
01:05है।
01:30ये चर्चा है कि अगर मंत्री मंदल विस्तार होता है तो इन्हें केंद्रिय टीम में जगह मिल सकती है।
02:00राघव चढधा का राजनीतिक सफर काफी तेजी से आगे बढ़ा है।
02:04संजय दीना पाटिल का राजनीतिक सफर भी उतार चढ़ाव से भरा रहा है।
02:08उन्होंने अपनी शुर्वात NCP से की और मुंबई की भांडुक सीट से विधायक रहे।
02:12बाद में लोकसभा में भी पहुँचे।
02:13उनका राजनीतिक अनुभव लंबा है और उन्होंने महराष्ट की राजनीति में कई बदलाव देखे हैं।
02:17हाल के वर्षों में उनकी भूमिका शिवसेना, उधव गुट और बाद में शिंदे गुट के बीच राजनीतिक समीकरणों के साथ
02:22जुड़ी रही है।
02:23कहा जा रहा है कि अगर उन्हें मंत्रीपद मिलता है तो ये महराष्ट की राजनीति में एक बड़ा संदेश होगा।
02:28इससे गटबंधन की मजबूती और क्षेत्रिय संतुलन को साधने की कोशिश की जा सकती है।
02:31काकोली घोष दस्तिदार का नाम भी इस चर्चा में काफी तेजी से उबरा है।
02:35पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनका एक मजबूत स्थान रहा है।
02:38वो लगातार कई बार सांसत चुनी गई हैं और TMC के शुरुवाती दौर से ही पार्टी के साथ जुड़ी रही
02:42है।
02:42उनके बारे में कहा जाता है कि उनका संगठन पर मजबूत पकड़ है और वे जमीनी स्तर पर कारेकरताओं के
02:47बीच काफी लोग प्रिये हैं।
02:48हाल की राजनीतिक हलचल में उनके नाम को लेकर ये चर्चा भी है कि अगर कुछ राजनीतिक तूट और बदलाव
02:52होते हैं तो उनहीं केंदर में जगह दी जा सकती है।
02:55इन तीन नामों के साथ सबसे बड़ा सवाल यही उट रहा है कि क्या ये सिर्फ राजनीतिक चर्चा है या
02:59वास्तव में कोई बड़ा फेर बदल होने वाला है।
03:25संदेश देने की कोशिश हो सकती है। खासकर उन नेताओं को आगे लाना जिन्होंने हाल ही में राजनीतिक बदलाव किये
03:29हैं या जो विपक्षी दलों से आये हैं ये एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
03:56दिल्ली से लेकर राज्योता किस संभावित बदलाव पर नजर रखी जा रही है। अगर आने वाले हफ्तों में ये फेर
04:00बदल होता है तो ये सिर्फ एक क्याबिनेट विस्तार नहीं होगा बलकि ये आने वाले चुनावों की दिशा तै करने
04:04वाला कदम भी माना जा सकता है
04:06नहीं चेहरों की एंट्री और पुराने चेहरों की विदाई भारतिय राजनीती में हमेशा बड़े संदेश देती है। फिलहल सस्पेंस बरकरार
04:11है ना तो किसी नाम की आधिकारिक पुष्टी हुई है और नहीं किसी बदलाव की घोशना लेकिन राजनीती में जब
04:27धुआ
04:36झाल
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