00:00इरान के नए सर्वोच नेता मोजतबा खामेने ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोधी को अपना व्यक्तिगत संदेश भेजा
00:09है।
00:30जब पश्चिम एशिया की राजनीती पूरी तरह बदल चुकी है। इरान में सत्ता परिवर्दन हुआ है, क्षेत्री तनाव चरम पर
00:37है और भारत अपनी विदेश नीती में संतुलन बनाये रखने की कोशिश कर रहा है। इस पूरे घटना करम को
00:43समझने के लिए हमें कुछ स
00:57खामिनेई की मौत हो गई। इस घटना ने इसलामिक रिपबलिक ऑफ इरान की सत्ता विवस्था को जग जोड दिया। इसके
01:04कुछ ही दिनों बाद उनके बेटे मोजतबा खामिनेई को नया सर्वोच नेता घोशित कर दिया गया। अब सवाल ये है
01:10कि इसमें भारत की भूम
01:26इरान के साथ साथ भारत के भीतर भी कुछ राजनीतिक और रणनीतिक विशलेशकों ने सवाल उठाए कि क्या ये यात्रा
01:33ऐसे समय में इसराइल के प्रती भारत के जुकाव का संकेत थी। इसके बाद जब अली खामिनेई की मृत्यू हुई
01:40तब भारत की प्रतिक्रिया भी
01:41काफी संतुलित और संयमित रही। नई दिल्ली ने सीधे किसी पक्ष का समर्थन करने के बजाए केवल तनाव कम करने
01:48और बाचीत के जरिये समाधान की अपील की। यहां तक की इरानी दूतावास में रखी गई शोक पुस्तिका पर भारत
01:55के विदेश सचिव ने भी कुछ �
01:57दिनों बाद जाकर हस्ताक्षर किये। इरान जैसे देश के लिए जिसके साथ भारत के दशकों पुराने सांस्कृतिक संबंध उर्जा साजहिदारी
02:05और चाबाहार पोर्ट जैसी रणनीतिक परियोजनाएं जुड़ी हैं इस संयमित प्रतिक्रिया को तहरान ने जरूर नो
02:27और अब स्वयम नए सर्वूच नेता, मोजतबा खामेनेई ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना पहला व्यक्तिगत संदेश भीजा है। इस संदेश
02:35में भारत और इरान की एतिहासिक मित्रता, आपसी सम्मान, साजह हितों और द्वीपक्षिय संबंधों को और मजबूत कर
02:56इना रणनीतिक सोच के जारी नहीं किया जाता। ये संदेश एक साथ तीन महत्वपूर्ण संकेत देता है। पहला, ये हाल
03:04के तनाव को पीछे छोडने का सार्वजनिक संकेत है। यानि तहरान ये दिखाना चाहता है कि वो भारत के साथ
03:10संबंधों को किसी अस्थाई मत्भ
03:13प्रभावित नहीं होने देना चाहता। दूसरा, ये संदेश बताता है कि अली खामेनेई से मोजतबा खामेनेई तक सत्ता परिवर्तन के
03:21बावजूद भारत इरान की विदेश नीती के प्रार्थमिक ताओं में पहले की तरह महत्वपूर्ण बना रहेगा। और तीसरा, �
03:28अब भारत भी एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक स्थिती में आ गया है, क्योंकि प्रधान मंत्री मोधी को नए सर्वोच नेता का
03:35व्यक्तिगत संदेश मिल चुका है, राज की अंतिम संसकार का निमंतरन भी मिल चुका है और दोनों देशों के रिष्टों
03:41को सार्विजनिक �
03:42रूप से आगे बढ़ाने की बात भी कही जा चुकी है, अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर होगी
03:47कि भारत इस पहल का जवाब किस तरह देता है, क्या प्रधान मंत्री मोधी तहरान जाएंगे, क्या भारत उच स्थरिये
03:54प्रतिनिधित्व भेजेगा, इन सभी फैसल
03:56को वाशिंग्टन, तेल अवीव, रियाद और बीजिंग जैसे बड़ी शक्ती केंद्र भी बेहत करीब से देखेंगे, दरसल भारत की सबसे
04:04बड़ी ताकत यही है कि वो एक साथ अमेरिका, इसराइल, इरान और खाडी देशों सभी से समबाद बनाए रख सकता
04:11है, इरान भ
04:25इतने भरोसे मंद साज्यदारों को खोना नहीं चाहता, चाबहार पोर्ट उर्जा सहयोग और इंटरनाशनल नौर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं
04:34के कारण भारत इरान के लिए केवल एक मित्र देश नहीं, बलकि एक महत्वपूर्ण रणनीत
04:39साज्यदार भी है, इसलिए ये सिर्फ ईद की शुबकामनाओं का संदेश नहीं माना जा रहा, बलकि एक ऐसा कूटनीतिक हात
04:46जिसे तहरान ने बेहत सोच समझ कर नई दिल्ली की ओर बढ़ाया है, अब पूरी दुन्या की नजर इस बात
04:52पर है कि भारत इस हाथ को किस तरह �
04:58प्रेश्यदा ट्रूलीक सब्स्क्ब का सब्सक्राइब इस द्चाराइब नवाने अपटेट रहा नखर इस तब्स अप्टार क्वारा इस चाहिए टूलोड की ओरब
05:03उन्या बात पर इस बात दो.
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