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India Iran Relations: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का PM Modi को पहला संदेश, क्या है तेहरान का प्लान? | Oneindia Hindi
मिडिल ईस्ट में जारी भारी सैन्य तनाव और उथल-पुथल के बीच कूटनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बेहद खास और आधिकारिक पत्र भेजा है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भू-राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से एक बेहद चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने पदभार संभालने के बाद पहली बार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सीधा और आधिकारिक संदेश भेजा है। दरअसल, पीएम मोदी द्वारा ईद-उल-अज़हा (Eid al-Adha) के पवित्र मौके पर तेहरान भेजे गए बधाई संदेश का जवाब देते हुए मोजतबा खामेनेई ने भारत और ईरान की "ऐतिहासिक दोस्ती" को अटूट बताया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि दोनों देशों के रिश्ते आपसी सम्मान और साझा हितों पर टिके हैं, जिन्हें दोनों सरकारें मिलकर एक नए स्तर पर ले जाएंगी।

In a significant diplomatic development, Iran's newly appointed Supreme Leader, Ayatollah Seyyed Mojtaba Khamenei, has sent his first direct official message to Prime Minister Narendra Modi. Reciprocating PM Modi’s warm greetings on Eid al-Adha, the top Iranian leader emp


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Transcript
00:00इरान के नए सर्वोच नेता मोजतबा खामेने ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोधी को अपना व्यक्तिगत संदेश भेजा
00:09है।
00:30जब पश्चिम एशिया की राजनीती पूरी तरह बदल चुकी है। इरान में सत्ता परिवर्दन हुआ है, क्षेत्री तनाव चरम पर
00:37है और भारत अपनी विदेश नीती में संतुलन बनाये रखने की कोशिश कर रहा है। इस पूरे घटना करम को
00:43समझने के लिए हमें कुछ स
00:57खामिनेई की मौत हो गई। इस घटना ने इसलामिक रिपबलिक ऑफ इरान की सत्ता विवस्था को जग जोड दिया। इसके
01:04कुछ ही दिनों बाद उनके बेटे मोजतबा खामिनेई को नया सर्वोच नेता घोशित कर दिया गया। अब सवाल ये है
01:10कि इसमें भारत की भूम
01:26इरान के साथ साथ भारत के भीतर भी कुछ राजनीतिक और रणनीतिक विशलेशकों ने सवाल उठाए कि क्या ये यात्रा
01:33ऐसे समय में इसराइल के प्रती भारत के जुकाव का संकेत थी। इसके बाद जब अली खामिनेई की मृत्यू हुई
01:40तब भारत की प्रतिक्रिया भी
01:41काफी संतुलित और संयमित रही। नई दिल्ली ने सीधे किसी पक्ष का समर्थन करने के बजाए केवल तनाव कम करने
01:48और बाचीत के जरिये समाधान की अपील की। यहां तक की इरानी दूतावास में रखी गई शोक पुस्तिका पर भारत
01:55के विदेश सचिव ने भी कुछ �
01:57दिनों बाद जाकर हस्ताक्षर किये। इरान जैसे देश के लिए जिसके साथ भारत के दशकों पुराने सांस्कृतिक संबंध उर्जा साजहिदारी
02:05और चाबाहार पोर्ट जैसी रणनीतिक परियोजनाएं जुड़ी हैं इस संयमित प्रतिक्रिया को तहरान ने जरूर नो
02:27और अब स्वयम नए सर्वूच नेता, मोजतबा खामेनेई ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना पहला व्यक्तिगत संदेश भीजा है। इस संदेश
02:35में भारत और इरान की एतिहासिक मित्रता, आपसी सम्मान, साजह हितों और द्वीपक्षिय संबंधों को और मजबूत कर
02:56इना रणनीतिक सोच के जारी नहीं किया जाता। ये संदेश एक साथ तीन महत्वपूर्ण संकेत देता है। पहला, ये हाल
03:04के तनाव को पीछे छोडने का सार्वजनिक संकेत है। यानि तहरान ये दिखाना चाहता है कि वो भारत के साथ
03:10संबंधों को किसी अस्थाई मत्भ
03:13प्रभावित नहीं होने देना चाहता। दूसरा, ये संदेश बताता है कि अली खामेनेई से मोजतबा खामेनेई तक सत्ता परिवर्तन के
03:21बावजूद भारत इरान की विदेश नीती के प्रार्थमिक ताओं में पहले की तरह महत्वपूर्ण बना रहेगा। और तीसरा, �
03:28अब भारत भी एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक स्थिती में आ गया है, क्योंकि प्रधान मंत्री मोधी को नए सर्वोच नेता का
03:35व्यक्तिगत संदेश मिल चुका है, राज की अंतिम संसकार का निमंतरन भी मिल चुका है और दोनों देशों के रिष्टों
03:41को सार्विजनिक �
03:42रूप से आगे बढ़ाने की बात भी कही जा चुकी है, अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर होगी
03:47कि भारत इस पहल का जवाब किस तरह देता है, क्या प्रधान मंत्री मोधी तहरान जाएंगे, क्या भारत उच स्थरिये
03:54प्रतिनिधित्व भेजेगा, इन सभी फैसल
03:56को वाशिंग्टन, तेल अवीव, रियाद और बीजिंग जैसे बड़ी शक्ती केंद्र भी बेहत करीब से देखेंगे, दरसल भारत की सबसे
04:04बड़ी ताकत यही है कि वो एक साथ अमेरिका, इसराइल, इरान और खाडी देशों सभी से समबाद बनाए रख सकता
04:11है, इरान भ
04:25इतने भरोसे मंद साज्यदारों को खोना नहीं चाहता, चाबहार पोर्ट उर्जा सहयोग और इंटरनाशनल नौर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं
04:34के कारण भारत इरान के लिए केवल एक मित्र देश नहीं, बलकि एक महत्वपूर्ण रणनीत
04:39साज्यदार भी है, इसलिए ये सिर्फ ईद की शुबकामनाओं का संदेश नहीं माना जा रहा, बलकि एक ऐसा कूटनीतिक हात
04:46जिसे तहरान ने बेहत सोच समझ कर नई दिल्ली की ओर बढ़ाया है, अब पूरी दुन्या की नजर इस बात
04:52पर है कि भारत इस हाथ को किस तरह �
04:58प्रेश्यदा ट्रूलीक सब्स्क्ब का सब्सक्राइब इस द्चाराइब नवाने अपटेट रहा नखर इस तब्स अप्टार क्वारा इस चाहिए टूलोड की ओरब
05:03उन्या बात पर इस बात दो.
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