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TN CM Vijay Bus Ride: सरकारी बस में आम पैसेंजर बने मुख्यमंत्री विजय, खुद टिकट कटवाकर किया सफर, सियासी स्टंट या सादगी? | Oneindia Hindi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का एक बेहद हैरान और प्रभावित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है, जहां वे वीआईपी कल्चर को छोड़ एक आम यात्री की तरह सरकारी बस में सफर करते दिखे।

तमिलनाडु की राजनीति और सोशल मीडिया पर इस समय सूबे के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) का एक अनूठा अंदाज चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मौका था तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC) की लगभग ₹127.21 करोड़ की लागत से तैयार 300 नई आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल BS-VI डीजल व सीएनजी बसों को हरी झंडी दिखाने का। चेन्नई में आयोजित इस सरकारी कार्यक्रम में सीएम विजय ने सिर्फ औपचारिक फीता नहीं काटा, बल्कि सुरक्षा घेरे को दरकिनार करते हुए वे अचानक एक नई बस में सवार हो गए।

इस सफर के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने किसी वीआईपी ट्रीटमेंट को स्वीकार नहीं किया, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह बाकायदा कंडक्टर से अपनी टिकट कटवाई। वे ड्राइवर के ठीक पीछे वाली सीट पर बैठे, कंडक्टर के कंधे पर हाथ रखकर उसका हाल-चाल जाना और मंत्रियों की मौजूदगी के बावजूद उसे अपने पास बिठाकर लंबी बातचीत की। सचिवालय से लेकर मरीना बीच तक के इस सफर के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने मोबाइल फोन से बाहर खड़े समर्थकों और सड़क का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। बस में मौजूद महिला यात्रियों, छात्रों और आम जनता से उन्होंने किराए व सार्वजनिक परिवहन की जमीनी समस्याओं को लेकर सीधा फीडबैक भी लिया।

About the Story:
Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay made headlines after taking a surprise ride on a newly inaugurated state government bus in Chennai. After flagging off a fresh fleet of 300 TNSTC buses worth over ₹127 crore, the actor-turned-politician boarded one of the vehicles bound for Marina Beach, interacted with commuters, patted the driver, and purchased a ticket from the conductor.

#CMVijayBusRide #TamilNaduCM #ThalapathyVijay #TNSTCBuses #ChennaiViralVideo #TVKNews

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Transcript
00:00आज के दोर में जब निता आम तोर पर लंबी-लंबी गाड़ियों के काफिलों में चलते हैं, जब उनके और
00:05आम जनता के बीच सुरक्षा के कई घेरे होते हैं, और जब सरकारी कारेक्रेम अक्सर फीता काटने, भाशन देने और
00:11फोटो के चुआने तक ही सिमित रह जाते हैं,
00:13तब ही एक मुख्यमंत्री अचानक सरकारी बस में चड़ जाता है, ना कोई VIP सीट, ना कोई खास इंतजाम, ना
00:20कोई दिखावा, वो टिकेट कटवाता है, आम यात्रियों के बीच बैठता है, ड्राइवर से बाते करता है और कंड़क्टर के
00:26कंधे पर हात रखकर, उसका हाल
00:41द्रिश इथा या फिर जत्ता से सीधे जुडने की एक नई राजवितिक सोंच, नमस्कार मैं हुरिचा पराशर और आप देख
00:48रहे हैं One India Hindi, आज हम बात करेंगे तमिलाडू के मुख्यमंत्री C. जौसफ विजय की, जिनका एक वीडियो इस
00:54वक्त पूरे देश में चर्चा
00:55का विशय बना हुआ है, मौका था तमिलाडू राज्य परिवहन निगम की 300 नई आधुनिक बसों को जनता को समर्पित
01:03करने का, ऐसे कारेकरम देश के हर राजियों में होते हैं, मुख्यमंत्री आते हैं, हरी जंडी दिखाते हैं, भाशन देते
01:09हैं, और कारेकरम समाप्त हो �
01:11जाता है, लेकिन चन्नाई में इस बार कहानी अलग थी, विजय ने सिर्फ बसों को रवाना नहीं किया, बलकि खुद
01:18एक बस में सवार हो गए, उन्होंने सबसे पहले ड्राइवर से मुलाकात की, उसके काम और नई बस के अनुभव
01:25के बारे में उससे बात की और पूछा, �
01:39और पूरे सफर के दोरान उससे लगतार बात चीद करते दिखाई दिये, ये दृष्य इसलिए भी अलग था, क्योंकि आमतोर
01:47पर किसी मुख्यमंतरी के आस-पास मौझूदा एक सुरक्षा व्यवस्था करमचारियों तक सहज नहीं होने दे थी, लेकिन यहां तस्वीर
01:54बि
02:06समस्य जानने की कोशिश की, यानि कि ये सिर्फ उद्गाटन नहीं था, वलकि लोगों से सीधे फीड़बैक लेने का भी
02:14प्रयास था, सचिवाला से मरीना बीच तक का ये सफर देखते ही देखते चर्चा का विशर बन गया है, जिस
02:20रास्ते से बस गुजरी, वह सड़क किन
02:22सिर्फ मुख्यमंतरी की एक जलक पाने के लिए खड़े दिखाई दिये, बस ड्राइवर, कंड़क्टर, छात्र, महिलाएं, दुकांदार, हर कोई हाथ
02:32हिला कर उनका अभिवादन और स्वागत कर रहा था, विजय भी बस के अंदर से कभी हाथ जोड कर तो
02:38कभी हाथ हिला कर
02:39लोगों का अभिवादन करते रहे, कई बार वो ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर जाकर बैठते और अपनी मुबाइल फोन
02:45से सडक और लोगों के वीडियो भी रिकॉर्ड करते नजर आते, इस पूरे घट्डा क्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर
02:51अब वाइरल हो रहे है
02:52समर्थकों ने इसे पीपल से ये म्याने की जनता के मुख्यमंतरी की पहचान बताया
02:57लोगों ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भी अगर कोई नेता जनता के बीच उसी सहष्टा से बैठ
03:02सकता है तो ये लोग तंत्र के लिए एक अच्छी तस्वीर है
03:06लेकिन दूसरी तरफ लोग सवाल भी उठा रहे हैं क्या ये सब पहले से तै था क्या कैमरों की मौजूदगी
03:12में किया गया एक जो सफर है ये वास्तों में सहष्ट था या फिर एक सोची समची राजनीति करणी थी
03:18क्या ये सिर्फ ने सरकार की ब्रांडिंग है या सचमुद जंदा से जुणने की कोशिश इन सवालों के जवाब तलाशने
03:24से पहले ये समझना ज़रूरी है कि आखिर सी जौसक विजय कौन है
03:30कैसे तमिल फिल्मों के सबसे बड़े सूपर स्टारों में शुमार विजय राजनीती में आये कैसे उन्होंने एक नई पार्टी बनाई
03:36जुनाव लड़ा और मुख्यमंतरी की कुरसी तक पहुँच गए
03:38और एक और बड़ा सवाल है मुख्यमंतरी बनने के बाद क्या उनका काम करने का तरीका पारंपरिक नेताओं से अलग
03:45है या फिर ये तमिल नाडू की राजनीती में एक नए दौर की शुरू आत है
03:49इसको हम अभी विस्तार से आपको बता रहे हैं तो वही सवाल उठता है कि जौसेफ विजय की हर छोटी
03:55बड़ी गतिविधी इतनी चर्चा में क्यों आ जाती है
03:57इसकी वज़े सिर्फ उनका मुख्यमंत्री होना नहीं है इसकी वज़े है उनका वो सफर जिसने उन्हें तमिल सिनेमा के सुपरस्टार
04:04से सीधे तमिल नाडू की सत्ता तक पहुँचा दिया
04:07करीब तीन दशक तक विज़े दक्षिन भारत के सबसे बड़े फिल्म सितारों में गिने जाते रहे हैं
04:12उनके फिल्मों ने बॉक्स ओफिस पर रिकॉर्ड बनाए लेकिन उनकी लोग प्रियता सिर्फ परदे तक सिमित नहीं रही
04:18सालों से उनके लाखो प्रिशन सक सामाजिक कारियों, रक्तदान शिविरों, शिक्षा सहायता और राहत अभियानों से जुड़े रहे
04:26दीरे-दीरे यही फैन क्लब एक मजबूत सामाजिक नेटवर्क में बदल रहा
04:30यही नेटवर्क आगे चल कर उनकी राजनितिक ताकत बना, और फिर आया वो दोर जब विजय ने साफ कर दिया
04:37कि अब उनका लक्षे सर्फ फिल्मों में अभिनाय करना नहीं है, बलकि राजनीती के जरिये विवस्था में बदलाव लाना है
04:45उन्होंने अपनी राजनीतीक पार्टी बनाई और खुद को तमलनाडू की पारंपरिक राजनीती का एक विकल्प बताया
04:52उनका दावा था कि राजनीती सिर्फ सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बलकि जनता की रोज मर्रा की
04:59समस्याओं का समधान करने का जरिया बनना चाहिए
05:02चुनाव प्रचार के दोरान भी विजय ने अपनी पूरी रणीती इसी सोच के इर्दगिर्ट तयार की, उन्होंने बड़े-बड़े मंचों
05:09से भाषन देने के बजाए गाउं, कस्बों और शेहरों में सीधे लोगों के बीच जाकर संबार्थ किया
05:15युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग को उन्होंने अपनी राजनीती का केंद्र बनाया
05:19और शायद यही वजह रही कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी विलगतार ऐसी तस्वीरें और संदेश देने की कोशिश कर
05:27रहे हैं
05:27जिनसे ज्वंता को लगे कि सत्ता उनसे दूर नहीं है, बलकि उनके बीच मौजूत है
05:32जन्ता को अलग थलग फील ना कराया जाए
05:35इसी सोच की एक जलक चन्नेई में देखने को मिली जब उन्होंने नई बसो के उद्गाटन को सिर्फ सरकारी कारेकरम
05:41बना कर नहीं छोड़ा
05:42दरसल ये कारेकरम अपने आप में काफी बड़ा था
05:45तमिलाडू सरकार ने राज्य परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए करीब 127 करोड रुपए की लागत से 300 नई
05:53बसो को सड़को पर उतारा है
05:55इन बसो का संचालन तमिलाडू स्टेट ट्रांस्पोर्ट कोर्पोरेशन के अलग-अलग डिवीजनों में किया जाएगा
06:01इन में विल्लुपूरम, कुम्भ कोणम, कोयमबटूर, मदुरय, तिरूची पली, सलेम और अन्य प्रमुख शेतर शामिल है
06:09ताकि ग्रामिन और शहरी दोनों, दोनों ही इलाकों की यात्रियों को बेदर सुविधा मिल सके
06:15इन बसों में केवल पारंपरिक डीजल बसे ही नहीं है, बलकि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए
06:20सियन जी अधारित बसे भी शामिल की गई है
06:22सरगार का कहना है कि इनका उदेश्य पुरानी और जरजर बसों को चरनबध तरीके से हटाना
06:28यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर देना और प्रदूशन कम करना है
06:32इसका साथ ही भविश्य में राज्य के परिवहन बेडे में अधिक से अधिक एसी और एलेक्ट्रिक बसे शामिल करने की
06:40दिशा में भी काम किया जाएगा
06:41लेकिन इस पूरे कारिक्रह में सबसे ज्यादा चर्चा बसों की तकनीक या लागत की नहीं हुई
06:46चर्चा हुई उस तस्वीर की जिसमें मुख्यमंत्री खुद टिकेट लेकर बस में बैठे नजर आए
06:52उन्होंने केवल बस की सवारी नहीं की बलकि पूरे रास्ते यात्रियों से बाचित करके उनकी राय ली उनको समझा
06:58उनकी भावनाओं को समझा उनकी तकलीफों को समझा यानि कि नायक के तौर पर जो उनके CM की छवी है
07:05उन्होंने उसको बरकरार रखा है
07:07और हरोज वो साबित कर रहे हैं कि तमिलाडू को सर्व एक ट्रडिशनल पुराना मुख्यमंत्री नहीं मिला है
07:13जैसे पहले से चलता आया है
07:15लोग जैसा फिल्मों में विजय को देखते थे
07:17बिलकुल विजय उसी चवी के साथ अब जमीन पर रियल लाइफ में भी उतर चुके है
07:23उन्होंने पूछा कि बस सेवा में सबसे बड़ी दिक्कत क्या है
07:27कि राया कैसा है
07:28सफर आरामदायक है या नहीं
07:30और सरकार से लोग क्या उम्मीद रखते है
07:32यानि मुख्यमंतरी सीधे उन लोगों से फीडबैक ले रहे थे
07:35जिनके लिए ये पूरी योजना ही शुरू की गई थी
07:38राजुनितिक विशलेशकों का मानना है कि यही वज़य है कि विजय की छवी
07:41धीरे-धीरे पीपल सेम यानि के जणता के मुख्यमंतरी के रूप में बनाई जा रही है
07:45वो बन भी चुकी है
07:47उनकी टीम यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि मुख्यमंतरी सिर्फ
07:51सच्चिवाल्या में बैटकर
07:52फैसलेन लेने वाला व्यक्ति नहीं
07:53बलकि वही इंसान है जो सड़क पर, बस में और आम लोगों की बीट जाकर उनकी समस्याएं सुनता है
08:00हलाकि राजुनीती में हर तस्वीर के दो पहलू होते हैं और नहीं भी हो तो विपक्ष द्वारा बना दिये जाते
08:07हैं
08:08जहां समर्थक इसे जनता से जूडने का इमांदार प्रयास बता रहे हैं वहीं विरोधी दल इसे सूनो योजित इमेज बिल्डिंग
08:15करार दे रहे हैं
08:16उनका कहना है कि कैमरे के सामने बस में बैठ जाना आसान है लेकिन असली चुनोती पूरे राजे की परिवहन
08:22विवस्था को बेतर बनाना है
08:23ऐसे में सवाल सिर्फ इस बस यात्रह का नहीं बलकि उन वादों का भी है जो मुख्यमंतरी विजय ने तमलनाडू
08:30की जनता से किये हैं
08:31और यही हमें उनकी राजनीती के अगले अध्याई की ओर ले जाता है
08:35तो अगर आपको लगता है कि बस में बैठ कर टिकेट कटाना मुख्यमंतरी विजय का पहला ऐसा कदम था तो
08:41ऐसा बिलकुल नहीं है
08:42दरसल मुख्यमंतरी बनने के बाद से ही वो लगतार ऐसे प्रतिकात्मक कदम उठाते रहे हैं
08:47जिनका मकसद खुद को आम जनता से जुड़ा हुआ नेदा दिखाना है
08:51यही वज़ा है कि उनके समर्थक उन्हें सिर्फ मुख्यमंतरी नहीं बलकि पीपल सी एम कहकर प्रचारिद कर रहे हैं
08:58मुख्यमंतरी पत सम्हालने के कुछी समय बाद विज़ा ने स्वास्त विभाग की 40 नई मेडिकल और ग्रामेड स्वास्त सेवा वाहनों
09:05को हरी जंडी दिखाई थी
09:07आम तोर पर ऐसे कारेक्रमों में नेता फीता काटने बहुचते हैं और वाहन रवाना हो जाते हैं
09:14लेकिन विज़ा ने उस दिन भी अलग रास्ता चुना उदगाटन के बाद उन्होंने किसी ड्राइवर का इंतजार नहीं किया बलकि
09:20खुद ड्राइवर की सीट पर बैट गए और सचिवाले पर इसर में नई सरकारी जीब चलाकर उसकी टेस्ट ड्राइव की
09:27उस समय भी जो
09:42बाचीत की वाहन के सुविधाय देखी फिर खुद पेट्रोलिंग विकल चलाकर उसकी टेस्टिंग की समर्थकों ने इसे ये संदेश बताया
09:50कि मुख्यमंतर सिर्फ आईलों पर हस्ताक्षर करने वाले नेता नहीं है बलकि हर योजना को जमीन पर जाकर समझना चाहते
09:56हैं �
09:57अब नई बास्यात्रा ने उस पूरी श्रिंखला में एक और तस्वीर जोड़ दी हैं यानि स्वास्त विभाग की गाड़ी, पुलिस
10:03का वाहन और अब सरकारी बस
10:04राजनितिक विशलेशकों का कहना है कि ये सब अलग-अलग घटनाय नहीं है बलकि एक सून योजित राजनितिक नारेटिव का
10:11हिस्सा है ऐसा नारेटिव जिसमें मुख्यमंतरी खुद को जनता के बीच मौजूद, सहज और सुलभनेता के रुप में स्थापित करना
10:18चाहत
10:19हैं और अगर कोई मुख्यमंतरी ऐसा कर रहा है तो ये अपने आप में वो एक नया चैप्टर बना रहा
10:23है राजनिती का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है लेकिन राजनिती में वही बात है फिर से कि हरतस्वीर
10:29के साथ सवाल पैदा होते हैं और नहीं भी हो तो create भी कर दि
10:45हैं असली सवाल ये है कि या राजे की व्यवस्ता जो है वो बदल पाएगी चाहे वो बस हो चाहे
10:51वो परिसोचा हो महिला सेवटी हो चाहे वो कुछ और और विपक्ष यह भी सवाल उठा रहे हैं बीच में
10:58घूंते रहते हैं किया गाउं तक परयाप्त बस से पहुँच रह
11:13उनका कहना है कि नित्रतों का मतलब सिर्फ आदेश देना नहीं होता बलकि खुद मैदान में उतर कर सिस्टम को
11:19समझना होता है।
11:31कि योजुनाओं को बहता तरीके से लागू किया जाए।
11:35सोशल मीजिया पर भी इस पूरे घटना करम को लेकर अलगर अग प्रतिक्याएं देखने को मिल रही है।
11:40बड़ी संख्या में लोगों ने विजय की साद्गी की तारीफ की है।
11:44किसी ने लिखा कि ऐसा मुख्यमंत्री पहली बार देखा जो खुद टिकेट लेकर बस में बैठा।
11:49कई लोग इसे तमिलाडू की राजडीती में नई कारेशैली बता रहे हैं।
11:53महीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर यही साद्गी है रोजमर्णा के प्रशासन में भी दिखाई दे तब ही
11:59इसकी असली एहमियत साबित होगी।
12:01दरसल राजडीती में प्रतिकों को उसकी अपनी जाकत होती है।
12:05एक तस्वीर कई बार हजार भाशनों से ज्यादा असर छोड़ देती है लेकिन इतिहास यही बताता है कि किसी भी
12:11नेता की लोग प्रियता केवल तस्वीरों से नहीं डिखती।
12:14आखिरकार जनता का काम हिसाब मांगती है सडके कैसी बनी, अस्पताल कैसे चले, स्कूलों में क्या सुधार हुए, रोजगार कितना
12:22मिला और सारवजनिक परिभन कितना बहतर हुआ।
12:25अंतिम फैसला जो होता है, इन ही सवालों पर होता है, और यही वज़ा है कि मुख्यमंतरी विजय के लिए
12:31ये बस स्यात्रा सिर्फ एक वाइरल वीडियो नहीं, बलकि एक राजनितिक संदेश है, संदेश ये है कि वो खुद को
12:38जनता के बीच मौजूद नेता के रूप में
12:40पेश कर रहे हैं, आने वाले वर्शों में उनकी सबसे बड़ी परिक्षा कैमरे के सामने नहीं, बलकि प्रिशासनिक फैसलों और
12:47उनके नतीजों से होगी, तो क्या मुख्यमंतरी विजय वास्तों में तमिलनाडू की राजनिती में पीपल सीम की नई परिभाशा ही
12:55लिख �
12:55रहे हैं, या फिर ये संदेश सिर्फ एक मजबूत रर्नितिक ब्रांडिंग है, जिसका मकसद जुनता के बीच अलग पहचान बनाना
13:03है, इसका जवाब तो समय देगा, लेकिन तना तय है कि एक बस का टिकेट, कुछ मिंटों का सफर, और
13:08आम यात्रियों के बीच बठा एक म
13:11मिलनाडू की राजुनीती में एक नई बहस ज़रूर छोड़ गया है, इस खबर में इतना ही लेकिन विजय के इस
13:17वीडियो पर, विजय के इन कदमों पर आपकी क्या राय है हमें कॉमेंट में ज़रूर बताईए, और आप किस राज
13:22जिसे हमारी ये वीडियो देख रहे हैं
13:24स्पेशली CM विजय के खबरे देख रहे हैं, ये भी बताईए, और क्या आप जिस राज जिसे हैं उसके बावजूद
13:30भी CM को पसंद करते हैं, वो भी बताईए और देखते रहे हैं One India Hindi
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