00:00आज के दोर में जब निता आम तोर पर लंबी-लंबी गाड़ियों के काफिलों में चलते हैं, जब उनके और
00:05आम जनता के बीच सुरक्षा के कई घेरे होते हैं, और जब सरकारी कारेक्रेम अक्सर फीता काटने, भाशन देने और
00:11फोटो के चुआने तक ही सिमित रह जाते हैं,
00:13तब ही एक मुख्यमंत्री अचानक सरकारी बस में चड़ जाता है, ना कोई VIP सीट, ना कोई खास इंतजाम, ना
00:20कोई दिखावा, वो टिकेट कटवाता है, आम यात्रियों के बीच बैठता है, ड्राइवर से बाते करता है और कंड़क्टर के
00:26कंधे पर हात रखकर, उसका हाल
00:41द्रिश इथा या फिर जत्ता से सीधे जुडने की एक नई राजवितिक सोंच, नमस्कार मैं हुरिचा पराशर और आप देख
00:48रहे हैं One India Hindi, आज हम बात करेंगे तमिलाडू के मुख्यमंत्री C. जौसफ विजय की, जिनका एक वीडियो इस
00:54वक्त पूरे देश में चर्चा
00:55का विशय बना हुआ है, मौका था तमिलाडू राज्य परिवहन निगम की 300 नई आधुनिक बसों को जनता को समर्पित
01:03करने का, ऐसे कारेकरम देश के हर राजियों में होते हैं, मुख्यमंत्री आते हैं, हरी जंडी दिखाते हैं, भाशन देते
01:09हैं, और कारेकरम समाप्त हो �
01:11जाता है, लेकिन चन्नाई में इस बार कहानी अलग थी, विजय ने सिर्फ बसों को रवाना नहीं किया, बलकि खुद
01:18एक बस में सवार हो गए, उन्होंने सबसे पहले ड्राइवर से मुलाकात की, उसके काम और नई बस के अनुभव
01:25के बारे में उससे बात की और पूछा, �
01:39और पूरे सफर के दोरान उससे लगतार बात चीद करते दिखाई दिये, ये दृष्य इसलिए भी अलग था, क्योंकि आमतोर
01:47पर किसी मुख्यमंतरी के आस-पास मौझूदा एक सुरक्षा व्यवस्था करमचारियों तक सहज नहीं होने दे थी, लेकिन यहां तस्वीर
01:54बि
02:06समस्य जानने की कोशिश की, यानि कि ये सिर्फ उद्गाटन नहीं था, वलकि लोगों से सीधे फीड़बैक लेने का भी
02:14प्रयास था, सचिवाला से मरीना बीच तक का ये सफर देखते ही देखते चर्चा का विशर बन गया है, जिस
02:20रास्ते से बस गुजरी, वह सड़क किन
02:22सिर्फ मुख्यमंतरी की एक जलक पाने के लिए खड़े दिखाई दिये, बस ड्राइवर, कंड़क्टर, छात्र, महिलाएं, दुकांदार, हर कोई हाथ
02:32हिला कर उनका अभिवादन और स्वागत कर रहा था, विजय भी बस के अंदर से कभी हाथ जोड कर तो
02:38कभी हाथ हिला कर
02:39लोगों का अभिवादन करते रहे, कई बार वो ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर जाकर बैठते और अपनी मुबाइल फोन
02:45से सडक और लोगों के वीडियो भी रिकॉर्ड करते नजर आते, इस पूरे घट्डा क्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर
02:51अब वाइरल हो रहे है
02:52समर्थकों ने इसे पीपल से ये म्याने की जनता के मुख्यमंतरी की पहचान बताया
02:57लोगों ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भी अगर कोई नेता जनता के बीच उसी सहष्टा से बैठ
03:02सकता है तो ये लोग तंत्र के लिए एक अच्छी तस्वीर है
03:06लेकिन दूसरी तरफ लोग सवाल भी उठा रहे हैं क्या ये सब पहले से तै था क्या कैमरों की मौजूदगी
03:12में किया गया एक जो सफर है ये वास्तों में सहष्ट था या फिर एक सोची समची राजनीति करणी थी
03:18क्या ये सिर्फ ने सरकार की ब्रांडिंग है या सचमुद जंदा से जुणने की कोशिश इन सवालों के जवाब तलाशने
03:24से पहले ये समझना ज़रूरी है कि आखिर सी जौसक विजय कौन है
03:30कैसे तमिल फिल्मों के सबसे बड़े सूपर स्टारों में शुमार विजय राजनीती में आये कैसे उन्होंने एक नई पार्टी बनाई
03:36जुनाव लड़ा और मुख्यमंतरी की कुरसी तक पहुँच गए
03:38और एक और बड़ा सवाल है मुख्यमंतरी बनने के बाद क्या उनका काम करने का तरीका पारंपरिक नेताओं से अलग
03:45है या फिर ये तमिल नाडू की राजनीती में एक नए दौर की शुरू आत है
03:49इसको हम अभी विस्तार से आपको बता रहे हैं तो वही सवाल उठता है कि जौसेफ विजय की हर छोटी
03:55बड़ी गतिविधी इतनी चर्चा में क्यों आ जाती है
03:57इसकी वज़े सिर्फ उनका मुख्यमंत्री होना नहीं है इसकी वज़े है उनका वो सफर जिसने उन्हें तमिल सिनेमा के सुपरस्टार
04:04से सीधे तमिल नाडू की सत्ता तक पहुँचा दिया
04:07करीब तीन दशक तक विज़े दक्षिन भारत के सबसे बड़े फिल्म सितारों में गिने जाते रहे हैं
04:12उनके फिल्मों ने बॉक्स ओफिस पर रिकॉर्ड बनाए लेकिन उनकी लोग प्रियता सिर्फ परदे तक सिमित नहीं रही
04:18सालों से उनके लाखो प्रिशन सक सामाजिक कारियों, रक्तदान शिविरों, शिक्षा सहायता और राहत अभियानों से जुड़े रहे
04:26दीरे-दीरे यही फैन क्लब एक मजबूत सामाजिक नेटवर्क में बदल रहा
04:30यही नेटवर्क आगे चल कर उनकी राजनितिक ताकत बना, और फिर आया वो दोर जब विजय ने साफ कर दिया
04:37कि अब उनका लक्षे सर्फ फिल्मों में अभिनाय करना नहीं है, बलकि राजनीती के जरिये विवस्था में बदलाव लाना है
04:45उन्होंने अपनी राजनीतीक पार्टी बनाई और खुद को तमलनाडू की पारंपरिक राजनीती का एक विकल्प बताया
04:52उनका दावा था कि राजनीती सिर्फ सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बलकि जनता की रोज मर्रा की
04:59समस्याओं का समधान करने का जरिया बनना चाहिए
05:02चुनाव प्रचार के दोरान भी विजय ने अपनी पूरी रणीती इसी सोच के इर्दगिर्ट तयार की, उन्होंने बड़े-बड़े मंचों
05:09से भाषन देने के बजाए गाउं, कस्बों और शेहरों में सीधे लोगों के बीच जाकर संबार्थ किया
05:15युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग को उन्होंने अपनी राजनीती का केंद्र बनाया
05:19और शायद यही वजह रही कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी विलगतार ऐसी तस्वीरें और संदेश देने की कोशिश कर
05:27रहे हैं
05:27जिनसे ज्वंता को लगे कि सत्ता उनसे दूर नहीं है, बलकि उनके बीच मौजूत है
05:32जन्ता को अलग थलग फील ना कराया जाए
05:35इसी सोच की एक जलक चन्नेई में देखने को मिली जब उन्होंने नई बसो के उद्गाटन को सिर्फ सरकारी कारेकरम
05:41बना कर नहीं छोड़ा
05:42दरसल ये कारेकरम अपने आप में काफी बड़ा था
05:45तमिलाडू सरकार ने राज्य परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए करीब 127 करोड रुपए की लागत से 300 नई
05:53बसो को सड़को पर उतारा है
05:55इन बसो का संचालन तमिलाडू स्टेट ट्रांस्पोर्ट कोर्पोरेशन के अलग-अलग डिवीजनों में किया जाएगा
06:01इन में विल्लुपूरम, कुम्भ कोणम, कोयमबटूर, मदुरय, तिरूची पली, सलेम और अन्य प्रमुख शेतर शामिल है
06:09ताकि ग्रामिन और शहरी दोनों, दोनों ही इलाकों की यात्रियों को बेदर सुविधा मिल सके
06:15इन बसों में केवल पारंपरिक डीजल बसे ही नहीं है, बलकि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए
06:20सियन जी अधारित बसे भी शामिल की गई है
06:22सरगार का कहना है कि इनका उदेश्य पुरानी और जरजर बसों को चरनबध तरीके से हटाना
06:28यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर देना और प्रदूशन कम करना है
06:32इसका साथ ही भविश्य में राज्य के परिवहन बेडे में अधिक से अधिक एसी और एलेक्ट्रिक बसे शामिल करने की
06:40दिशा में भी काम किया जाएगा
06:41लेकिन इस पूरे कारिक्रह में सबसे ज्यादा चर्चा बसों की तकनीक या लागत की नहीं हुई
06:46चर्चा हुई उस तस्वीर की जिसमें मुख्यमंत्री खुद टिकेट लेकर बस में बैठे नजर आए
06:52उन्होंने केवल बस की सवारी नहीं की बलकि पूरे रास्ते यात्रियों से बाचित करके उनकी राय ली उनको समझा
06:58उनकी भावनाओं को समझा उनकी तकलीफों को समझा यानि कि नायक के तौर पर जो उनके CM की छवी है
07:05उन्होंने उसको बरकरार रखा है
07:07और हरोज वो साबित कर रहे हैं कि तमिलाडू को सर्व एक ट्रडिशनल पुराना मुख्यमंत्री नहीं मिला है
07:13जैसे पहले से चलता आया है
07:15लोग जैसा फिल्मों में विजय को देखते थे
07:17बिलकुल विजय उसी चवी के साथ अब जमीन पर रियल लाइफ में भी उतर चुके है
07:23उन्होंने पूछा कि बस सेवा में सबसे बड़ी दिक्कत क्या है
07:27कि राया कैसा है
07:28सफर आरामदायक है या नहीं
07:30और सरकार से लोग क्या उम्मीद रखते है
07:32यानि मुख्यमंतरी सीधे उन लोगों से फीडबैक ले रहे थे
07:35जिनके लिए ये पूरी योजना ही शुरू की गई थी
07:38राजुनितिक विशलेशकों का मानना है कि यही वज़य है कि विजय की छवी
07:41धीरे-धीरे पीपल सेम यानि के जणता के मुख्यमंतरी के रूप में बनाई जा रही है
07:45वो बन भी चुकी है
07:47उनकी टीम यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि मुख्यमंतरी सिर्फ
07:51सच्चिवाल्या में बैटकर
07:52फैसलेन लेने वाला व्यक्ति नहीं
07:53बलकि वही इंसान है जो सड़क पर, बस में और आम लोगों की बीट जाकर उनकी समस्याएं सुनता है
08:00हलाकि राजुनीती में हर तस्वीर के दो पहलू होते हैं और नहीं भी हो तो विपक्ष द्वारा बना दिये जाते
08:07हैं
08:08जहां समर्थक इसे जनता से जूडने का इमांदार प्रयास बता रहे हैं वहीं विरोधी दल इसे सूनो योजित इमेज बिल्डिंग
08:15करार दे रहे हैं
08:16उनका कहना है कि कैमरे के सामने बस में बैठ जाना आसान है लेकिन असली चुनोती पूरे राजे की परिवहन
08:22विवस्था को बेतर बनाना है
08:23ऐसे में सवाल सिर्फ इस बस यात्रह का नहीं बलकि उन वादों का भी है जो मुख्यमंतरी विजय ने तमलनाडू
08:30की जनता से किये हैं
08:31और यही हमें उनकी राजनीती के अगले अध्याई की ओर ले जाता है
08:35तो अगर आपको लगता है कि बस में बैठ कर टिकेट कटाना मुख्यमंतरी विजय का पहला ऐसा कदम था तो
08:41ऐसा बिलकुल नहीं है
08:42दरसल मुख्यमंतरी बनने के बाद से ही वो लगतार ऐसे प्रतिकात्मक कदम उठाते रहे हैं
08:47जिनका मकसद खुद को आम जनता से जुड़ा हुआ नेदा दिखाना है
08:51यही वज़ा है कि उनके समर्थक उन्हें सिर्फ मुख्यमंतरी नहीं बलकि पीपल सी एम कहकर प्रचारिद कर रहे हैं
08:58मुख्यमंतरी पत सम्हालने के कुछी समय बाद विज़ा ने स्वास्त विभाग की 40 नई मेडिकल और ग्रामेड स्वास्त सेवा वाहनों
09:05को हरी जंडी दिखाई थी
09:07आम तोर पर ऐसे कारेक्रमों में नेता फीता काटने बहुचते हैं और वाहन रवाना हो जाते हैं
09:14लेकिन विज़ा ने उस दिन भी अलग रास्ता चुना उदगाटन के बाद उन्होंने किसी ड्राइवर का इंतजार नहीं किया बलकि
09:20खुद ड्राइवर की सीट पर बैट गए और सचिवाले पर इसर में नई सरकारी जीब चलाकर उसकी टेस्ट ड्राइव की
09:27उस समय भी जो
09:42बाचीत की वाहन के सुविधाय देखी फिर खुद पेट्रोलिंग विकल चलाकर उसकी टेस्टिंग की समर्थकों ने इसे ये संदेश बताया
09:50कि मुख्यमंतर सिर्फ आईलों पर हस्ताक्षर करने वाले नेता नहीं है बलकि हर योजना को जमीन पर जाकर समझना चाहते
09:56हैं �
09:57अब नई बास्यात्रा ने उस पूरी श्रिंखला में एक और तस्वीर जोड़ दी हैं यानि स्वास्त विभाग की गाड़ी, पुलिस
10:03का वाहन और अब सरकारी बस
10:04राजनितिक विशलेशकों का कहना है कि ये सब अलग-अलग घटनाय नहीं है बलकि एक सून योजित राजनितिक नारेटिव का
10:11हिस्सा है ऐसा नारेटिव जिसमें मुख्यमंतरी खुद को जनता के बीच मौजूद, सहज और सुलभनेता के रुप में स्थापित करना
10:18चाहत
10:19हैं और अगर कोई मुख्यमंतरी ऐसा कर रहा है तो ये अपने आप में वो एक नया चैप्टर बना रहा
10:23है राजनिती का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है लेकिन राजनिती में वही बात है फिर से कि हरतस्वीर
10:29के साथ सवाल पैदा होते हैं और नहीं भी हो तो create भी कर दि
10:45हैं असली सवाल ये है कि या राजे की व्यवस्ता जो है वो बदल पाएगी चाहे वो बस हो चाहे
10:51वो परिसोचा हो महिला सेवटी हो चाहे वो कुछ और और विपक्ष यह भी सवाल उठा रहे हैं बीच में
10:58घूंते रहते हैं किया गाउं तक परयाप्त बस से पहुँच रह
11:13उनका कहना है कि नित्रतों का मतलब सिर्फ आदेश देना नहीं होता बलकि खुद मैदान में उतर कर सिस्टम को
11:19समझना होता है।
11:31कि योजुनाओं को बहता तरीके से लागू किया जाए।
11:35सोशल मीजिया पर भी इस पूरे घटना करम को लेकर अलगर अग प्रतिक्याएं देखने को मिल रही है।
11:40बड़ी संख्या में लोगों ने विजय की साद्गी की तारीफ की है।
11:44किसी ने लिखा कि ऐसा मुख्यमंत्री पहली बार देखा जो खुद टिकेट लेकर बस में बैठा।
11:49कई लोग इसे तमिलाडू की राजडीती में नई कारेशैली बता रहे हैं।
11:53महीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर यही साद्गी है रोजमर्णा के प्रशासन में भी दिखाई दे तब ही
11:59इसकी असली एहमियत साबित होगी।
12:01दरसल राजडीती में प्रतिकों को उसकी अपनी जाकत होती है।
12:05एक तस्वीर कई बार हजार भाशनों से ज्यादा असर छोड़ देती है लेकिन इतिहास यही बताता है कि किसी भी
12:11नेता की लोग प्रियता केवल तस्वीरों से नहीं डिखती।
12:14आखिरकार जनता का काम हिसाब मांगती है सडके कैसी बनी, अस्पताल कैसे चले, स्कूलों में क्या सुधार हुए, रोजगार कितना
12:22मिला और सारवजनिक परिभन कितना बहतर हुआ।
12:25अंतिम फैसला जो होता है, इन ही सवालों पर होता है, और यही वज़ा है कि मुख्यमंतरी विजय के लिए
12:31ये बस स्यात्रा सिर्फ एक वाइरल वीडियो नहीं, बलकि एक राजनितिक संदेश है, संदेश ये है कि वो खुद को
12:38जनता के बीच मौजूद नेता के रूप में
12:40पेश कर रहे हैं, आने वाले वर्शों में उनकी सबसे बड़ी परिक्षा कैमरे के सामने नहीं, बलकि प्रिशासनिक फैसलों और
12:47उनके नतीजों से होगी, तो क्या मुख्यमंतरी विजय वास्तों में तमिलनाडू की राजनिती में पीपल सीम की नई परिभाशा ही
12:55लिख �
12:55रहे हैं, या फिर ये संदेश सिर्फ एक मजबूत रर्नितिक ब्रांडिंग है, जिसका मकसद जुनता के बीच अलग पहचान बनाना
13:03है, इसका जवाब तो समय देगा, लेकिन तना तय है कि एक बस का टिकेट, कुछ मिंटों का सफर, और
13:08आम यात्रियों के बीच बठा एक म
13:11मिलनाडू की राजुनीती में एक नई बहस ज़रूर छोड़ गया है, इस खबर में इतना ही लेकिन विजय के इस
13:17वीडियो पर, विजय के इन कदमों पर आपकी क्या राय है हमें कॉमेंट में ज़रूर बताईए, और आप किस राज
13:22जिसे हमारी ये वीडियो देख रहे हैं
13:24स्पेशली CM विजय के खबरे देख रहे हैं, ये भी बताईए, और क्या आप जिस राज जिसे हैं उसके बावजूद
13:30भी CM को पसंद करते हैं, वो भी बताईए और देखते रहे हैं One India Hindi
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