00:00कल तो मुझे मेकप करके जाना है पापा
00:02मेकप क्यों?
00:03अरे पापा कल स्पोर्ट्स डे है ना इसलिए हमें चियर गल बनके जाना है
00:07क्यों? तुमने स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया?
00:09नहीं हमें तो बोला सब लड़किया चियर गल्स बन के आएंगी
00:14आचारय जी अभी अभी मेरी बेटी के स्कूल में स्पोर्ट्स डे हुआ था
00:18तो उसमें सिर्फ लड़कों ने पाटिसिपेट किया
00:20और लड़कियों को बोल दिया कि सब को अच्छे से मेक अप करके आना है
00:25चियर गल्स बन के आना है
00:26मैंने बोला कि लड़कियों को भी खेलने दीजिए
00:29तो स्कूल वाले बोलते हैं अरे इतना तो चलता है
00:32ये सब सुनके न मुझे फ्रोध भी आता है
00:35और रहात भी लगती है कि मेरी अपनी कोई विक्तिगत बेटी हुई नहीं
00:40उसके स्कूल वाले ये सब कुछ कर रहे होते तो मैं मारपीट कर देता
00:43और अगर एक सब समाज हो तो वहाँ ये करने में कि स्पोर्ट्स डे है
00:49लड़के खेलेंगे और लड़कियां सजबच के आएंगी और चीरगल्स बनेंगी ये करने पर जेल हो जानी चाहिए
00:54ज्यादा समय नहीं लगता आठ दस साल बारा या चौदा साल की होते होते लड़की खुदी इन संसकारों को इतना
01:01आत्मसात कर लेती है
01:02अब बस यही यही पूंजी है यही एसेट है यही वेपन है और इसी के आधार पे अब मौज मारनी
01:11है दुनिया में
01:11इस व्यक्त को इस मनुष्य को स्वयम ही अपनी गरिमा वापस छीननी पड़ेगी रिकलेम करना पड़ेगा
01:20पुरुष नहीं आकर देने वाला पुरुष नहीं देगा क्योंकि महिला को मनुष्य जैसे तरह देखने के लिए पुरुष को भी
01:27पहले मनुष्य होना चाहिए न पुरुष मनुष्य है यही नहीं पुरुष तो पुरुष है तो वो नारी को भी फिर
01:32बस दे की तरह देख
01:34चेतना की तरह नहीं देखता है
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