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पुणे में 4 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी भीमराव कांबले को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। रिकॉर्ड 59 दिनों में इस दिल दहला देने वाली घटना के दोषी को सजा सुनाई गई है। बता दें कि 1 मई को पुणे के नसरापुर गांव में भीमराव कांबले ने 4 साल की बच्ची को कुछ खाने का सामान देकर बाड़े में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की थी। इस मामले में आज पुणे की अदालत ने POCSO की तीन धाराओं के तहत आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने भी कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।

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01:19This is the case.
01:21and we need to have a fight against it.
01:23We have also said that because a small child has been raped and killed in the ghotes,
01:30and we need to have a fight against it.
01:33There is no advantage of living in such a person.
01:37The court has given us to do this.
01:40And the ROP, the people who keep in mind,
01:43the people who keep in mind,
01:45they need to have a fight.
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02:06न्यायपालिका पर जंता के भरोसे को और मजबूत किया है।
02:10और ये साबित कर दिया है कि कानून के हाथ हैवानों को पाताल से भी ढूंड कर फांसी के फंदे
02:16तक पहुचा सकते हैं।
02:18वहाई पेडिता के पिता ने बताया कि हमारी शुरू से ही मांग थी किस दरिंदे को फांसी की सदा हो।
02:48और इकल जंजमेंट आचुका है।
02:49और इसमें आज एक्यूज को जो प्रस्विशन ने एक्यूज के अगेंस चार्ज प्रू किया।
02:56इस चार्ज में तीन दाराई ऐसी हैं जिसमें डेथ पनिश्मेंट की भी प्रिस्ट्राइट पनिश्मेंट है।
03:30वो तीनों में अक्यूज को डेथ पेनल्टी दिया है।
03:31दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अधालत ने 137 पन्नों का अंतिम फैसला तयार किया है।
03:38सरकारी वकील ने कोर्ट में दलील दी कैसे दरिंदों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है।
03:44फास्ट रेकोर्ट ने भी मामले की समवेदन शीलता को समझा और बिनावक्त गवाए 69 दिनों में गवाहूं और सुबूतों के
03:52आधार पर दोशी को मुकदर की मौत दे दी।
03:54हम आपको बताते हैं कि उस दिन क्या हुआ था।
04:24बच्ची के शरीर पर 18 चोटों के निशान पाए गए थे।
04:27वहीं आरोपी पर बच्ची के साथ 49 मिनट तक दरिंदगी करने का भी आरोप लगा था।
04:34जिसके बाद परीजिनों ने न्याय की गुहर लगाई और आरोपी को फासी की सजा देने की मांग की।
04:40मामले वे कारवाई के दौरान 26 जून को पुणे की विशेश अदालत ने भीमराव कामले को दोशी करार दिया और
04:46आज अदालत ने कामले को दोशी करार देते हुए मौत की सदा सुनाई।
04:52कानून के किताबों में लिखा है कि न्याय मिदेरी न्याय ना मिलने के बराबर है।
04:58लेकिन जब अदालते महस दो महीने यानि उन सट दिनों के भीतर किसी हैवान को सीधे फासी के फंदे तक
05:06का रास्ता दिखा देती हैं तो समाज का कानून पर भरोसा लौट आता है।
05:11पुणे की फास्ट्रे कोट ने चार साल की मासुम बच्ची के साथ दरिंदगी और उसकी अहत्या करने वाले आरोपी को
05:17सजा मौत सुना कर एक मिसाल तो कायम की है।
05:21लेकिन ये त्वरित न्याएं हमें खुश होने से जादा सोचने पर मजबूर करता है। ये कोई पहली घटना नहीं है।
05:28जब भी ऐसी कोई वारदात होती है तो लोग चंद दिनों के लिए मुम्बतियां जलाते हैं, आकरोश यताते हैं और
05:35फिर सो जाते हैं।
05:37ये कहाने सिर्फ एक अदालती फैसले की नहीं हैं, बलकि समाज के गिरते मांसिक स्तर न्याए व्यवस्था की च्छशक्ती और
05:46हमारी सामोहिक्स जिम्मेदारी का एक बड़ा आइना है।

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