00:08राम मंदिर करोडों श्रधार्वों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र लेकिन क्या हो अगर यही चड़ावी की सुरक्षा पर तीन
00:18महीने पहले ही खसरे की घंटी बच चुकी हो
00:20बैंक ने संदिक्त कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश भी कर दी हो और फिर भी कारिवाई रोक चाये आखिर किसने
00:28रोकी वो कारिवाई जिस पर आज सबसे बड़े सवाल उठ रहे हैं आईए समझते हैं
00:33राम मंदर चढ़ावा चोरी मामले में हर दिन नए खुला से हो रहे हैं अब सामने आई जानकारी इस पूरे
00:40विवाद को एक नए मोड पर ले जाती हैं
00:42दावा किया जा रहा है कि जिस कथित गड़बड़ी की जाच आज SIT कर रही है उसकी आशनका करीब तीन
00:49महीने पहले ही जताई जा चुकी थी
00:51इतना ही नहीं SBI ने कथित तोर पर उन कर्मचारियों को बदलने की सिफारिश भी की थी जो चड़ावे की
00:58गिंती में शामिल थे
00:59लेकिन सवाल ये है कि अगर चितावनी पहले ही मिल गई थी तो कारेवाई क्यों नहीं हुई
01:04मीडिया रिपोर्ट्स के मतावेक राम मंदर में चड़ावे की गिंती का काम SBI के निगरानी में एक आउट्सोर्सिंग कंपनी के
01:11जरिये कराया जाता था
01:12इसी तरान बैंक के एक अधिकारी को गणना प्रक्रिया में कुछ असमाने गतिविधियों का संदे हुआ
01:18इसके बाद बैंक ने सुझाव दिया कि लंबे समय से एक ही जगह काम कर रहे गणना कर्मियों को बदला
01:25जाए
01:25बैंक का तर्थ था कि सवेदंशील जिम्मेदारी निभा रहे कर्मचारियों का समय समय पर रोटेशन होना चाहिए
01:31बताया जा रहा है कि आउट्सोर्सिंग कंपनी ने कर्मचारियों को बदलने के तयारी भी शुरू कर दी थी
01:37लेकिन यही से कहानी पलट गई
01:39रिपोर्ट्स के अनुसार जिन कर्मचारियों को हटाया जाना था उन्होंने ट्रस्ट के कुछ प्रभावशाली पदातिकारियों से संपर्क किया
01:46आरोब है कि इसके बाद ट्रस्ट के महा सुचेफ चमपतराय ट्रस्ट ददस्य अनल मिश्रा और निर्मान सहायक गुपाल राव उनके
01:54समर्थन में खड़े हो गए
01:55ये भी दावा किया जा रहा है कि बैंक अधिकारियों से कहा गया कि कोई भी कर्मचारी नहीं हटेगा
02:01इसके बाद कर्मचारीयों को बदलने की प्रक्रिया रोक दी गई और वही व्यवस्ता जारी रही
02:06यहीं से इस पूरे व्यवाद का सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है
02:10अगर बैंक के सिभारिश मान ली जाती तो क्या आज ये मामला इतना बड़ा बनता
02:15क्या कतित चड़ावा गबन को पहले से ही रोका जा सकता था
02:19रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि जिन गड़नकारियों की नियुक्ति आउट्सोर्सिंग कपनी के जरिये हुई थी
02:25उनमें कई लोग ट्रश्प दादिकारियों के रिष्टेदार या करीबी बताये जा रहे हैं
02:29यानि वेतन बैंक की ओड से दिया जा रहा था लेकिन कर्मशारियों के चैन और प्रभाव को लेकर अब गमभीर
02:36सवाल उठ रहे हैं
02:37इन दावों की जाँ जारी है और अंदिम निशकर्ष जाँचपूरी होने के बाद ही सामने आएंगे
02:42सूत्रों का ये भी कहना है कि जब कर्णचारियों को हटाया नहीं गया तो उनका मनोबल बढ़ गया और कचित
02:48गड़़िया जारी रही हाला कि इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टी जाचपूरी होने के बाद ही हो सकेगी
02:54इधर मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के महा सचिफ चमपतरा है और ट्रस्ट सदस्य अनलमिश्रा ने इस्तीफा दे दिया
03:01लेकिन ट्रस्ट का कहना है कि इन इस्तीफों पर फैसला अगली बैठक में लिया जाएगा
03:05यही एक और बड़ा सवाल खड़ा होता है जब मामला सिर्फ पैसों का नहीं बलकि करोडो राम भक्तों की आस्था
03:12और भरोसे का है तो इस्तीफे पर फैसला तुरंत क्यों नहीं
03:16क्या ये सिर्फ ट्रस्ट की तैप रखरिया है या फिर मामले के शांत होने का इंतजार किया जा रहा है
03:22उधर इस पूरे मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है
03:25SIT कई लोगों से पूश्टाच कर रही है और हाई कोर्ट में भी इस मामले को लेकर सुनवाई हो रही
03:31है
03:31आने वाले दिनों में ये साफ होगा कि शुरुवाती चितावनी के बावजूद कारिवाई क्यों नहीं हुई
03:36किस तर पर चूख हुई और आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी ते होती है
03:41लेकिन फिलाल इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल यही है
03:44अगर बैंक के चितावनी को तीन महीने पहले गंभीरता से ले लिया होता
03:49तो क्या आज राममंदर चढ़ावा चोरी का यह विवाद कभी सामने ही नहीं आता
03:53आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं
03:56क्या शुरुआती चितावने के बावजूद कारिवाई ना होना सबसे बड़ी जूग थी
04:00अपनी राए हमें कमेंट करके ज़रूर बताईए और देखते रहिए One India Hindi
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