00:00ख्यार इनको दे दिया गया, अवना देख रहा है यहीं से
00:03करन्तिकारी को कहीं पर भी मारने का अजिस नहीं हो अगर वो सलिंडर मार दिया
00:09सोचिए, एक आम इंसा, ना कोई पलिटिकल पावर, ना कोई भावबली सपोर्ट, ना कोई बंदूक
00:16उसके पास सिर्फ एक स्मार्टफोन था, और सिस्टम के खिलाफ बोलने का होसला
00:22वो हर रोज फेस्बुक लाइफ पर आता था, करप्शन के खिलाफ बोलता था, अपने गाव की आवाज उटाता था
00:29नदी के कटाव से परिशान लोगों की लड़ाई लड़ता था
00:33लेकिन एक दिन उस आवाज को हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया
00:38पुलीस मीडिया के सामने आती है और एक कहानी सुनाती है
00:42वो क्रिमिनल था, उसके पास हतियार थे
00:45पुलीस को देखते ही उसने फाइरिंग शुरू कर दी
00:48हमने सेल्फ डिफेंस में फाइरिंग की
00:51सुनने में सब कुछ पॉफेंट लगता है
00:54लेकिन जब पोस्ट मॉटम रिपोर्ट सामने आती है
00:57तो पुलीस की पूरी स्टोरी ताश के पत्तों की तरह बिखर जाती है
01:02जी हाँ, हम बात कर रहे हैं
01:05बिहार के भोचपुर डिस्टिक्ट के बेलोटी गाउ की, भरत्तिवारी की
01:10सवाल सीधा है, क्या भरत्तिवारी सच में इनकाउंटर में मारे
01:14या सच बोलने की सजा उन्हें मौत का रूप में में लिए
01:18आज हम इस केस की एक-एक लेर खोलेंगे
01:22हर सवाल, हर कॉंट्रिडिक्शन और पोस्ट मॉटम रिपोर्ट का वो सच
01:27जिसने पूरे बिहार को हिला दो
01:29चलिए पहले बैक्ग्राउंड समझते हैं
01:31आखिर भरत्तिवारी थे को
01:34गोचपुर का बिलोटी गाउ यहीं के रहने वाले थे भरत्तिवारी
01:38भरत कोई हिस्ट्री शीटर नहीं थे
01:41कोई बड़े क्रिमिनल नहीं थे
01:43वो एक एक्टिव सोशल मीडिया यूजर थे
01:46जब भी उन्हें करप्शन दिखता
01:48कॉंट्रैक्टर्स की लापरवाई दिखती
01:50या सिस्टम फेल होता
01:51वो फोन निकालते और फेस्बुक लाइफ शुरू कर दे
01:54नदी के कटाफ की वज़े से
01:56गाव वालों की समीन बरबाद हो रही थी
02:00एड्मिनिस्ट्रेशन चुब था
02:01और भरत अकेरा सिस्टम को जगाने की कोशिश कर रहा था
02:04लेकिन जब आप करॉप्शन पर सवाल उठाते हैं
02:08तो आप कई लोगो को चुबने लगते हैं
02:10भरत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ
02:13फिर आती है डेट
02:14सत्रा जूब
02:16पुलीस का क्लेम है कि उन्हें इन्पुट मिला
02:18टीम ने भरत ओ घेर लिया
02:20कुछ ही देर में गोलियों की अवास गुंजी
02:23और खबर आई
02:24भरत तिवारी एंकाउंटर में मारे गए
02:26पुलीस का वर्जन क्लियर था
02:28भरत आम्ड थे
02:30उनके पास इलीगल वेपिन थे
02:33पुलीस को देखते ही फाइरिंग शुरू कर दी
02:35पुलीस ने जवाब में फाइरिंग की
02:37लेकिन जैसे ये कबर
02:39बिलोटी गाओ पहुची
02:41कौरम मच गया
02:42परिवार और गाओ वालों ने पुलीस की कहानी को सीधा रिजेक्ट कर दिया
02:46उनका अरूप बहुत सीरियस था
02:48उनका कहना था
02:50भरत ने सरेंडर कर दिया था
02:52हाथ खड़े कर दिये थे
02:54लेकिन उसके बाद भी उन्हें करीब से गोली मारी गए
02:58परिवार का सीधा रोप
03:00ये एंकाउंटर नहीं ये फेक एंकाउंटर है
03:03अब तक केस था पुलीस वर्सिस फैमिली
03:07एक तरफ पुलीस की थियोरी
03:20पहला बड़ा खुलासा
03:21पुलीस ने कहा था भरत को तीन गोलिया लगी
03:24लेकिन पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट क्या कहती है
03:27तीन नहीं पांच गोलिया
03:29जी हाँ
03:29कुल पांच गोलिया
03:31सवाल
03:32पुलीस ने गिंती में जूट क्यों बोला
03:34क्या छुपाया जा रहा था
03:36अब दूसरा खुलासा
03:38गोलिया लगी कहां
03:39रिपोर्ट के मताविक
03:41पहली और दूसरी गोली लेफ्ट थाए में लगी
03:44तीसरी और चौती गोली राइट थाए में लगी
03:47यानि पहली चौर गोलियां कमर के नीचे
03:51पैरों के एरिया में लगी और अब सबसे बड़ा सवाल सबसे बड़ा evidence पांच भी गोली ये गोली लगी left
03:59leg के middle part में लेकिन पीछे से जी हाँ behind अब यहाँ case उलज गया
04:07फोरेंस experts ने कहा पैर के पीछे गोली तब लगती है जब आदमी या तो भाग रहा हो या surrender
04:13position में हो
04:14अब सवाल simple है अगर भरत सामने से पुलीस पर फाइरिंग कर रहे थे तो पैर के पीछे गोली कैसे
04:20लगी इसी एक सवाल ने पुलीस encounter theory को हिला दिया
04:24पोस्ट मॉटम रिपोर्ट लीक होते ही बिहार में सियासी बूचाल आ गया
04:28सोशल मीडिया पर ट्रेंड शुरू हो जस्टिस फो भरत तेवारी ओपोसिशन ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया
04:34प्रेशर बढ़ता गया और फिर बिहार गाव्मेंट ने बड़ा स्टेप लिया
04:38हाई कोट की रिटायर जज जस्टिस बिनोत सिना की अगुवाई में जुडिशिल इंक्वाईरी कमिशन बना दिया गया
04:44साथ ही अक्यूस्ट पुलीस परसनल के खिलाफ मर्डर केस भी रिजिस्टर हुआ
04:49आक्शन शुरू हुआ लेकिन क्या इतना काफी है परिवार का जवाब है नहीं बिलकुल नहीं भरत के भाई चैदंतेवारी ने
04:58बहुत सीरिस अलिगेशन लगाए उनका कहना है जुडिशिल कमिटी बनने के बाद भी ग्राउंड पर कुछ नहीं बदला उल्टा परिवार
05:05क
05:05को धमक्या मिल रही है केस वापस लेने का प्रेशर मना जा रहा है इसलिए फैमली की डबान बिलकुल क्लियर
05:11है या तो हाई कोट की सिटिंग जज़ की डिरेक्ट मॉल्टरिंग में इंवेस्टिकेशन हो या केस तुरंट सी बिया को
05:16ट्रांस्टर किया जाए ताकि सच सामने
05:20सके हमारा सम्विधान हर नागरे को जीने का अधिकार देता है अगर कोई गुनेगार भी हो तो सजा देने का
05:28हक सिरफ को है पुलीस की बंदू को नहीं लेकिन जब रखवाले पर ही सवाल उठने लगे तो आम आदमी
05:35इंसाफ के लिए कहां जाएगा भरत्नेवारी केस ने ब
05:50फिर सच बोलने की अवाजों को इसी तरह चुप कराया जाएगा जुडिशिल कमिशन जाच कर रहा है लेकिन सबसे बड़ा
05:57सवाल अब भी वही है क्या भरत्नेवारी के परिवार को इंसाफ मिलेगा या ये केस भी धीरे धीरे फाइलों के
06:04अंधिरे में दबा दिया जाएग
06:05सच को कुछ वक्त के लिए छुपाया जा सकता है लेकिन मिटाया नहीं जा सकता है एसी बड़ी अप्डेट्स के
06:13लिए देखते रही है वान इंडिया हिंदित
06:15झाल झाल झाल झाल
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