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US-Iran Conflict: होर्मुज विवाद पर Doha में आमने-सामने बैठेंगे अमेरिका और ईरान, क्या टल जाएगा महायुद्ध? | Oneindia Hindi
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि कतर की राजधानी दोहा में एक बेहद अहम और आपातकालीन बैठक के लिए आमने-सामने बैठने जा रहे हैं।

मिडिल ईस्ट (Middle East) में मंडरा रहे युद्ध के बादलों के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक बड़ी और निर्णायक खबर आई है। जिनेवा में शुरुआती दौर की बातचीत के बाद अब अमेरिका और ईरान (US and Iran) के प्रतिनिधिमंडल कतर की राजधानी दोहा (Doha, Qatar) में एक मेज पर बैठने के लिए तैयार हो गए हैं। इस आपातकालीन बैठक का मुख्य एजेंडा वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर पैदा हुए गंभीर विवाद को सुलझाना है। गौरतलब है कि दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से (20%) का कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है, जिसके कारण यह संकट पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों को प्रभावित कर रहा है।

About the Story:
Following a fresh escalation of tit-for-tat strikes, the United States and Iran have agreed to temporarily halt hostilities and participate in emergency diplomatic talks in Doha, Qatar. The emergency meeting aims to address differing interpretations of their fragile 11-day-old Memorandum of Understanding (MoU) regarding the Strait of Hormuz. While Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi claims exclusive traffic management rights over the vital oil waterway, the Trump administration strongly rejects this, insisting navigation must remain entirely unimpeded.

#USIranConflict #DohaTalks #StraitOfHormuz #DonaldTrump #AbbasAraghchi #MiddleEastCrisis

~HT.318~PR.514~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00मिडल इस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अब एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान
00:06अपनी और खीच लिया है।
00:08जिनेवा में शुरुवाती बादचीत के बाद अब अमेरिका और एक बाद फिर आमने सामने बैठने जा रहे हैं। इस बार
00:14बादचीत का मंच होगा कतर की राजधानी दोहा जहां दोनों देशों के प्रतिनिधी हॉर्मुद्स ट्रेट को लेकर चल रहे सबसे
00:21बड़े विव
00:38अर्थ व्यवस्था, तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार को प्रभावित करता है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को होने वाली
00:46इस बैठक का मुख्य उद्देश, हाल की दिनों में पैदा हुए तनाव को कम करना और अंतर राष्ट्रिय जहाजों की
00:52
00:52तुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। दोनों देशों ने फिलहाल सैन्य कारवाई रोखने और बाचीत की जरिये समाधान निकालने पर सहमती
00:59जताई है। इसका मतलब ये है कि फिलहाल न अमेरिका कोई नया हमला करना चाहता है और ना ही इरान
01:05स्थिती को और ज्
01:18अमेरिकी राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एरान ने समझोते की शर्तों का उलंखन किया तो
01:25अमेरिका दोबारा सैन्य कारवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रम्प ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका काम
01:31पूरा क
01:32यहीं इरान के खिलाफ और कठोर कदम उठाये जाएंगे। इसी बीच विवाद का सबसे बड़ा कारण बना है हॉर्मुज जल्डम
01:39रूमध्य। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक इरान की विदेश मंत्री अब्बास अरागची का दावा है कि शुरु�
02:01वॉशिंटन का कहना है कि हॉर्मुज जिगंतराष्ट्रिय समुद्री मार्ग है जहां किसी एक देश का विशेश नियंत्रन स्वीकार नहीं किया
02:07जा सकता। अमेरिका का सपष्ट मत है कि सभी देशों के व्यापारिक जहाजों को बिना किसी अनुमती और बिना किसी
02:14दबा�
02:14के स्वतंत्र रूप से गुजरने का अधिकार होना चाहिए। दरसल ये पूरा विवाद उस समय और गहरा गया जब कुछ
02:20दिन पहले ओमान के तट के पास एक व्यापारिक जहाज पर हमला हुआ।
02:44रखने और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गए थी। समझोते में ये भी कहा गया
02:51था कि एरान अपने पडोसी देशों के साथ मिलकर भविश्य की समुद्री प्रबंधन व्यवस्था तयार करेगा। लेकिन अब �
03:26यही समझोता दोनों देशों के बीच नई व्याख्या का विशे बन गया है।
03:27यानि फिलहाल दुनिया की निगाहें दोहा पर्टिकी हैं। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि अमेरिका और इरान क्या फैसला लेते
03:34हैं बलकि ये भी है कि क्या ये बातचीत स्थाई शांती की शुरुवात बनेगी या फिर ये केवल अगले टकराव
03:40से पहले का एक छोटा वि
03:54ये बातबू अगले की बातब का फिलहा हैं।
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