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Suvendu Adhikari PA Murder Case में UP Police की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सिर्फ नाम की समानता (Wrong Identity) के आधार पर अयोध्या से एक बेकसूर लड़के को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि असली कातिल कोई और था। देखिए कैसे एक मां की चीख को अनसुना कर व्यवस्था ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए एक सीधे-साधे सोशल मीडिया रील बनाने वाले लड़के को खूंखार शूटर घोषित कर दिया।

In a shocking case of wrong identity, UP and Bengal Police arrested an innocent youth named Raj Singh from Ayodhya in connection with the high-profile Murder of Suvendu Adhikari’s PA, Chandranath Rath. While the innocent boy’s mother constantly pleaded for justice, the police showcased him as a dreaded shooter based on a Facebook reel. However, the CBI took over the case and busted the police's theory by arresting the real culprit, also named Raj Singh, from Muzaffarnagar, exposing severe police negligence.

#SuvenduPAMurder #RajSingh #UPPoliceNegligence #WrongIdentityCase #OneindiaHindi

~PR.250~HT.408~ED.110~GR.122~VG.HM~

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Transcript
00:12नियाय की तराजू पर जब वर्वस्था की आँखें बंध हो जाए तो सबसे पहले कि सीमा की ओक और उसके
00:18आँसों का कतल होता है
00:20परशिम बंगास लेकर उत्तरप्रदीश और बिहार की सीमा को लांग दी ये दास्तान सिर्फ एक हाई प्रोफाइल मर्डर मिस्टेक की
00:26कहानी नहीं बलकि पुलिस की एक ऐसी घूर्ड आपरवाई है जिसने नाम के फेर में आकर एक बेगुनाह को अत्यारा
00:33बना दिया
00:33सुवेंदु अधिकारी के पिये हत्यकारंट की जाच में यूवे पुलिस से एक भयानत चूख हुई उन्होंने सिर्फ नाम के समानता
00:40के आधार पर बेकसूर रासिंग को गरफतार कर लिया जबकि असली आरूपी कोई और था
00:45ये कहनी उस लाचार मा की चेतकार और पुलिसिया अंधेरगर्दी का वो जिवन्त दस्तावेज है जो सोचने पर मजबूर कर
00:53देता है कि आकर आम इंसान की जिन्दगी की कीमत क्या है मा चीक चीक कर कहती रही मेरा बेटा
00:59बेकसूर है हम सिर्फ दर्शन के लिए अयुद्या
01:03आये थे उससे अत्रिक्त खुछ नहीं लेकिन वो मेरे सामने मेरे लाल मेरे बाभू को उठा कर ले गए जरा
01:09सुनिये मा का वो दर्द जब बीटे की गिरफतारी के बाद उनके आंसू रोक नहीं रहे थे
01:14और गाड़ी रोब करके हमारे बच्चे को हमको सब गुग अगवा कर दिया रात भाल लेडिज उसमें रखा गया ठाने
01:28में रखा गया और बच्चों को ये चार जने थे एक हमारा बेटा राज था राइबर उन पर डास शिंग
01:35थे और एक बेटे का दोश्टे मोनु सिंग �
01:38और एक फोटो टो खिचने के लिए गया था उसका नम हाले कर चले गई और रात भर हम लोको
01:51वही रग़ी रखने के बाद का कामितिया नगा यह हमको सुभेर राज से मिलवाया और मिलवा करके लेकर के फ्लाइट
02:03से चला गया हूं बंगाल
02:04अब मारे बच्चे के साथ क्या हो रहा है मैंने जाती है मैं बस सरकार से यह निवेदन कर रही
02:12हूं कि इची है तारी को मेरा बेटा गवार से हाए और सौपिंग कर रहा है मार्केट में ड्रेस लेंग
02:19में एक कपड़ा खरीदा है और वहां में सिसार के साथी में जाने के लिए
02:24और उसके बाद का गम किया है कि भार में जैसे है वो जीम जाता है और सब कुछ देखने
02:38हैं
02:39मैं सरकार से जो ही सरगार से यही निवेदन करूगी कि मेरे बच्चे के साथ लिया हूँ
02:44मैं दार संग करने के लिए बाओं को लेकर गए कि वहां सिविया इजाज की मांग कर रही हूँ
02:52बस हम को दर लग रहा है कि क्या आईत हो जाए बंगाल पुलिस कहां लेकर के गया है मेरे
02:58बच्चे को
03:116 मई 2026 की वो स्याहराट जब उत्तर चौबीस परगना के मध्यवगराम इलाके में गोलियों की तर-तरहाट गुंची
03:18तो सिर्फ एक जिंदगी खत नहीं हुई बलकि राजनीती और असूप के गल्यारों में एक ऐसा तूफान उठा जिसने खाकी
03:25को पूरी तरहा से अंधा बना दिया था
03:28परशिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुविंदु अधिकारी के निजी सायक चंदुनात रथ अपने गाड़ी में सवार थे अचाना एक परजी नंबर
03:34प्लेट वाली कार ने उनका रास्वा रोका और पलक छपकते ही चार भाईकों पर सवार आठ हमलावरों ने उन्हें गू
03:53पुकता है और इसी दबाव के तले दभी पुलिस ने वो सब किया जो कर सकती थी जो अकसर हमारी
04:00व्यवस्था करती है जुल्दबाजी में बिना पुकता जांच के पुकता सबूत के किसी भी विकसूर को बली का बकरा बना
04:07दिया गया जांच की सुईया बिहार और उत्तर प
04:23इस शुरू हुआ पुलिस के लापरवाही का एक और खौफना खेल और एक और परिवार की बरवादी का खौफना मंसर
04:32अब इसने पूरी ववस्था को गडगड़े में लाखड़ा किया है जब यूपे पुलिस राज सिंग को बेडियों में जकड़ कर
04:38ले जा रही थी तब
04:39अयुद्या की कलियों में एक मा का कलीचा फट रहा था वो मा पुलिस के गाड़ियों के आगे रूती रही
04:44गडगड़ाती रही अपने आचल को पसार कर ठीक मांगती रही कि उसका बेटा बेकसूर है वो चीक चीक कर कह
04:51रही थी कि उसका बेटा सिर्फ अयुद्या में भग�
05:07कले रौंद दिया गया उन्हें तो बस उपर बैठे आकाउं को अपनी पीठ तप तपाने के लिए एक मुल्जिम सौपना
05:14था और उन्होंने ये किया भी मर्चिलाती रही कि जाच करो पर पुलिस ने अपनी घोल ला परवाही और हड़डी
05:20में उस सोशल मीडिया पर रील बना
05:37वीडियो भी आया जिसमें वो कह रहा था जैश्री राम बहुत जल्द सबको जवाब दिया जाएगा थोड़ा धैरे रखें इस
05:44वीडियो को देखकर ऐसा महौल बनाया गया जैसे कोई बहुत बड़ा आपरा थी खुली चुनाती दे रहा हो लेकिन असलियत
05:50क्या थी वो एक
06:06पीए के कातिल को पकड़ने का जूटा तमगा खाकी के सीने पर सच गया लेकिन जूट की बुनियाद पर खड़ी
06:13इमारत जादा दिनों तक टिकती नहीं है जब इस हाई प्रफाइल मामले के कमान केंद्रे जाजवीरो यानि की सीबी आई
06:19के हाथों में आई तो पुलिस के �
06:20शर्मनाक थियोरी की परतें दर परत खुलती रही।
06:50रील बनाने वाले राज सिंग का इस कूनी खेल से कोई लेना देना नहीं है और उसे बेकसूर मान कर
06:56रीहा करना पड़ा था।
07:21एक तरफ जाज सुवेंदु अधिकारी और सरकार की साख पर सवालया निशान खड़े हो गए कि आखिर उनके प्रिभाब और
07:28दबाब के चलते जाज को किस कदर भठकाया गया और बिना जाजे परके किसी को भी उठा लिया गया वहीं
07:34ये साफ भी हो गया दूसी तरफ के व
07:50पुलिस सर्फ नाम के फेरे में आकर किसी मा की चीक को अंसुना करके किसी की जिन्दगी बरवात कर सकती
07:56है और असली कातल तो घूम रहे थे खुले आम घूम रहे थे गाणिया बदल रहे थे और पुलिस एक
08:02मा के लाड़ले को मुल्जिम बना कर अपनी वर्दी चमका रही �
08:05थी रेल बनाने वाले राज सिंग को रहत जरूर मिल गए लेकिन पुलिस की ये अक्षम या गलती हमेशा याद
08:11दिलाती रहेगी कि जब सियासत का दबाव हावी होता है तो इंसाफ की आखें सचमुच अंधी हो जाती है और
08:18खामियाजा आम जनता को भूगतना पड़ता है �
08:21जैसा की राज सिंग उसके परिवार और उसकी माने भुगता था पहराल पुलिस के सिला परवाही को लेकर आपकी क्या
08:27राय है कॉमन ब्लॉक्स आपके लिए है अपनी टिप पनी वहाँ जरूर कीजेगा मेरा नाम है मुकुंदा आप बने रहिए
08:34वन इंडिया के साथ शुक
08:35उली आपके लिए स्ट्रीघ करें पनी खिर्व ज़ चाय है अपकी खवगता नाम है यह हो जिए के खशी किलुट
08:48कॉमन ब्लॉक्राइब कर्फ। एली ब्लॉक्त कर दो है आपके सिला पून फोनी ब्लॉक्त इंडिया कर दोवहाँ झाल प्यून कर झाली
08:48इंडिकन शींडिक
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