00:00वेस्ट बेंगौल की पॉलिटिक सब इतनी खौफनाक हो चुकी है कि जीत का जश्न मनाने से पहले ही मौत का
00:06फर्माना जाता है
00:07भवानीपुर में ममता बानर जी को हराने के महस तीन दिन बाद सुवेंदू अधिकारी के सबसे भरोसे मन साती चंदरनाथ
00:15रत की सरयाम हत्या कर दी गई
00:17आज हम बात कर रहे हैं उस शूट आउट की जिसने पूरे बेंगाल को दहला कर रख दिया है
00:23ये सिरफ एक मुर्डर नहीं है बलकि एक हाई प्रोफाइल एग्जिक्यूशन है जिसमें मौडन वेपुन्स और प्रोफेशनल शूटर्स का इस्तमाल
00:31किया गया है
00:32आखिर कौन था चंदरनात रच और क्यूं इतनी बहरेमी से निशाना बनाया गया और किसने ये सारा शरियंत्र रचा
00:41चलिए इस पूरी घटना की एक कड़ी को इस वीडियो के अंदर जोडती है
00:46कॉंट्रोवर्सी पर आने से पहले ये समझना जुरूरी है कि चंदरनात आखिर था कौन
00:5142 साल के चंदरनात कोई आम पॉलिटिशन नहीं थे
00:55वो एक एक एर फोर्स ओफिसर थे
00:57वी आरेस लेने के बाद उन्होंने कॉपरेट सेक्टर में काम किया
01:01और फिर सुवेंदू अधिकारी के साथ जुड़े दिल्चस्प बात ये है
01:05कि वो तब से सुवेंदू के साथ थे जब अधिकारी टीमसी में मंतरी हुआ करते थे
01:10चंदरनात का परिवार भी टीमसी से जुड़ा था
01:14उनकी मा लोकल पंचायत में पत पर थी
01:17लेकिन 2020 में जब सुवेंदू ने बीजेपी जॉइन की
01:20तो चंदरनात और उनके परिवार भी वहाँ चला गया
01:23इतने पावरफुल इंसान के पीए होने के बावजूद
01:27चंदरनात लो प्रोफाइल रहना पसंद करते थे
01:30इतने सालों में सुवेंदू के साथ
01:32उनकी एक भी फोटो पब्लिक डोमेन में नहीं आई
01:35वो परदे के पीछे रहकर स्ट्राटेजी बनाते थे
01:38और इसी स्ट्राटेजी का नतीजा था
01:40कि भवानीपूर में वो एतिहासिक जीत मिली
01:43जहां ममता बैनर जी को ही हरा दिया गया
01:46ममता बैनर जी का सदियो पराना गुरूर तोड़ दिया गया
01:50लेकिन वही जीत शायद उनके लिए मौत का पैगाम बन गई
01:54दर्शको अब बात करते हैं उस रात की
01:56जब मौत चंदरनात का पीछा कर रही थी
01:59पुलिस और CCTV फोटेज के मुताबित
02:01पूरी प्लानिंग किसी फिल्म की तरह एक्जिक्यूट की गई है
02:05सबसे पहले रात 9 बजे चंदरनात कोलकता से अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में निकलती हैं
02:10वो मध्यम गराम जा रहे थे जहां वो एक किराय के मकान में अकेले रहते थे
02:15गाड़ी उनका ड्राइवर बुढ़ाबे बेरा चला रहा था और चंदरनात फ्रंट सीट पर बैठे हुए थे
02:22फिर रात को करीब 9 बच के 58 मिनट पे कोलकता से करीब 20 किलो मीटर दूड पध्यम गराम के
02:29एक CCTV फुटेज में उनकी स्कॉर्पियो दिखती है
02:32लेकिन यहां एक खतरनाक चीज नोटिस की जाती है
02:36स्कॉर्पियो के पीछे एक कार और दो बैक्स पर सवार तीन लोग उनका पीछा कर रहे थे
02:43और ठीक रात के साड़े दस बजे दोहारिया जंक्शन के पास पीछे से आ रही कार ने अचानक स्कॉर्पियो को
02:51ओवर टेक किया और रास्तार रोक दिया
02:53ड्राइवर को ब्रेक मारनी पड़ी और इसी वक्त बैक्स पर सवार हमलावर गाड़ी के लेफ्ट साइड यानि पैसेंजर साइड पर
03:01आए
03:01और बिना किसी वार्निंग के बिना किसी हिच की चाहट के हमलावरों ने 6 से 10 राउंड फैर कर दिये
03:08चंदरनाथ को चार गोलिया लगी और दो गोलिया सीने के आरपार हो गई एक पेट में भी लग गई और
03:15ड्राइवर बुढ़ा साहब को भी गोली लग गई
03:18दर्शको यानी करीब 40-45 मिनट पीछा करने के बाद सही मौका देखके हमलावरों ने ये प्लान एक्जीक्यूट किया
03:27काम खतम करने के बाद बदमाश अपनी कार वही छोड़ गए और मोटर साइकल पर सवार होकर दो अलग अलग
03:35अलग रास्तों से फरार हो गए
03:37जी हाँ दर्शको दोनों अलग अलग रास्तों पे भाग गए गाड़ी को वही छोड़ दिया पुलिस जब मौके पर पहुँची
03:45तो उन्हें जो मिला वो हैरान करने वाला था ये कोई लोकल गुंडों का काम नहीं लग रहा था सबसे
03:51पहले बात करते हैं हतियार की इस मोड
04:06उन्ने के पास नहीं मिलती दूसरी बात जो कार हमलावर छोड़ के गए थे उसकी नंबर प्लेट फरजी निकली और
04:12चेसिस नंबर के साथ भी छेड़ चाड़ की गई थी ताकि उन्हें ट्रेस ना किया जा सके एक आयविटनेस ने
04:18बताया कि फाइरिंग इतनी करीब से और �
04:32सुनसान सड़क देखी समय देखा महंगी बंदूख रखी और फिर इस प्लान को एक्जिक्यूट किया हमलावर एक सोची समझी साजिश
04:42के तहत पहुँचे थे और उनकी प्लानिंग पूरी थी लेकिन अब सवाल उठता है आखिर क्यूं चंदरनाथ ने भवानीपुर में
04:50स
04:54जवानीपुर वो सीट है जहां सुवेंदू ने ममता बैनर जी को करारी शिकस ती, इलेक्शन रिजल्स के महस तीन दिन
05:01बाद उनका कतल हो जाना कई बड़े सवाल को जनम देता है, क्या ये उनकी जीत की सजा थी, क्या
05:08बंगाल में पॉलिटिकल राइविल्री अब पीए औ
05:23जो शांती से परदे के पीछे काम कर रहा था, वो बंगाल की रक्ठ रंजित राजनीती का शिकार हो गया,
05:31सुवेंदू की बिचारी मा भी बहुत ही उदास थी, और जिस हिसाब से उन्होंने आसु भाए आप भी एक बार
05:37देखिए
05:37की दुख्विल्री चाहिछें आप आप वह मंगाला कमा उत्तान हरे का मेड़ां है और जाब जी परदेश्चे आप शास्ति पार।
05:48की सास्ति चाहिछें की आप जिन मां अमी चाहिए जो नाता जे भासी होक जापत जी ज़न कारा दन दद
05:57चाहिछें
05:57पार्चाई छीजे, आम्रा भारतियों जननता पाटी कोरी बोले, आम्रात के खमोताया, सार्जोन नो, आमादे सोवापत्नी विरोधी तलनेता जोकुन, वोल्चन सुस्तिंफल
06:13बादे ताक्ते, तोकुन, सासोग जोले, जारा गरम-गरम बखतव बोदिये छिनो, जे चात ता
06:27आम्रोग करें पार्वेना, से ताहितार देखिये दिलो, आम्याज के नतुन सुरकार जे गोटन कोर्वे तार्गचेवदा जबू, जे अमाचेले रही नितुजे,
06:40जास्ति तुकुआ है, अमाचेले रही अक्षिदंटे, ओनो गोटन को तो, हमान्मने हो एतो कोस्टो, तो
07:09बेंगाल की सड़कों पर गिरी ये गोलियां और बहता खून सिरफ एक पिये का नहीं, बैलकि हमारे लोग तंत्र और
07:17कान्यून विवस्था पर एक बड़े धब्बे का है, क्या चंदरनाथ रत के कातिल पकड़े जाएंगे, या फिर ये केस भी
07:23बेंगाल के उन
07:24अनसॉल्ट पॉलिटिकल किलिंग्स की फाइल में दब कर रह जाएगा, जो हर इलेक्शन के बाद सिरफ धूल खाती है, आपको
07:32क्या लगता है, क्या ये मुर्डर एक कोइंचिडेंस है, या एक बहुत बड़ी सोची समझी साजश, अपनी राएक कॉमेंट सेक्शन
07:39में जर�
07:53प्रथर देबिस अजिरेक्शन में जरून ये खिले क्या क्यां में पाइल ची राइल क्या है, इलेक्शन फो भ्र्यान जरूं, सब्या
08:00लगता है
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