00:12एक पता के लिए उसकी बेटियां उसका गुरूर होती है लेकिन कानपुर के शामनगर इलाके में जो हुआ
00:18उसने इंसानियत और बाप बेटी के रिष्टे दोनों पर एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है
00:24क्या कोई बाप इतना बेरहम हो सकता है कि अपनी ही ग्यारा साल की जुड़वा बेटियों का गला रेते
00:33और उससे भी बड़ा सवाल क्या डिप्रेशन ऐसे घिनोने जुम का एक वैलिड एक्सक्यूज हो भी सकता है के नहीं
00:48दर्शकों साटड़े की रात थी और घर में सब नॉर्मल लग रहा था
00:52शशी रंजन मिश्रा जो की एक मेडिकल रेप्रेजेंटेटिव है अपनी वाइफ रेश्मा और दो जुड़वा बेटियों के साथ डिनर कर
01:01रहा था
01:01लेकिन उस खामोश रात के पीछे एक बुरा तूफान बल रहा था पुलिस की इन्वेस्टिगेशन के मताबित शशी ने दोनों
01:10बेटियों को बैट पर लिटाया रेश्मा को लगा कि सब सो गए लेकिन रात के धाई बजे शशी एक बेटी
01:17को वाश्रूम लेके गया और उस
01:31का गला काट दिया और सबसे हैरत की बात यह है कि उसने दोनों बेटियों को एक साथ नहीं मारा
01:38बलकि देड़ घंटे के डिफरेंस पे मारा पहले एक को मारा फिर देड़ घंटे बाद अपनी दूसरी बेटी की भी
01:46जान ले ली
01:47ग्यारा साल की बच्चियां जिनोंने शायद अपने बाप पर आँख मून कर भरोसा किया होगा उन्हें मौत के घाट उतार
01:55दिया गया और गुनेगार उनका बाप था दर्शकों खून से सने कपड़े एक शाप वेपन और दो लाशें शशी ने
02:04भागने की कोशिस तक नहीं
02:06की उल्टा उसने खुद पुलिस को फोन मिलाया और कहा कि मैंने अपनी बेटियों को मार दिया है जब पुलिस
02:14वहां पहुँची तो सीन देखकर बड़े बड़े ऑफिसर्स के पैरो तले जमीन निकल गई दोनों मासूम बच्चियां एक खून के
02:24पूल के बीच पड़ी थी
02:25दर्शकों शशी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है लेकिन यहां आता है एक अजीब ट्विस्ट इन्वेस्टिगेशन
02:34में पता चला कि शशी के पास कुछ मेडिसंस और इंटॉक्सिकेटिंग सबस्टेंसिज मिले हैं पुलिस के मुताबित उसे कोई भ
02:54मौत के बाद शशी मेंटली डिस्टर्ब था उसके अंदर टेंडेंसीज भी दिखने लगी थी खुद जान देने की कोशिश भी
03:02उसने की थी शशी ने पुलिस से कहा कि मैं खुद नहीं जीना चाहता था और मुझे चिंता थी कि
03:08मेरे मरने के बाद मेरी बेटियों का क्या हो
03:24जो दवाओं की समझ रखता है पड़ा लिखा आदमी है इतना परिशान इतना डिस्टर्ब था कि उसने डेड़ घंटे तक
03:32इंतजार किया दूसरी बेटी को मारने के लिए आज पूरा कानपुर सदमे में है ये केस सरफ एक मॉर्डर नहीं
03:40बलकि हमारी सुसाइटी में में �
03:42हेल्थ अवेरनेस और अंस्टेबल लोगों के बिहेवियर पर एक बड़ा एलर्ट है लेकिन दर्शकों किसी भी बिमारी के आड़ में
03:50क्या कोई भी इतना बड़ा चुर्म कर सकता है लौर नयपालिका अपना काम करेगी लेकिन उन दो मासूमों की जान
03:58कभी वापिस नहीं �
03:59आएगी उनकी मापर सोचिये क्या बीत रही होगी जिसके पती ने अपनी ही बच्चियों की हत्या कर दी बच्चों की
04:07माने प्रेस से बात करते हुए कहा कि मेरे पती को फासी होनी चाहिए
04:19अब आपको क्या लगता है क्या ये सिरफ मेंटल बिमारी थी या फिर असली कहानी कुछ और थी ये कोई
04:26सोची समझी साजिश तो नहीं थी
04:28अपनी राए कॉमिन सेक्शन में जरूर बताईएगा लेकिन इस दिल दहला देने वाली खबर ने हमें सीख दी है कि
04:35हमारे आसपास याम दिखने वाले परिवारों के अंदर ऐसा कोई बड़ा संकट कभी भी आ सकता है आपको क्या लगता
04:44है आपकी जो भी राए है कॉमिन से
04:57अपनाव
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