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  • 39 minutes ago
সাধু-সন্তদের বৈঠকের পর নিজের প্রতিক্রিয়া জানালেন অযোধ্যার সাকেত ভবনের মহন্ত সীতা রাম দাস। তিনি রাম মন্দির ট্রাস্ট, অনুদান বিতর্ক এবং সাম্প্রতিক ঘটনাবলি নিয়ে গুরুত্বপূর্ণ মন্তব্য করেন। 

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Transcript
00:00देखिए ट्रेश्ट बहुत छोटा पद है, ट्रेश्ट में जो भी पद उनका था वो बहुत छोटा पद है, हमारा सनातन
00:05धर्म जो है, वह महान पद है, सनातन धर्म ही शास्वत है, आस्था सबसे बरी चीज है, सर्धा सबसे बरी
00:13चीज है, सो सर्धा, आस्था और सनातन पे �
00:16जिस तरह से आख्षेप हुआ, उसको देखते हो, उन्होंने इस्थिपा दे दिया, मैं इसके लिए साधुबाद देता हूँ, उनको ये
00:22दलिया देर जो है, पहले दिखाना चाहे था, अगर इस प्रकार से पहले अगर दिखा दिये होते, तो जिस तरह
00:27से सोशल मेडिया पर हम
00:30हमारे सनातनी आहत हुए है, मरमाहत हुए, उन नहीं होते, लेकिन देर ही आए, दुरुस्त आए, स्थिपा दे दिये, मैं
00:37बहुत बहुत उनको शाधुबाद देता हूँ, अभी उनका इससे भी कल्यान हुआ नहीं है, उनको खिलाब मुकदमा पंजी करत करके
00:56जेल भेजा �
00:57लेकिन अभी जो मेन मुख भूमिका में जिनका नाम आ रहा है, जैसे चंपत जी हैं, डाक्टर साहब हैं, गोविंद
01:03गिरी जी भी हैं, जो कोशा ध्यक्ष हैं, वो भी उनको भी स्थिपा देना चाहिए, एक कोश संबंधित जितने भी
01:11अनिमित्ता आया, इसका मेन जिमेद
01:14कोशा ध्यक्ष को होना चाहिए, अभी तक कोशा ध्यक्ष का एक भी वक्तब, एक भी व्यान सारज्वनिक नहीं हुआ, अभी
01:22तक वा मौन चुपिश आदे हुए, बैठे हुए हैं, आप किस काम के कोशा ध्यक्ष हो, आपके कोशे, तमाम खजाना
01:27गयब हो जा रहा है, पै�
01:41नहीं समझ पाएगा वो देश के लिए, सनातन के लिए, संस्कृति के लिए क्या कर सकता, इसलिए जिस तरह से
01:48यह लाखो करोरों सधालों की आस्था आहत हुई है, मरमाहत हुई है, मैं सरफ पर्थम यहा कहूंगा, कि ट्रेस्ट को
01:57पूनरूपे न भंकर देनी चाहिए, एक
01:59दो लोगों के इस्थिपा देने से काम नहीं चलेगा, इस ट्रेस्ट में जितने भी ट्रेस्टी हैं, सभी की अपनी नेतिक
02:05जिमेदारी, जो है, वह अपने जिमेदारी को कहीं न कहीं, गैराना जिमेदारी शमझे, उसको अपना जो है, इस तरह से
02:12नहीं देखे की करोरों कर
02:14लाखों लाखों सरधालों की प्रानों की आहुती दी गई है अपने गेर जमेदारा कारण इस तरह से जो भी तुरूटी
02:22आई जो भी दोश हुआ उनमें सभी ट्रेस्टी के पदादिकारी दोशी हैं सभी को जो हैं इस्थिपा देना चाहिए और
02:29सरकार पुनर एक नव निर्�
02:32जान के तरह से एक ट्रेस्ट का गठन करे उसमें एक आंत्रिम ट्रेस्ट का गठन करे जिसमें सन्तों की भूम
02:37का होनी चाहिए मठ मंधिर का संचालन बिना संत के बिना नहीं हो सक्थया
02:42मठ महंत बीनु कहा गया है त्रियाकंत बीनु पक्षी बन बीनु तो ये जो चीजें गलताये गए हैं लोकुक्ती है
02:51वह इसी अधार पर लोकुक्ती है कि बिना मठ जो है महंत की बिना पूर्न रूपे न पार्दसिता संचालित नहीं
02:58हो सकता है इसलिए उसमें एक आंतरिम ट
03:10संस्कृती अक्षुन रहेगा हमारा समाज अक्षुन रहेगा हमारी जो आस्था है अक्षुन रहेगा ने तो इसी तरह आये दिन हमारे
03:17संस्कृती मेरी आस्था मेरी सरधा आहत होती रहेगी देखिए हम लोग तो केजरिवाल से कोई मतलब नहीं है कोई लेना
03:24देना है क्यो
03:38अच्छी तुरुप से वो लोग सनातन विरोधी हैं, सनातन पक्षधर नहीं हैं, उनको न राम जी से लेना देना है,
03:43न हमारे रामलला शरकार से, न राम जन भूमी से, न आयोध्या से, ये लोग वही एक जो हैं, चेले
03:49चपेटे चटे बटे हैं, जिस तरह से कांगुरेश्�
04:04साथूस्तों को की जयल भेजने का काम किया, वहीं पर ऐसे चेज़रिवाल जो करने पने जिसतरह से उसका वकतब बथा
04:28उसे संातनी मेरे आहत हुए,
04:30तो आ करके वो दर्शन करना एक अलग बात है, लेकिन वो अपनी स्यासत, अपनी राजनीत चमकाने के उदेश से
04:36आया था, सनात्मियों के लिए नहीं आया था, साधू संतों के लिए नहीं आया था, लेकिन कुछ एक तबके हैं,
04:42जो सब से अपना संबंध रखते हैं, तो कु�
04:57तेक फ़बरेर अपडेट पे ते प्रेस कोरून बेल आइकॉन
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