00:29आस्था, विश्वास और समर्पन
00:30पूरे देश को मर्यादा और धर्म का संदेश मिलता है। उसी पावन धर्ती से एक ऐसी खबर सामने आई है
00:36जिसने सब को जग जोड कर रख दिया है। ये कहानी है विश्वास घात की। ये कहानी है उन लोगों
00:42की जिन्होंने प्रभू श्री राम के नाम पर आये चंदे पर ह
00:58शक होता है। मामला मामूली नहीं था, बात जुडी थी करोडों भक्तों की आस्था से। इसलिए ट्रस्ट ने बिना देरी
01:06किये सीधे सरकार से जांच की मांग की। सरकार ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एक थ्री
01:12मेंबर S.I.T. Special Investigation Team का गठन कर दिया।
01:17S.I.T. का एक ही मकसद था, सच को जमीन से खोद कर बाहर निकालना। S.I.T. की
01:23टीम अयोध्या पहुँचती है। एक दिन, दो दिन, नहीं, पूरे छे दिन तक S.I.T. ने अयोध्या में डेरा
01:29डाला। माहौल में तनाद था। ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों और सद
01:46S.I.T. के हाथ जोन लगा, उसने सब के होश उड़ा दिये। जैसे ही S.I.T. ने अपनी
01:51रिपोर्ट सौपी, राम जन्म भूमी कोतवाली में हड़कम्प मच गया। रिपोर्ट के आधार पर तुरंत F.I.R. दर्ज की
01:58गई। लेकिन पुलिस सिर्फ काघजी कारवाई तक सी
02:04पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापे मारी की और उन लोगों को हिरासत में ले लिया, जिनके पास से
02:10चंदे की चोरी की गई रकम बरामध हुई थी। सोचिए, प्रभू श्री राम के मंदिर के लिए आया पैसा आरोपियों
02:17के घरों और ठिकानों से बरामध हो रहा
02:19अब सबसे बड़ा सवाल, आखिर ये लोग है कौन? कौन है ये आठ आरोपी जिन्होंने इस बड़े स्कैम को अंजाम
02:27दिया? चलिए, एक-एक करके इनके नाम देखते हैं.
02:30नमबर एक, राम शंकर यादव अलियास टिन्नू. इस पूरे नेक्सिस का एक एहम हिस्सा. नमबर दो, अनुकल्प मिश्रा. सबसे ज्यादा
02:38सुर्खियों में यही नाम है, क्यूंकि इनकी संपत्ती और रसूख सिर्फ अयोध्या तक सीमित नहीं, बलकि मिल्क पूरी से ल
03:00आवकुष मिश्रा, नमबर छे, रामा शंकर मिश्रा, नमबर साथ, सुभाष श्रीवास्तव, नमबर आठ, मनीश यादव. यह वो आठ नाम हैं
03:08जो इस वक्त पुलिस की हिरासत में हैं, और जिन से लगातार पूछताच चल रही है.
03:14अब समझे इस पूरे मामले का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अंगल. अकसर ऐसे मामलों में कंप्लेंट किसी तीसरे पक्ष या
03:22विपक्ष की तरफ से आती है, लेकिन यहां कहानी बिलकुल अलग है. यहां F.I.R. सीधे श्री राम जन्मभूमी
03:28तीर्थ क्षेत्र ट्रस
03:30की तरफ से दर्ज करवाई गई है. इसका मतलब साफ है, ट्रस्ट खुद अपने भीतर किसी भी करप्षन या गडबड़ी
03:36को बरदाश्ट करने के मूड में नहीं है. ट्रस्ट की इसी ततपरता की वजह से पुलिस ने क्विक आक्शन लिया
03:42और आठ आरोबियों को धरदग�
03:44लेकिन कहानी यहीं खत नहीं होती. जाच एजन्सियों का मानना है, ये तो सिर्फ शुरुआत है. ये आठ लोग शायद
03:52सिर्फ एक बड़े नेटवर्क की टहनिया हैं. जड़ कहीं और हो सकती है. इस कैम में कुछ और बड़े नाम
03:58शामिल हो सकते हैं. नेटवर्क काफी ब�
04:13और परदा भाश लगाताल जारी है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है. क्या इन आठ लोगों के पीछे
04:20कोई मास्टर माइंड बैठा है, जिसका नाम अभी सामने आना बाकी है? और नौईडा से लेकर मिल्क पूरी तक फैला
04:26ये काला सामराज्य आखिर कब तक कान
04:43छूवरा लोगों के बाकी है. बाकी है. युक बाकी है. क्या उेवड लोगों के लिए नाम अब दादी कि वहा
04:53है. पालाएं के लिए लीए खांरे है. ओढ़ए टोगों के लिए लीए लीए.
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