00:00राम मंदिर
00:01करोडो शधालू की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र
00:05लेकिन अब इसी मंदिर के दान को लेकर उठे सवालों ने पूरे देश का ध्यान अपनी और खीच लिया है
00:10सबसे पहले चोरी की खबर आई फिर गिरफतारी हुई और उसके बाद एसाइटी की जाच शुरू हो गई
00:16और अब दो बड़े चहरे सामने आकर अपनी अपनी सफाई दे रही है
00:20एक तरफ ट्रस्ट के पूर्व महासची चंपत राय तो दूसरी तरफ ट्रस्ट के कोशा अध्यक्षिस्वामी गोविन देव गिरी
00:28लेकिन आखिर किस की क्या जिम्मदारी थी और कौन क्या कर रहा था
00:33आई समझते हैं इस पूरी कहानी को शुरू आट से
00:35नमस्कार मैं हो जस्वी कोशेक और आप देख रहे हैं वनिंजिया हिंदी
00:40अयोध्या की श्री राम जन्म भूमीतीत शेत्र ट्रस्ट से जुड़े दानविबाद में हर दिन
00:46कोई ना कोई नया बयान सामने आ रहा है
00:48ये मामला सिरफ कथे चोरी तकसीमित नहीं रहे गया बलकि अब ट्रस्ट के भीतर जिम्मेदारियों
00:54वितई व्यवस्था और जवाब देही पर भी सवाल उठ रही हैं
01:00वही दूसरी तरफ ट्रस्ट के वरिष्ट पद अधिकारियों ने भी पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है
01:07आज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे चंपत राएं ने अपनी चुपी क्यों तोड़ी
01:12गोविन देव गिरी ने स्तीफा देने से इंकार क्यों किया बैंक खातो और वितेय अधिकारियों को लेकर क्या दावा किया
01:19गया और आखिर इस पूरे विवाद में अभी तक क्या तत्थिर सामने आये हैं
01:24तो चलिए शुरू करते हैं पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब दानपात्रों की गिंती के दोरान कथित अनय
01:31मिताओ की बात सामने आये
01:32इसके बाद पुलिस ने कारवाई की कुछ लोगों की गिरफतारी हुई
01:36मामले की गंबीता को देखते हुए विशेश जाच डल यानी SIT का गठन किया गया
01:42जाच शुरूई और धीरे-धीरे सवाल ट्रस्ट के वरिश पद अधिकारियों तक पहुचने लगे
01:47देश भर में चर्चा होने लगी कि आखिर इतनी बड़ी विवस्ता में विताई जिम्मदारी किसकी थी
01:53या सिरफ नीचे के करमचारियों की गलती थी या फिर प्रशासनिक स्तर पर भी जवाब देई तैह होगी
02:00इसी बीच मीडिया की नजर ट्रस्ट के कोश अध्यक्ष स्वामी गोविन देवगिरी पर आई
02:05जब मीडिया ने गोविन देवगिरी से पूछा कि क्या वे नेतिक जम्मदारी लेते हुए स्तीफा देंगे
02:10तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मैं इस तीफा नहीं दूंगा
02:14उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर सीधे आरोप हैं उनके खिलाफ फुलिस कारवाई कर रही है
02:18उनका कहना था कि इस कतित वित्तही गड़बडी में उनकी व्यक्तिकत भूमिका नहीं थी
02:24यहीं से विवाद ने नया मोर ले लिया क्योंकि इसके बाद उन्होंने कुछ ऐसे दावे किये जिनकी चर्चा हर जगे
02:29होने लगी।
02:30ट्रस्ट की बैठक के बाद गोविन देवगिरी ने कहा कि वे अधिक तर समय यात्राओं पर रहते हैं।
02:35उन्होंने बताया कि महीने या डेड़ महीने में सिरफ एक बार अयुद्या आते हैं।
02:40इसके साथ उन्होंने कहा कि बैंट से जुड़े किसी भी बुक्तान या लेंदेन में उनके अस्ताक्षर नहीं होते थे।
02:46यानि उनका दावा है कि वे ट्रस्ट के कोशा अधिक्ष जरूर थे लेकिन रोज मरा के विताई संचालन और बैंकिंग
02:52प्रक्रिया में उनकी सीधी भूमिका नहीं थी।
02:55उन्होंने यहां तक कहा कि दानपातों के गिंती की पूरी प्रक्रिया उन्हें हाल ही में विस्तार से समझाई गई।
03:00इससे पहले उन्हें इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी।
03:04अगर उनके इन बयानों को देखा जाए तो उनका पक्ष यही है कि उनके पास पच जरूर था लेकिन विताई
03:09संचालन का वास्तविक नियंत्रण उनके पास नहीं था।
03:13अगर कि उनका पक्ष है इन दावों की पुष्टी या खंडन जाच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही सपष्ट
03:18हूँ।
03:18अब बात करते हैं उस नाम की जिस पर पिछले कुछ दिनों से सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है।
03:24पूर्ब महासेचीफ चंपत राय कहीं दिनों तक चुप रहने के बाद उन्होंने पहली बार सारवजनिक बयान चारी किया है।
03:31उन्होंने कहा कि 7 जून 2026 को दानपात्रों की गिंती के दौरान हुई कथे चोरी के बाद उनके खिलाफ लगातार
03:38आरोप लगाये जा रहे हैं।
03:40लेकिन उन्होंने अब तक जान भूच कर मोन रखा।
03:43क्यों? क्योंकि मैं चाहते थे कि जाच पूरी हो।
03:46उन्होंने कहा कि S.I.T. की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद बेहरारोप का क्रमवार जवाब देंगे।
03:52उन्होंने अपने बयान में लिखा कि उनका लगबग पे 45 वर्षों का सार्वजनिक जीवन एक कुली किताब की तरह है।
03:59उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और जाच एजन्सियों पर पूरा भरोसा है।
04:03और अंत में जीत सत्ते की ही होगी।
04:05चंपतराहे ने अपने बयान में एक और महत्वपूर्ण बात की।
04:08उन्होंने कहा कि SIT की प्रारंबिक रिपोर्ट गोपने होनी चाहिए।
04:12लेकिन उसके कुछ हिस्से सार्वजनिक चर्चा का विशय बन गए।
04:16उनका कहना है कि इससे कहीं तरह की अटकले और अफ़ाहे फैल रही हैं।
04:21हाला कि ये भी आद रखना जरूरी है कि अभी तक SIT की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
04:26इसलिए किसी भी प्रारंबिक जानकारी को अंतिम निशकर्श्म नहीं माना चाह सकता।
04:30अब यहाँ सबसे बड़ा सवाल यही है।
04:32अगर गोविन देव गिरी के अनुसार बैंक हातों पर उनके हस्ताक्षर नहीं होते थे।
04:37और अगर चंपत राय जाज पूरी होने तक जवाब देने की बात कर रही हैं।
04:42तो आखिर मंदिर के विताई संचालन की जिम्मेदारी किस के पास थी।
04:45कुछ मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि प्रशासनिक और वित्ताई कामकाज में पूर्व
04:51महासचीव की महत्वपूर भूमिका थी।
04:54लेकिन ये बात अभी जाज के अंतिम निशकर से प्रमाडित नहीं हुई है।
04:59यही कारण है कि इस समय किसी भी व्यक्ति को दोश या निर्दोश गोशित करना उचित नहीं होगा।
05:05जाच जारी है और अंतिम तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है।
05:08अब सबकी नजर एस आईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
05:11यह रिपोर्ट तै करेगी कि क्या मामला केवल कुछ करमचारियों तक्सीमित था।
05:15यह जिम्मेदारी उचे स्तर्ट तक भी जाती है।
05:18क्या ट्रस्ट किये कारे प्रणाली में बदलाव की जरुरत होगी।
05:22क्या जवाब दे ही तै होगी।
05:24और क्या शधालों के मन में उठे सवालों का जवाब मिल पाएगा।
05:27इन सबी सवालों का जवाब आने वाले समय में जरूर मिलेगा।
05:30फिलाल इस पूरे मामले में दो बाते तो बिलकुल साफ हैं।
05:33पहली जाच अभी पूरी नहीं हुई है।
05:35दूसरी दोनों प्रमुक पक्ष अपनी अपनी सफाई दे चुके हैं लेकिन अंतिम फैसला जाच और कानून की अधार पर ही
05:41होगा।
05:42अब सबसे बड़ा सवाल फिर वही है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट इस पूरे विवात की दिशा बदल देगी और
05:48अगर उसमें बड़े खुलासे हुए तो क्या ट्रस्ट की कारे प्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
05:54इस मामले से जुड़ी हर बड़ी अपडेट आपके लिए हम लाते रहेंगे। जुड़े रहे हमारे साथ।
05:59नमस्कार आप देख रहे हैं One India Hindi
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