00:00कभी कच्चा तेल 120 डॉलर प्रती बैरल के करीब पहुँच गया था और अब वही क्रूड ओयल करीब 76 डॉलर
00:07के आसपास आ चुका है।
00:09कुछी समय में तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट ने पूरी दुनिया के एनरजी मार्किट को हिला दिया
00:15है।
00:15सवाल ये है कि जब कच्चा तेल इतना सस्ता हो रहा है तो क्या इसका फाइदा भारत के आम आदमी
00:21को मिलेगा? क्या पिट्रोल और डीजल के दाम अब कम होंगे? दरसल कुछ समय पहले मिडल इस्ट में बढ़ते तनाव
00:28ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था।
00:31खास कर हॉर्मन स्ट्रेट को लेकर डर बढ़ गया था क्योंकि दुनिया के तेल कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते
00:37से गुजरता है। अगर यहां सप्लाई रुकती तो क्रूड ओयल की कीमतें और उपर जा सकती थी। इसी डर की
00:44वज़ह से अंतराष्ट्रिय बाजा
00:46बाजार में कच्चे तेल ने तेजी दिखाई और कीमतें 120 डॉलर प्रती बैरल के आसपास पहुच गई। लेकिन अब कहानी
00:53बदल चुकी है। जैसे जैसे वेस्टेशिया में तनाव कम होने के संकेट मिले और हॉर्मस ट्रेट से तेल टैंकरों की
00:59आवाजाही सामान्य होने
01:01बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई। इसका सीधा असर क्रूड ओयल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड चार
01:08महीने के निचले स्तर के करीब पहुच गया जबकि WTI क्रूड भी 70 डॉलर के आसपास आ गया। लेकिन अब
01:15सबसे बड़ा सवाल क्या पेट्रो
01:23पेट्रोल और डीजल की कीमत सिर्फ कच्चे तेल के दाम से तै नहीं होती। इसके पीछे कई बड़े फैक्टर काम
01:28करते हैं। पहला फैक्टर है डॉलर और रुपिये का रिष्टा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा क्रूड ओयल इंपोर्ट करता
01:35है। जब डॉल
01:50अश्ट्रिय बाजार में तेल सस्ता होने के बाद भी आम लोगों तक राहत पहुँचने में समय लग सकता है। तीसरा
01:56फैक्टर है ओल मार्केटिंग कंपनीज यानी OMC's। कंपनिया पहले खरीदे गए महेंगे तेल, रिफाइनिंग खर्च और अपने मार्जन को भी
02:05ध्या
02:18में तुरंत बड़ी कटोती नहीं दिखी। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि क्रूड ओयल क्रैश का कोई फाइदा नहीं होगा।
02:25सस्ता कच्चा तेल भारत जैसे बड़े इंपोर्टर देश के लिए बड़ी राहत है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिलकम हो सकता
02:32है, महंगा�
02:33पर दबाव घट सकता है, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट कम होने की उम्मीद बढ़ सकती है, और अगर क्रूड ओयल लंबे समय
02:39तक इसी स्तर पर बना रहता है, तो आने वाले समय में पेट्रोल डीजल के दामों में राहत की संभावना
02:45बढ़ सकती है, क्योंकि जब कम्पनियों को
02:47लगातार कम कीमत पर कच्चा तेल मिलता है, तो उनके पास कीमत घटाने की गुंजाईश बढ़ती है, लेकिन एनरजी मारकेट
02:54में एक बात हमेशा याद रखनी होगी, तेल की कीमतें सिर्फ डिमांड और सप्लाई से नहीं चलती, जियो पॉलिटिक्स, युद,
03:01डॉलर, प
03:17बात से मिली है कि तेल सप्लाई को लेकर सबसे बड़ा डर कम हुआ है, तो कहानी सिर्फ इतनी नहीं
03:23है कि 120 डॉलर से 76 डॉलर पर आया क्रूड ओल, असल सवाल ये है कि क्या ये गिरावट आपकी
03:30गाड़ी की टंकी तक पहुँचेगी, आने वाले कुछ हफते तै करेंगे कि
03:33क्रूड ओल क्रैश सिर्फ इंटरनाशनल मार्केट की खबर बन कर रह जाता है या फिर भारत के करोडों लोगों की
03:39जेब को भी राहत मिलती है
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