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कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। $120 प्रति बैरल से गिरकर Crude Oil करीब $76 तक पहुंच गया है। West Asia तनाव कम होने और सप्लाई चिंता घटने से बाजार में राहत आई है। अब सवाल है कि क्या इस गिरावट का फायदा भारत में Petrol और Diesel की कीमतों में मिलेगा? जानिए तेल बाजार, महंगाई और आम आदमी पर इसका असर।

Crude Oil prices have witnessed a major fall, dropping from around $120 per barrel to nearly $76. The decline came as supply concerns eased and tensions in the global oil market reduced. The big question now is whether this crash will bring cheaper Petrol and Diesel prices in India. This report explains the impact of falling crude prices, inflation, fuel pricing, and what consumers can expect next.

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00:00कभी कच्चा तेल 120 डॉलर प्रती बैरल के करीब पहुँच गया था और अब वही क्रूड ओयल करीब 76 डॉलर
00:07के आसपास आ चुका है।
00:09कुछी समय में तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट ने पूरी दुनिया के एनरजी मार्किट को हिला दिया
00:15है।
00:15सवाल ये है कि जब कच्चा तेल इतना सस्ता हो रहा है तो क्या इसका फाइदा भारत के आम आदमी
00:21को मिलेगा? क्या पिट्रोल और डीजल के दाम अब कम होंगे? दरसल कुछ समय पहले मिडल इस्ट में बढ़ते तनाव
00:28ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था।
00:31खास कर हॉर्मन स्ट्रेट को लेकर डर बढ़ गया था क्योंकि दुनिया के तेल कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते
00:37से गुजरता है। अगर यहां सप्लाई रुकती तो क्रूड ओयल की कीमतें और उपर जा सकती थी। इसी डर की
00:44वज़ह से अंतराष्ट्रिय बाजा
00:46बाजार में कच्चे तेल ने तेजी दिखाई और कीमतें 120 डॉलर प्रती बैरल के आसपास पहुच गई। लेकिन अब कहानी
00:53बदल चुकी है। जैसे जैसे वेस्टेशिया में तनाव कम होने के संकेट मिले और हॉर्मस ट्रेट से तेल टैंकरों की
00:59आवाजाही सामान्य होने
01:01बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई। इसका सीधा असर क्रूड ओयल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड चार
01:08महीने के निचले स्तर के करीब पहुच गया जबकि WTI क्रूड भी 70 डॉलर के आसपास आ गया। लेकिन अब
01:15सबसे बड़ा सवाल क्या पेट्रो
01:23पेट्रोल और डीजल की कीमत सिर्फ कच्चे तेल के दाम से तै नहीं होती। इसके पीछे कई बड़े फैक्टर काम
01:28करते हैं। पहला फैक्टर है डॉलर और रुपिये का रिष्टा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा क्रूड ओयल इंपोर्ट करता
01:35है। जब डॉल
01:50अश्ट्रिय बाजार में तेल सस्ता होने के बाद भी आम लोगों तक राहत पहुँचने में समय लग सकता है। तीसरा
01:56फैक्टर है ओल मार्केटिंग कंपनीज यानी OMC's। कंपनिया पहले खरीदे गए महेंगे तेल, रिफाइनिंग खर्च और अपने मार्जन को भी
02:05ध्या
02:18में तुरंत बड़ी कटोती नहीं दिखी। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि क्रूड ओयल क्रैश का कोई फाइदा नहीं होगा।
02:25सस्ता कच्चा तेल भारत जैसे बड़े इंपोर्टर देश के लिए बड़ी राहत है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिलकम हो सकता
02:32है, महंगा�
02:33पर दबाव घट सकता है, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट कम होने की उम्मीद बढ़ सकती है, और अगर क्रूड ओयल लंबे समय
02:39तक इसी स्तर पर बना रहता है, तो आने वाले समय में पेट्रोल डीजल के दामों में राहत की संभावना
02:45बढ़ सकती है, क्योंकि जब कम्पनियों को
02:47लगातार कम कीमत पर कच्चा तेल मिलता है, तो उनके पास कीमत घटाने की गुंजाईश बढ़ती है, लेकिन एनरजी मारकेट
02:54में एक बात हमेशा याद रखनी होगी, तेल की कीमतें सिर्फ डिमांड और सप्लाई से नहीं चलती, जियो पॉलिटिक्स, युद,
03:01डॉलर, प
03:17बात से मिली है कि तेल सप्लाई को लेकर सबसे बड़ा डर कम हुआ है, तो कहानी सिर्फ इतनी नहीं
03:23है कि 120 डॉलर से 76 डॉलर पर आया क्रूड ओल, असल सवाल ये है कि क्या ये गिरावट आपकी
03:30गाड़ी की टंकी तक पहुँचेगी, आने वाले कुछ हफते तै करेंगे कि
03:33क्रूड ओल क्रैश सिर्फ इंटरनाशनल मार्केट की खबर बन कर रह जाता है या फिर भारत के करोडों लोगों की
03:39जेब को भी राहत मिलती है
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