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This is not just a funeral—it is shaping up to be a historic and defining moment in Middle Eastern politics. Between July 4 and July 9, 2026, Iran's late Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei will be laid to rest with full state honors in Tehran, Najaf, Karbala, and Mashhad. Iran has invited world leaders from across the globe, and President Masoud Pezeshkian has formally extended an invitation to Indian Prime Minister Narendra Modi.

The biggest question now is what level of representation India will choose for this occasion. As Iran’s highest political and religious authority, Khamenei was far more than a head of state, meaning India's decision will carry significant diplomatic symbolism beyond a simple gesture of condolence.

यह सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि मध्य पूर्व की राजनीति का एक ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण बनने जा रहा है। 4 से 9 जुलाई 2026 के बीच ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को तेहरान, नजफ़, करबला और मशहद में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। ईरान ने दुनिया भर के नेताओं को आमंत्रित किया है और राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी औपचारिक न्योता भेजा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत इस अवसर पर किस स्तर का प्रतिनिधित्व करेगा। खामेनेई ईरान की सर्वोच्च सत्ता के प्रतीक थे, इसलिए भारत का फैसला केवल शोक-संदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके व्यापक कूटनीतिक संकेत भी होंगे। एक ओर ईरान के साथ भारत के रणनीतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका और इज़राइल जैसे महत्वपूर्ण साझेदारों की नजरें भी नई दिल्ली पर टिकी हैं। ऐसे में भारत का यह निर्णय आने वाले वर्षों में पश्चिम एशिया में उसकी भूमिका और प्रभाव को नई दिशा दे सकता है।

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~PR.516~ED.108~GR.508~HT.96~VG.HM~

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00:00तारीक नोट कर लीजे, 4 जुलाई से 9 जुलाई 2006 तक जगा, तहरान, नजफ और मशहत
00:07मौका, एक ऐसे नेता की आखरी विदाई जुसने लगभग चार दश्कों तक ना सिर्फ इरान बलकी पूरी दुनिया की सियासत
00:14को अपनी उंगलियों पर न चाया
00:15आयातुलाली खामनाई, फरवरी से एक अमेरिकी इजराईली हवाई हमले में उनकी मौत के बाद अब एरान उनकी दुनिया का सबसे
00:22बड़ा राश्कियन तिम संसकार देने जा रहा
00:24इरान के राश्क्रपती मसूद पिजश्कियन ने खुद चिट्थी लिखकर भारत के प्रधान मंत्री नरेंडर मूदी को नियोता भीजा है
00:31पूरी दुनिया की नजरे इस वक्त नई दिल्ली पर टिकी है सवाल सर्फ यह नहीं है कि इरान में कौन
00:35जुटेगा
00:36सवाल यह है कि क्या पियम मूदी खुद तहरान जाएंगे क्योंकि भारत की कुर्सी पर कौन बेठेगा इसी से तैह
00:42होगा कि आने वाले वक्त में मध्यपूर्व यानी मिडलीस में भारत का रुतबा क्या होने वाला है
00:47भारत के इस पड़े कूट नीतिक इंतिहान की इंसाइट स्टूरी आज हम आपको बताएंगे
00:51पहले समझे कि अंतिम संस्कार कोई एक दिन का कारिक्रम नहीं है
00:54यह करीब एक हफते तक चलने वाला एक महा आयोजन है
00:58चाल जुलाई से इसकी शुरुआत को खामनाई की पार्थिव शरीर को सबसे पहले तहरान की ग्राइंड मुसल्ला परिसर में अंतिम
01:05दर्शन के लिए रखा जाएगा
01:06ऐसके बाद तहरान और क्रोम की सड़कों पर लाखों लोगों का हुँजूं उम्रेगा
01:11बाद सर्फ एरान तक नहीं रुकेगी उनके शरव को इराक के सबसे पवित्र शहरों नजफ और कर्बला भी ले जाया
01:17जाएगा जहां विशेश प्रातनाई होंगी
01:19और आखिर में 9 जुलाई को खामनाई की पैत्रिक शहर मशहर की मशूर इमाम रजा दरगाह में उन्हें सुपूर्दे खाक
01:27किया जाएगा
01:28इरानी अधिकारियों का मानना है कि इसमें लाखों नहीं बलकि करोडों लोग जुट सकते हैं
01:32लेकिन यह सर्फ एक विदाई नहीं है युदिकी आग में जुलस चुके मिडल इस में इरान इस आयोजन के जरिया
01:38अपनी ताकत का कूपनीतिक प्रदर्शन यानि डिप्लोमाटिक शो ओफ स्ट्रेंथ करने जा रहा है
01:42अब आते हैं असले मुद्दे पर इरान चाहता है कि भारत इस इतिहासिक पल का गवाह बने लेकिन भारत के
01:48सामने एक बड़ा धर्म संकट है आखिर भारत की तरफ से बहां जाएगा कौन
01:53जरा तिहास के पन्नों को पलटते हैं मैं दोहजार चौबिस में जब इरान के ततकालीन राष्ट्रपती इब्राहिम रईजी की एक
01:59हेलिकॉप्टर हादसे में मौत हुई थी तब भारत में बकाइदा एक दिन का राष्ट्रिय शोग गोशित कर दिया था
02:05देश का तिरंगा आधा जुका दिया गया था और भारत की तरफ से उप राष्ट्रपती जगदीब धंकड खुद तहरान गये
02:11थी लेकिन ध्यान रखी रईजी सिर्फ राष्ट्रपती थे खामनाई इरान के सुप्रीम लीडर थे यानि पूरी सत्ता के सर्वे सर्वा
02:18जिन
02:35नहीं है एक तरफ रूस, चीन, पाकिस्तान, इराक, सीर्या और लेबनॉन जैसे देश है जिन्होंने अपनी मौजूदगी पक्की कर दी
02:41है दूसरे तरफ अमेरिका और इस्राइल जैसे देश है जिनकी नजरे इस बात पटिकी है कि भारत क्या रुख अपनाता
02:46है हाला कि भ
03:02देश मंत्री अबास अरागजी खुद नहीं दिल लिया थी, ब्रिक्स की बैठक में हिस्ता लिया और प्येम मोदी से भी
03:07मुलाकात थी, यानि दोनों देशों की बीच कूट नीतिक रास्ते पूरी तरह खुले हुए, भारत हमेशा से स्ट्राटजिक ऑटोनॉमिक की
03:13नीती �
03:14पर चलता रहा है, इसका सीधा मतलब है हम दुनिया के हर देश पे अपने फायदे के लिए बात करेंगे,
03:19लेकिन किसी के दबाव में आगर कोई भी फैसला नहीं करेंगे, हम किसी के मोहरे नहीं बनेगे, साल दोजार शब्वीस
03:25में खामनाई का ये अंतिम संसकार भारत की सी
03:32युग के शुरुबात ही है, लेकिन इसे वाशिंटन और तेल अवीव में भौहे दन सकती है, और अगर भारत किसी
03:39निचले स्थर के प्रती निदी मंडल को भेजता है, तो एरान इसे खंडे संदेश के रूप में देख सकता है,
03:45चार जोलाई बेहत करीब है, तेहरान की तर
04:02मिडलीज के नए समिकर्णों का हिस्सा बनेगा, या फिर अपनी दूरी बनाए रखेगा, जवाब जो भी हो, लेकिन एक बात
04:08तो तेह है, भारत का ये फैसला आने बाले कई दश्कों तक भारत और इरान के रिष्टों की कहानी लिखेगा,
04:13आपके इस पर क्या राय है, क्या
04:17अपने राय हमें कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताए, फिलाल बस इतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के
04:22लिए बने रहें, वन इंदिया हिंदी के साथ
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