00:00शहज़ादा कासिम अलाहिससलाम ने तावीज खोला, तो देखा कि बाबा हसन अलाहिससलाम ने अपनी तहरीर में यह लिखा था
00:07ऐ नूर ऐ दीदा कासिम मैं तुम्हें वसीयत करता हूँ कि जब तुम्हारे चचा दुश्मनों में घर जाए तो कोशिश
00:15करना कि अपना सर उनके कुदमों पर कुर्बान कर दू
00:19अगर वो तुम्हें जान कुर्बान करने की इजाज़त न दे तो बार बार इजाज़त मांगता की इजाज़त दे दे
00:25क्योंकि हुसैन अलाहिससलाम पर जान कुर्बान करना अबदी सादत की कुंची है
00:31जनाब कासिम अलाहिस्सलाम ने बाबा की वसीयत पर ही तो खुशी से आराम न कर सके बलकि फॉरन चचा के
00:39पास आए और बाबा की लिखी तहरीर दिखाई
00:41जैसे ही हजरत इमाम हुसैन अलाहिस्सलाम की नजर भाई की तहरीर पर पड़दी और मजमून नजरों से घुजरा तो उंची
00:51आवाज से रोने लगे
00:52हवाला मदीना से मदीना तक सफा 347
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