00:00फिल्म धरंदर एक ऐसी जासू सी एक्शन थ्रिलर है जो शुरू होते ही नाजर को अपनी गिरफ्त में ले लेती है।
00:07फिल्म की कहानी संजीदा, गहरी और थोड़ी भारी जरूर है।
00:11मगर जो लोग स्पाई फिल्मों के शौकीन हैं, उनके लिए ये एक मुकमल पैकेज साबित होती है।
00:16रेन्वीर सी ने खुफिया एजेंट के किरदार में जान डाल दी है, जबकि संजय दत्व और अक्षय खन्ना जैसे अदाकार फिल्म को मजीद मजबूत बना देते हैं।
00:25हर किरदार अपनी जगा वजन रखता है और कहीं भी ये महसूस नहीं होता कि कोई अदाकार सिर्फ वक्त गुजार रहा है।
00:33फिल्म का एक्षिन हकीकत के खरीब है, यानि बेजा हीरोगिरी कम और मनसूबा बंदी, जेहांत और खत्रा ज्यादा दिखाया गया है।
00:42बैक्राउंड म्यूजिक खास तोर पर काबिले तारीफ है, जो हर अहम सीन में सनस्नी को दोगुना कर देता है।
00:49कुछ मंजर वाकई सेट से उठकर दिल पर लगते हैं, खास तोर पर वो सीन जहां खामोशी खुद बोलने लगती है।
00:57अलत्ता फिल्म की लंबाई इसका सबसे बड़ा मसाला है।
01:01तकरीबन साड़े तीन घंटे की फिल्म में कुछ मंजर ऐसे भी हैं, जो थोड़े कम हो सकते थे।
01:06दर्मियान में कहानी कुछ देर के लिए सुस्त महसूस होती है, लेकिन एक्तिताम दोबारा रफ्तार पकड़ लेता है।
01:13तशदुत के मंजर भी खासे सक्त है, इसलिए हर उम्र के नाजीर के लिए ये फिल्म मुनासिब नहीं।
01:19मजमूई तौर पद हरंदर एक ताकवर, संजीदा और ध्रिल से भरपूर फिल्म है जो एक बार जरूर देखी जा सकती है।
01:25खास तौर पर अगर आपको जासूसी कहानिया, सियासी पसमंजर और मजबूत अदाकारी पसंद है, ये फिल्म तफ्रिय के साथ साथ बहस भी छेड़ती है और शायद यही इसकी असल काम्याबी है।
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