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Telegram को लेकर Delhi High Court में चल रही सुनवाई पर Cyber Law Expert Pawan Duggal ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अदालत नागरिकों के अधिकारों और देश की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगी। Telegram की कानूनी जिम्मेदारियों, भारतीय एजेंसियों के साथ सहयोग और IT Act के प्रावधानों के पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं। क्या यह फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए नया संदेश बनेगा? जानिए पूरी रिपोर्ट।

The Delhi High Court's verdict on Telegram has sparked a major debate around digital rights, national security, and platform accountability. Cyber law expert Pawan Duggal explains how the court may balance citizens' rights with India's sovereignty and security interests. He also raises questions about Telegram's compliance with Indian laws, cooperation with agencies, and the effectiveness of platform blocking. Watch the full analysis on this landmark case.

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00:00देखी बहुत इंट्रेस्टिंग सा मुद्धा है, डिबेंड करता है कि कोट क्या कहती है, लेकिन मुझे लगता है कोट के
00:05सामने कुछ बहुत महत्वपूर्पूर पहलू होंगे कि कोट बैलेंस कैसे करेगी लोगों की अधिकारों को और साथी साथ राश्ट्र के
00:14स्टैटिज
00:27आप ने कानौन का पालन किया है क्या जो कानौन भारत का कहता है उसके प्रावधानों का आपने उलंगत नहीं
00:32किया है, अगर इस तारह के सवालों के जवाब clear मिल जाते हैं कोट को, तो कोट एक नर्णे लेने
00:39में एक सही दिशा पर चली जाएगी, वैसे भी मुझे लगता ह
00:42कोट के सामने मुद्दा रहेगा कि वो एक golden balance बनाए between rights of the people and the rights of
00:50the sovereign government कारण यह है कि जो sovereign government है उसके पास आज blocking का अधिकार है और एक
00:56statutory अधिकार है section 69a भारत के सूचना प्रण्द्योगी की कानून के तहट और इसके तहट जो इसके exercise किया
01:04गया है पावर वह भी राष्ट्र की प्
01:10प्रशाल से concepts है कि उसके अंतरकर बहुत सारी चीज़े आती है एक चीज और जो अधालत के माइन में
01:18रह सकती है वो यह है कि शायद अधालत टेलेग्राम जैसे app की conduct को भी देखेगी देखेंगे देखने में
01:26आया है कि पिछले कई सालों से टेलेग्राम पर अंधा धुन्द
01:30प्रकार के criminal activity चल रही है और टेलेग्राम इस तरह के criminal activity को रोखने में बहुत ना तो
01:36interested है ना ही कोई कदम उठा रहा है दूसरी बात अन्य और जितने भी आप्स हैं प्लाटफॉर्म्स हैं वो
01:42तो भारती agencies के साथ cooperate करते हैं information देते हैं जो उनको दी नहीं बीचे हैं intermediary होने के
01:48ना थे भारत के सूचना प्रद्ध्योगी की कानों में लेकिन जो टेलेग्राम है वो अधिकांज स्वाट पर information आपको नहीं
01:55देता तो वितर रजल्ट law enforcement agencies कई बर एक dead end पर पहांच जाती है कि साब हमने identify
02:01तो कर लिया लेकिन क्योंकि आपकी app से information नहीं आई हम आगे नहीं ब
02:18सरकार ने तो एक ही नलका बंद किया है साइबर क्रिमिल्स के बाकी के पास बाकी उनचास नलके भी तो
02:24हैं इन साइबर क्राइम की गतिविजियों करने के लिए तो यही क्यों application पर खास गाज गिरी है कोट इस
02:32पर भी नजर मारेगी और कहीं ना कहीं मुझे रगता है आज ज
02:56लगज़ा तो शॉर्मचात दिया
03:17किसाब इतने करोड यूजर जो है वो वंचित हो रहे हैं आपके आप बैंट से पहले यह पर्मनेंट बैंट नहीं
03:23है दूसरा इलिमिटेड बैंट है और ब्लॉकिंग है पर्टिकलर डेट तक 22 जून तक परपस यह है कि जो पहले
03:30हुआ था उसका एक्शन डिप्ले ना हो और क
03:35लगता है कि यह भी तो थाबित करना पड़ेगा कि साब पहली बार जब घटना होई थी हमने एप होने
03:41के नाते क्या किया था कानून तो बहुत स्वष्ट है कि साब आपको तो ड्यू डिलेजिंस करनी है जब आप
03:47अपनी ऑप्लिगेशन का निर्वाह करते हैं सेक्शन 79 3 आ
04:05क्यों कि एक तो लोगों को क्लारिटी हो जाएगी कि उनकी अधिकार कहां ख़़े होते हैं जब ब्लॉकिंग का हम
04:13परिवेश की बात करते हैं और दूसरा कि क्या एप्लिकेशन प्रवाइडर्स या एप प्रवाइडर्स अंधाद हों तो कि जो मर्जी
04:22में आये करना चाहते ह
04:23करते हैं और कानून का पालन नहीं करते हैं और यह क्या भारती अदालतों के साथ सही है मुझे रगता
04:30है यह इंपोर्टन फैक्टर्स होंगे श्रेय सिंगल बनाम यूरिन अफ इंडिया एक महतुपूर्ण फैसला सुप्रीम कोर्ट ने लगभग 10 साल
04:36पहले दिया था जिसम
04:51की भी है मुझे लगता है क्यों कि मैं उप भोगता हूं कि दिश्टी कौर्ण से देखूं तो उनकी क्या
04:56गलती है कि आप उनको सजा दे रहे हैं प्लैटफॉर्म की गलती के वज़ा से देखा जाए तो दूसरी कौर्ण
05:03से तो साब प्लैटफॉर्म ने गलती करी है तो उसक
05:20recorders को अपने आपको ये भी पूछना है कि साब क्या आज की तारीक में
05:24blocking कामयाब है भी या नहीं मुझे तो नहीं रगता कि blocking आज
05:28की तारीक में कामयाब होती है in fact blocking से तो आप उस
05:32app की traffic को और बढ़ा देते हैं हमारे भारतवास नहीं सब लोग
05:35उत्सुक हैं पता लगता बैन हुआ भाई चलो चल के देखते हैं क्यों
05:39बैन हुआ तो जिन्होंने नहीं भी जाना वो भी चले जाते हैं दूसरा आज
05:43इंटरनेट पर आप पूरी तरीके से बैन नहीं कर सकते हैं आपके वर अपने
06:08आपको एक और नया इनोवेटिव तरीका अपनाना पड़ेगा कि साहब आप अपने कानून को ता सशक्त करिए और संदेश दीजिए
06:18सब्स प्वाइडर्स को कि साथ कहलवाल करने क्या उश्रता नहीं है
06:22अगर आप करेंगे तो कानूनी परस्तियों का सामना करना पड़ेगा और ब्लॉकिंग भी एक कानूनी परस्ति है
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